गंगा के तेवर मंगलवार को भी तीखे रहे। जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 50 सेमी दूर रह गया। गंगा से सटे गांव सांकरा, गनेशपुर व गोपालपुर में पानी घुसने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई हैं। राहत और बचाव के लिए प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। गंगा से सटे सभी गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जिले की अतरौली तहसील से गंगा नदी गुजरती है। पिछले कई दिनों से गंगा नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा था। तीन दिन पहले हरिद्वार के भीम गौड़ा बांध से एक साथ 3.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा का पानी लगातार उफन रहा है। मंगलवार को भी जलस्तर खतरे के निशान 178.50 मीटर से मात्र 50 मीटर नीचे रहा। ऐसे में प्रशासन को गंगातट से लगने वाले गांवों में बाढ़ आने से जनहानि, फसल हानि अथवा किसी तरह की पशु हानि की चिंता सताने लगी। डीएम के आदेश पर एसडीएम अतरौली ने कई गांवों में मौका मुआयना किया। पता चला कि गांव सांकरा, गनेशपुर गंग व गोपालपुर के सैकड़ों बीघा फसल में पानी भर गया। एसडीएम लोगों से अलर्ट रहने की अपील की। एसडीएम ने बताया कि सोमवार से लेकर मंगलवार शाम तक गंगा नदी का पानी स्थिर बना हुआ है। मंगलवार को भी 178 मीटर के करीब ही पानी दर्ज किया गया है। गंगा से सटे गांव में भी खेतों तक ही पानी सीमित है। आने वाले 24 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर गांव में पानी प्रवेश करे तो ऊंचे स्थानों पर चले जाएं।