खुशखबरी:12 साल बाद अब शुरू हो सकेगा काली नदी पुल
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यह था मामला
बरौली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कनौरा के निकट काली नदी पर वर्ष 2005-06 में पूर्व मुख्यमंत्री एवं अतरौली क्षेत्र के विधायक कल्याण सिंह के कार्यकाल में पुल का निर्माण कराया गया था। पुल के निर्माण का उद्देश्य इस क्षेत्र के लगभग 30 ग्रामों को रायपुर स्टेशन मुख्य मार्ग से जोड़ने का था। पुल निर्माण के समय ग्राम कनौरा की ओर 800 मीटर भूमि की आवश्यकता थी। क्षेत्रीय ग्रामीण पहुंच मार्ग के निर्माण की मांग वर्षों से करते आ रहे थे। लेकिन ग्रामीण मार्गों पर अधिग्रहण का प्रावधान न होने के चक्कर में सरकार इस 800 मीटर के टुकड़े के लिए बजट देने को तैयार नहीं थी तो किसान भी मुफ्त में भूमि देने को तैयार नहीं थे।
बरौली विधायक ने किए कई साल प्रयास
वर्ष 2012 में यह क्षेत्र बरौली विधानसभा में आ गया। यहां से निर्वाचित विधायक ठा. दलवीर सिंह ने विधानसभा में इस समस्या को रखा, विधानसभा में बहस के बाद सरकार ने इस प्रकरण को आश्वासन समिति की सुपुर्द कर दिया। बरौली विधायक आश्वासन समिति में सदस्य होने के कारण तभी से लगातार इस प्रकरण को सरकार के समक्ष बार-बार उठा रहे थे। लेकिन नई जमीन अधिग्रहण अधिनियम के तहत आवश्यक धनराशि अधिक होने के कारण सरकार लगातार टालती रही। लखनऊ स्तर से भी कई बार उच्च अधिकारी मौका मुआयना कर अपनी रिपोर्ट शासन को दे चुके थे। प्रदेश में सरकार बदलाव होने के बाद बरौली विधायक ने उक्त प्रकरण को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष रखा। उन्होंने इस प्रकरण पर अधिकारियों को शीघ्र निर्णय लेकर मार्ग निर्माण कराये जाने के निर्देश दिये।
काली नदी पर बने पुल पर आवागमन शुरू होने के लिए बजट मिलने के बाद मेरी 12 वर्षों की तपस्या फलीभूत हो गई है। 800 मीटर के एप्रोच मार्ग में आ रहे करीब 20 किसानों को मुआवजे के लिए करीब 50 लाख रुपया मिल जाएगा। मैं अपने प्रयासों से संतुष्ट हूं।
-ठा.दलवीर सिंह, विधायक बरौली