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अलीगढ़ः प्रशिक्षण के नाम पर अस्पतालों में चल रहा फर्जीवाड़ा
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प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी अस्पतालों में फर्जीवाड़ा चल रहा है। कुछ लोगों की मिलीभगत से चल रहे इस गोरखधंधे में नर्सिंग कालेज के छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र का झांसा देकर बिना अनुमति प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसका खुलासा शुक्रवार को एडी हेल्थ डा. एसके उपाध्याय के निरीक्षण में हुआ। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में निरीक्षण के लिये आए एडी हेल्थ को पैथोलाजी लैब में तीन कॉलेज के छात्र-छात्राएं बिना अनुमति काम करते मिले। इस मामले में उन्होंने संबंधित एजेंसी के एक कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए हैं।
एडी हेल्थ डा.एसके उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार को जब वह दीनदयाल अस्पताल में निरीक्षण के लिये पहुंचे तो वहां की पैथोलाजी लैब में किसी नर्सिंग कालेज के तीन छात्र-छात्राएं काम करते दिखाई दिए। जब उनसे पूछा गया तो जवाब मिला कि वे ट्रेनिंग के लिये आए हैं। जब उन्होंने अस्पताल के सीएमएस डा.एसके उपाध्याय से अनुमति की बाबत जानकारी मांगी तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने किसी को अनुमति नहीं दी है। पता चला कि अस्पताल में सेवाएं दे रही पीओ सिटी कंपनी का चेतन नाम का कर्मचारी अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत से उन्हें ट्रेनिंग करा रहा है। इस पर एडी हेल्थ ने कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर चेतन की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए। सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों को भी अस्पतालों का पर्यवेक्षण कर बगैर अनुमति काम कर रहे छात्र-छात्राओं पर अंकुश लगाने को कहा।
छात्र-छात्राओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
अलीगढ़। सरकारी अस्पतालों में ट्रेनिंग के नाम पर नर्सिंग कालेजों के छात्र-छात्राओं से खिलवाड़ चल रहा है। कुछ स्वयं भू लोग अस्पताल कर्मियों से सांठगांठ कर इन्हें प्रमाणपत्र का लालच देकर फर्जी तरीके से ट्रेनिंग करा रहे हैं। इन छात्र-छात्राओं को कभी प्रमाणपत्र मिलता है तो कभी नहीं। प्रमाणपत्र के नाम पर अवैध वसूली भी होती है। पिसते हैं बेचारे विद्यार्थी।
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निरीक्षण में एलाइजा टेस्ट की नहीं मिली सुविधा
अलीगढ़। एडी हेल्थ डा. उपाध्याय ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लैब में लाइट कम पायी गई तो मात्र एक एसी ही काम कर रहा था। सबसे खास बात यह थी कि यहां रैपिड कार्ड टेस्ट भी बगैर प्रापर उपकरणों के हो रहे थे। मलेरिया के टेस्ट माइक्रो स्कोप से नहीं हो रहे थे तो डेंगू जैसी बीमारी का परीक्षण भी एलाइजा टेस्ट के बिना किया जा रहा था। सीएमओ को हिदायत दी गई है कि वह अस्पताल में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था कराएं।
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एडी हेल्थ डा.एसके उपाध्याय ने बताया कि शुक्रवार को जब वह दीनदयाल अस्पताल में निरीक्षण के लिये पहुंचे तो वहां की पैथोलाजी लैब में किसी नर्सिंग कालेज के तीन छात्र-छात्राएं काम करते दिखाई दिए। जब उनसे पूछा गया तो जवाब मिला कि वे ट्रेनिंग के लिये आए हैं। जब उन्होंने अस्पताल के सीएमएस डा.एसके उपाध्याय से अनुमति की बाबत जानकारी मांगी तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने किसी को अनुमति नहीं दी है। पता चला कि अस्पताल में सेवाएं दे रही पीओ सिटी कंपनी का चेतन नाम का कर्मचारी अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत से उन्हें ट्रेनिंग करा रहा है। इस पर एडी हेल्थ ने कंपनी के अधिकारियों से वार्ता कर चेतन की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए। सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों को भी अस्पतालों का पर्यवेक्षण कर बगैर अनुमति काम कर रहे छात्र-छात्राओं पर अंकुश लगाने को कहा।
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छात्र-छात्राओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़
अलीगढ़। सरकारी अस्पतालों में ट्रेनिंग के नाम पर नर्सिंग कालेजों के छात्र-छात्राओं से खिलवाड़ चल रहा है। कुछ स्वयं भू लोग अस्पताल कर्मियों से सांठगांठ कर इन्हें प्रमाणपत्र का लालच देकर फर्जी तरीके से ट्रेनिंग करा रहे हैं। इन छात्र-छात्राओं को कभी प्रमाणपत्र मिलता है तो कभी नहीं। प्रमाणपत्र के नाम पर अवैध वसूली भी होती है। पिसते हैं बेचारे विद्यार्थी।
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निरीक्षण में एलाइजा टेस्ट की नहीं मिली सुविधा
अलीगढ़। एडी हेल्थ डा. उपाध्याय ने बताया कि निरीक्षण के दौरान लैब में लाइट कम पायी गई तो मात्र एक एसी ही काम कर रहा था। सबसे खास बात यह थी कि यहां रैपिड कार्ड टेस्ट भी बगैर प्रापर उपकरणों के हो रहे थे। मलेरिया के टेस्ट माइक्रो स्कोप से नहीं हो रहे थे तो डेंगू जैसी बीमारी का परीक्षण भी एलाइजा टेस्ट के बिना किया जा रहा था। सीएमओ को हिदायत दी गई है कि वह अस्पताल में एलाइजा टेस्ट की व्यवस्था कराएं।