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मस्तिष्क को सोचने की शक्ति देती है डॉ. द्विवेदी की लेखनी
अमर उजाला ब्यूरो/ अलीगढ़
Updated Sat, 18 Jul 2015 01:58 AM IST
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साहित्यकार डॉ. वेद प्रकाश अमिताभ ने कहा कि डॉ. महावीर द्विवेदी हिंदी गीत एवं गजल के उन्नायकों में उल्लेखनीय है। उन्होंने अपनी रचनाओं में लोक प्रियता और स्तरीयता का समुचित समन्वय किया है। उनका स्मरण एक तरह से सार्थक सर्जना का स्मरण है।
शुक्रवार को वे रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज में प्रख्यात गीतकार डॉ. महावीर द्विवेदी की द्वितीय पुण्य तिज्ञि पर आयोजित संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम शिखर साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। साहित्यकार डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि डॉ. द्विवेदी के गीत प्रेम, सद्भाव और समन्वय की गीत है।
उनकी लेखनी दिल को राहत और मस्तिष्क को सोचने की शक्ति देती है। डॉ. नमिता सिंह ने कहा कि डॉ. द्विवेदी की गीत व गजलें मानवीय संवेदना औश्र सामाजिक सरोकारों से परिपूर्ण है। संचालक व संयोजक युवा कवि हरीश बेताब ने कहा कि डॉ. द्विवेदी के गीत आम आदमी की पहुंच और समझ के गीत है। कार्यक्रम में डॉ. महावीर द्विवेदी की धर्मपत्नी अखिलेश द्विवेदी, पुत्र व युवाकवि वरदान द्विवेदी, आशा शर्मा, कप्तान सिंह, कुंवरपाल सिंह, जीके अग्रवाल, सरदार दलवीर सिंह, प्रेम शर्मा, कुंवरपाल सिंह, रघुवीर सिंह अरविंद, सुभाष चंद्र सक्सेना, अविनाश सक्सेना, आनंद गर्ग, जीतेंद्र मित्तल आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को वे रघुवीर सहाय इंटर कॉलेज में प्रख्यात गीतकार डॉ. महावीर द्विवेदी की द्वितीय पुण्य तिज्ञि पर आयोजित संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम शिखर साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। साहित्यकार डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि डॉ. द्विवेदी के गीत प्रेम, सद्भाव और समन्वय की गीत है।
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उनकी लेखनी दिल को राहत और मस्तिष्क को सोचने की शक्ति देती है। डॉ. नमिता सिंह ने कहा कि डॉ. द्विवेदी की गीत व गजलें मानवीय संवेदना औश्र सामाजिक सरोकारों से परिपूर्ण है। संचालक व संयोजक युवा कवि हरीश बेताब ने कहा कि डॉ. द्विवेदी के गीत आम आदमी की पहुंच और समझ के गीत है। कार्यक्रम में डॉ. महावीर द्विवेदी की धर्मपत्नी अखिलेश द्विवेदी, पुत्र व युवाकवि वरदान द्विवेदी, आशा शर्मा, कप्तान सिंह, कुंवरपाल सिंह, जीके अग्रवाल, सरदार दलवीर सिंह, प्रेम शर्मा, कुंवरपाल सिंह, रघुवीर सिंह अरविंद, सुभाष चंद्र सक्सेना, अविनाश सक्सेना, आनंद गर्ग, जीतेंद्र मित्तल आदि मौजूद थे।
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