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Aligarh News: दिवाली से पहले 300 लोगों को लगा दस करोड़ का चूना, कमेटी के नाम पर रकम समेटने का आरोप
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कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे ठगी के पीड़ित फोटो अमर उजाला
एक ही परिवार के करीब 12 लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप, कलेक्ट्रेट पहुंचकर पीड़ितों ने किया प्रदर्शन; पुलिस-प्रशासन से लगाई गुहार
अलीगढ़। दिवाली की खुशियों के बीच करीब 300 परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि कमेटी के नाम पर लोगों से रुपये जमा कराकर जरूरत के समय आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाने वाले एक ही परिवार के करीब 12 लोगों ने लगभग आठ करोड़ रुपये हड़प लिए। अब अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए पीड़ित पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में पीड़ित कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। इस दौरान रकम लेकर गायब होने के आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
पीड़ितों का आरोप है कि कमेटी के जरिए लोगों को आपसी आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया गया था। इसमें शहर के अलग-अलग इलाकों के व्यापारी और आम लोग जुड़े थे। सदस्य हर महीने अपनी निर्धारित किस्त जमा करते थे। जरूरत पड़ने पर बोली या पर्ची के माध्यम से किसी सदस्य को कमेटी की रकम दे दी जाती थी। इसी व्यवस्था के तहत करीब 15 कमेटियां संचालित की जा रही थीं। आरोप है कि कमेटी की रकम लेने के बाद कई सदस्यों ने आगे की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। धीरे-धीरे बकाया रकम करोड़ों में पहुंच गई।
सराय कुतुब हजीरा निवासी मो. अफजल सहित अन्य ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में 11 लोगों पर करीब 9.97 करोड़ रुपये की बकायेदारी का आरोप लगाया है। शिकायत में अलग-अलग सदस्यों पर 15 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की रकम बकाया बताई गई है। कमेटियों में तीन लाख से लेकर 75 लाख रुपये तक की धनराशि शामिल थी। शिकायत के मुताबिक, कई सदस्यों ने अपनी बारी आने पर कमेटी की पूरी रकम उठा ली, लेकिन बाद में किस्तें जमा करना बंद कर दिया।
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पीड़ितों का कहना है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। पीड़ितों में हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उनका कहना है कि त्योहार से ठीक पहले जमा पूंजी फंस जाने से घरों में दिवाली की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है।
पीड़ितों ने बताया कि इससे पहले वे एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और स्थानीय थाने में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इसी के चलते बृहस्पतिवार को सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
जांच कर होगी कार्रवाई
सीओ सर्वम सिंह का कहना है कि पीड़ितों के साथ पूरा न्याय किया जाएगा। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अलीगढ़। दिवाली की खुशियों के बीच करीब 300 परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि कमेटी के नाम पर लोगों से रुपये जमा कराकर जरूरत के समय आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाने वाले एक ही परिवार के करीब 12 लोगों ने लगभग आठ करोड़ रुपये हड़प लिए। अब अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए पीड़ित पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में पीड़ित कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। इस दौरान रकम लेकर गायब होने के आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
पीड़ितों का आरोप है कि कमेटी के जरिए लोगों को आपसी आर्थिक सहयोग का भरोसा दिया गया था। इसमें शहर के अलग-अलग इलाकों के व्यापारी और आम लोग जुड़े थे। सदस्य हर महीने अपनी निर्धारित किस्त जमा करते थे। जरूरत पड़ने पर बोली या पर्ची के माध्यम से किसी सदस्य को कमेटी की रकम दे दी जाती थी। इसी व्यवस्था के तहत करीब 15 कमेटियां संचालित की जा रही थीं। आरोप है कि कमेटी की रकम लेने के बाद कई सदस्यों ने आगे की किस्तें जमा करना बंद कर दिया। धीरे-धीरे बकाया रकम करोड़ों में पहुंच गई।
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सराय कुतुब हजीरा निवासी मो. अफजल सहित अन्य ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में 11 लोगों पर करीब 9.97 करोड़ रुपये की बकायेदारी का आरोप लगाया है। शिकायत में अलग-अलग सदस्यों पर 15 लाख से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की रकम बकाया बताई गई है। कमेटियों में तीन लाख से लेकर 75 लाख रुपये तक की धनराशि शामिल थी। शिकायत के मुताबिक, कई सदस्यों ने अपनी बारी आने पर कमेटी की पूरी रकम उठा ली, लेकिन बाद में किस्तें जमा करना बंद कर दिया।
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पीड़ितों का कहना है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें टालमटोल का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। पीड़ितों में हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हैं। उनका कहना है कि त्योहार से ठीक पहले जमा पूंजी फंस जाने से घरों में दिवाली की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा है।
पीड़ितों ने बताया कि इससे पहले वे एसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और स्थानीय थाने में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इसी के चलते बृहस्पतिवार को सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की।
जांच कर होगी कार्रवाई
सीओ सर्वम सिंह का कहना है कि पीड़ितों के साथ पूरा न्याय किया जाएगा। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।