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मदरसे के घपले में चार पर मुकदमे के आदेश
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 13 Apr 2017 01:27 AM IST
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मदरसा लुत्फिया अरबिया देहली गेट के पूर्व शिक्षक समीउर्रहमान के शिकायती प्रार्थना पत्र पर सीजेएम कोर्ट ने शहर मुफ्ती समेत चार लोगों के खिलाफ थानाध्यक्ष को सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़ित ने मदरसे में घपलेबाजी का आरोप लगाया है।
आसिफ नगर (जमालपुर) निवासी समीउर्रहमान पुत्र अब्दुल रशीद के मुताबिक मदरसे में उसने छह साल तक अध्यापन कार्य किया है। आरोप लगाया कि मदरसे में घपलेबाजी होने के साथ नियुक्ति में भी फर्जीवाड़ा किया गया है। कहा, उसके पास इसके सुबूत भी हैं।
समीउर्रहमान ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद निवासी ऊपरकोट, मोहम्मद यूनुस निवासी मोहल्ला फूंस बंगला लाल डिग्गी थाना सिविल लाइंस, अरबाबुद्दीन निवासी ऊपरकोट व आतिफ निवासी शेखान ऊपरकोट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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इन पर भी लगे हैं आरोप
मोहम्मद तारित निवासी जवाहर भवन कमरा नंबर 704 लखनऊ रजिस्ट्रार/डिप्टी डायरेक्टर मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ, अमानुल्ला निवासी शेखान ऊपरकोट, जावेद असलम पूर्व रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ, वर्तमान में राज्य सूचना आयोग, हाफिज मोहम्मद उस्मान निवासी टनटनपाड़ा, मैनेजिंग कमेटी, प्रशांत कुमार अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अलावा तीन समाचार पत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
मैंने 2012 में मदरसे की जिम्मेदारी ली है। ये बात 2011 की जा रही है। रही बात घपलेबाजी की तो ये सरासर इल्जाम है। तनख्वाह शिक्षकों के खाते में और छात्रवृत्ति विद्यार्थियों के खाते में सीधे आती है, जबकि मिड डे मील एनजीओ मुहैया कराती है।
-मोहम्मद खालिद हमीद, शहर मुफ्ती
ऊपरकोट मदरसे में हुए एमडीएम, ड्रेस समेत अन्य मदों में हुए घोटाले मामले की जांच पहले नगर शिक्षा अधिकारी से कराई गई थी। लेकिन जांच में संतोषजनक जानकारी न मिलने पर इसकी जांच की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के डबल एओ अश्वनि पांडेय को दी गई है। लेकिन उनके बोर्ड परीक्षाओं में व्यस्त होने के कारण जांच अब तक लंबित है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
-प्रशांत कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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आसिफ नगर (जमालपुर) निवासी समीउर्रहमान पुत्र अब्दुल रशीद के मुताबिक मदरसे में उसने छह साल तक अध्यापन कार्य किया है। आरोप लगाया कि मदरसे में घपलेबाजी होने के साथ नियुक्ति में भी फर्जीवाड़ा किया गया है। कहा, उसके पास इसके सुबूत भी हैं।
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समीउर्रहमान ने सीजेएम कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद निवासी ऊपरकोट, मोहम्मद यूनुस निवासी मोहल्ला फूंस बंगला लाल डिग्गी थाना सिविल लाइंस, अरबाबुद्दीन निवासी ऊपरकोट व आतिफ निवासी शेखान ऊपरकोट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
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इन पर भी लगे हैं आरोप
मोहम्मद तारित निवासी जवाहर भवन कमरा नंबर 704 लखनऊ रजिस्ट्रार/डिप्टी डायरेक्टर मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ, अमानुल्ला निवासी शेखान ऊपरकोट, जावेद असलम पूर्व रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ, वर्तमान में राज्य सूचना आयोग, हाफिज मोहम्मद उस्मान निवासी टनटनपाड़ा, मैनेजिंग कमेटी, प्रशांत कुमार अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के अलावा तीन समाचार पत्रों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
मैंने 2012 में मदरसे की जिम्मेदारी ली है। ये बात 2011 की जा रही है। रही बात घपलेबाजी की तो ये सरासर इल्जाम है। तनख्वाह शिक्षकों के खाते में और छात्रवृत्ति विद्यार्थियों के खाते में सीधे आती है, जबकि मिड डे मील एनजीओ मुहैया कराती है।
-मोहम्मद खालिद हमीद, शहर मुफ्ती
ऊपरकोट मदरसे में हुए एमडीएम, ड्रेस समेत अन्य मदों में हुए घोटाले मामले की जांच पहले नगर शिक्षा अधिकारी से कराई गई थी। लेकिन जांच में संतोषजनक जानकारी न मिलने पर इसकी जांच की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग के डबल एओ अश्वनि पांडेय को दी गई है। लेकिन उनके बोर्ड परीक्षाओं में व्यस्त होने के कारण जांच अब तक लंबित है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
-प्रशांत कुमार, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी