एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत हृदय रोग से पीड़ित तीन वर्ष की बच्ची का ऑपरेशन करने में सफलता हासिल की है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की रहने वाली तीन साल की आयशा सिंह दिल की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थी।
उनके माता-पिता उन्हें निजी चिकित्सालय ले गए, जहां फीस बहुत ज्यादा थी। फिर जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। आयशा की त्वचा नीली पड़ रही थी। जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने आयशा की छह घंटे तक सर्जरी की। अब उसकी हालत में सुधार है। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद आजम हसीन ने कहा कि डॉ. मानक यादव, डॉ. शमायल रब्बानी व डॉ. सरताज ने आयशा की बड़ी धमनियों की सफलतापूर्वक सर्जरी की, जो हृदय में वाल्व के स्टेनोसिस से फट गई थीं। उन्होंने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेेज के डॉक्टर व बाल रोग विशेषज्ञों की एक टीम ने जन्मजात हृदय रोग पर कई सफल सर्जरी की है।