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Aligarh News: अलीगढ़ में गंगा नदी खतरे के निशान के पार, यमुना उफान पर
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सांकरा क्षेत्र में बृहस्पतिवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया। प्रशासन ने गंगा के 17 किलोमीटर क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है। गंगा का पानी कई गांवों के खेतों और घेर तक पहुंच गया है। बाढ़ संभावित 12 गांवों के लोगों को सतर्क कर दिया है। वहीं टप्पल क्षेत्र में यमुना नदी भी उफान पर है। प्रशासन संभावित बाढ़ की आशंका पर सतर्कता बरत रहा है। बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है।
नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार की सुबह छोड़ा गया पानी 1.80 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जो सांकरा में खतरे के निशान से 1.78 लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया था। हरिद्वार और नरौरा से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। संभावित बाढ़ की आशंका वाले गांव सांकरा, दीनापुर, टोडरपुर, हमीदपुर, बबरौतिया, गहतोली, रुस्तम नगर, आलिया नगला, किसतौली, सीकरी, नवीपुर और हरनपुर कला शामिल हैं। सुबह सांकरा और रुस्तम नगर के खेतों में गंगा का पानी भर गया और घेर तक पहुंच गया, जिससे कई गांवों में दहशत का माहौल है।
अस्थायी बाढ़ चौकी स्थापित, गंगा किनारे नहीं जाने की सलाह
लेखपाल नरेश यादव ने बताया कि सांकरा स्थित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में अस्थायी बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह कानूनगो के साथ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से गंगा किनारे नहीं जाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने लोगों को आवश्यक सामान खेतों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी संभावित क्षेत्रों में लगा दी गई है।
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यमुना नदी का फाट 10 फीट बढ़ा
वहीं टप्पल क्षेत्र में यमुना नदी भी उफान पर है और 10 फीट उसका फाट (चौड़ाई) बढ़ गया है, जिससे महाराजगढ़ और शेरपुर गांव में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सर्वे लेखपाल अरुण चौधरी ने बताया कि टप्पल क्षेत्र में यमुना का जलस्तर टप्पल क्षेत्र में अभी तक अपनी मुख्यधारा में बह रही थी लेकिन वर्तमान में 10 फीट यमुना का फाट बढ़ गया है।
बाढ़ की आशंका पर दो गांवों में कैंप लगाए गए
उन्होंने बताया बाढ़ की स्थिति होने पर टप्पल क्षेत्र में सबसे पहले महाराजगढ़ व शेरपुर गांव प्रभावित होंगे क्योंकि उक्त दोनों गांव यमुना जलस्तर से करीब 08-10 फीट ही ऊंचाई पर बसे हुए हैं। महाराजगढ़ में करीब 55-60 व शेरपुर में 15-20 घर बने हुए हैं और उनकी कुल आबादी करीब 250-300 की है। ग्रामीणों से लगातार सम्पर्क जारी है और प्रशासन भी अपनी नजर बनाए हुए है। हाथी कुंड बैराज पर भी लगातार सम्पर्क जारी है,ताकि वहां से पानी छोड़े जाने पर तत्तकाल सुरक्षा प्रबंध किए जा सकें। दोनों गांव के लोगों के लिए कैंप की व्यवस्था व सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
अलीगढ़ के गंगा और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन बाढ़ संभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है और जरूरी कदम उठाए गए हैं। प्रमोद कुमार एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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नरौरा बैराज से बृहस्पतिवार की सुबह छोड़ा गया पानी 1.80 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जो सांकरा में खतरे के निशान से 1.78 लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंच गया था। हरिद्वार और नरौरा से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्कता बरत रहा है। संभावित बाढ़ की आशंका वाले गांव सांकरा, दीनापुर, टोडरपुर, हमीदपुर, बबरौतिया, गहतोली, रुस्तम नगर, आलिया नगला, किसतौली, सीकरी, नवीपुर और हरनपुर कला शामिल हैं। सुबह सांकरा और रुस्तम नगर के खेतों में गंगा का पानी भर गया और घेर तक पहुंच गया, जिससे कई गांवों में दहशत का माहौल है।
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अस्थायी बाढ़ चौकी स्थापित, गंगा किनारे नहीं जाने की सलाह
लेखपाल नरेश यादव ने बताया कि सांकरा स्थित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में अस्थायी बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है। उन्होंने बृहस्पतिवार सुबह कानूनगो के साथ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से गंगा किनारे नहीं जाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने लोगों को आवश्यक सामान खेतों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है, संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी संभावित क्षेत्रों में लगा दी गई है।
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यमुना नदी का फाट 10 फीट बढ़ा
वहीं टप्पल क्षेत्र में यमुना नदी भी उफान पर है और 10 फीट उसका फाट (चौड़ाई) बढ़ गया है, जिससे महाराजगढ़ और शेरपुर गांव में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। सर्वे लेखपाल अरुण चौधरी ने बताया कि टप्पल क्षेत्र में यमुना का जलस्तर टप्पल क्षेत्र में अभी तक अपनी मुख्यधारा में बह रही थी लेकिन वर्तमान में 10 फीट यमुना का फाट बढ़ गया है।
बाढ़ की आशंका पर दो गांवों में कैंप लगाए गए
उन्होंने बताया बाढ़ की स्थिति होने पर टप्पल क्षेत्र में सबसे पहले महाराजगढ़ व शेरपुर गांव प्रभावित होंगे क्योंकि उक्त दोनों गांव यमुना जलस्तर से करीब 08-10 फीट ही ऊंचाई पर बसे हुए हैं। महाराजगढ़ में करीब 55-60 व शेरपुर में 15-20 घर बने हुए हैं और उनकी कुल आबादी करीब 250-300 की है। ग्रामीणों से लगातार सम्पर्क जारी है और प्रशासन भी अपनी नजर बनाए हुए है। हाथी कुंड बैराज पर भी लगातार सम्पर्क जारी है,ताकि वहां से पानी छोड़े जाने पर तत्तकाल सुरक्षा प्रबंध किए जा सकें। दोनों गांव के लोगों के लिए कैंप की व्यवस्था व सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
अलीगढ़ के गंगा और यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन बाढ़ संभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। बाढ़ चौकी स्थापित कर दी गई है और जरूरी कदम उठाए गए हैं। प्रमोद कुमार एडीएम (वित्त एवं राजस्व)