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सिपाही की सड़क दुर्घटना में मौत पर क्लेम लेने में फर्जीवाड़ा

Fri, 28 Oct 2022 12:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Oct 2022 12:54 AM IST
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Fraud in claiming the death of a soldier in a road accident
मोटर दुर्घटना क्लेम प्रकरणों में फर्जीवाड़े की प्रदेश स्तर पर जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच शाखा) ने अलीगढ़ में भी एक सिपाही के क्लेम आवेदन में फर्जीवाड़ा पकड़ा है। टप्पल में यमुना एक्सप्रेस वे पर दुर्घटना में सिपाही की मौत के मामले में मृतक की पत्नी के स्तर से किए गए क्लेम आवेदन में एक ऐसी कार को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जो पहले से दुर्घटना के कई क्लेम में शामिल रही है।
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साथ में मुकदमा व क्लेम आवेदन में दुर्घटना का समय भी भिन्न पाया गया है। इस आधार पर इस क्लेम आवेदन को फर्जीवाड़े से जुड़ा करार देकर मृत सिपाही की पत्नी सहित छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसआईटी की ओर से यह मुकदमा सिविल लाइंस में दर्ज कराया गया है। साथ में मुकदमे की विवेचना भी एसआईटी स्तर से ही की जाएगी।
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यह मुकदमा एसआईटी लखनऊ के इंस्पेक्टर श्रवण कुमार यादव की ओर से कराया गया है। आरोप है कि मूल रूप से हनुमान नगर एत्माद्दोला आगरा निवासी सिपाही अनिल कुमार की टप्पल में तैनाती थी। 4 सितंबर 2013 को अनिल अपने साथी हेड कांस्टेबल भूपेंद्र आदि के साथ गश्त पर थे। रात करीब 10:30 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से सिपाही अनिल की मौत हो गई।
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इसका मुकदमा भूपेंद्र की ओर से दर्ज कराया गया। दुर्घटना का समय 10:30 बजे बताया गया और अज्ञात कार द्वारा गांव जिकरपुर के दो चश्मदीदों की मदद से टक्कर मारना बताया गया। बाद में इस मामले में जमालपुर सिविल लाइंस के महेंद्र पाल सिंह की सफेद रंग की मारूती 800 कार को दुर्घटना का जिम्मेदार बताकर उसके चालक अनिल की दुर्घटना में गिरफ्तारी हुई। अदालत से चालक की जमानत हुई और कार को रिलीज किया गया।
इस मामले में मृत सिपाही अनिल की पत्नी राधा देवी की ओर से एमएसीटी कोर्ट में मोटर दुर्घटना क्लेम के लिए 67 लाख 80 हजार रुपये आवेदन किए गए। इसमें दुर्घटना का समय 6:30 बजे शाम का बताया गया। इस आधार पर अदालत ने क्लेम का आवेदन खारिज कर दिया। इस मामले में वह हाईकोर्ट तक गए। इसी बीच क्लेम मामलों के फर्जीवाड़े को लेकर 2020 में एसआईटी गठित की गई।
जिसे लेकर जांच शुरू हुई तो जांच में पाया गया कि अनिल की मौत के मामले में जिस कार को जिम्मेदार मानकर क्लेम आवेदन किया गया था, वह कार और उसका चालक अनिल को पहले भी कई क्लेम में प्रयोग किया गया है। साथ में बयानों में दुर्घटना समय भिन्न है। पुलिस मुकदमे में रात 10:30 बजे और क्लेम आवेदन में गवाहों के बयानों में शाम 6:30 बजे का समय दर्शाया गया है।

इस आधार पर एसआईटी ने मृत सिपाही अनिल की पत्नी राधा देवी, गांव जिकरपुर टप्पल निवासी चश्चमदीद गवाह अमित व मुकेश, साथी हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, कार स्वामी महेंद्रपाल सिंह व चालक अनिल को आरोपी बनाया है। आरोपी कार चालक अनिल की 2018 में मौत हो चुकी है, इसलिए उसे मुकदमे से अलग किया गया है। अब इस मुकदमे की विवेचना एसआईटी स्तर से ही की जाएगी। इंस्पेक्टर प्रवेश राणा ने इस मुकदमे की पुष्टि की है।
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