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सासनी के पूर्व विधायक देवकीनंदन कोरी का निधन
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हाथरस जनपद के सासनी विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक देवकीनंदन कोरी (61 साल) का शुक्रवार रात नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार राजघाट में किया गया। भाजपा नेताओं ने सासनी गेट स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त किया।
देवकीनंदन कोरी के सहायक हरिओम ने बताया कि पैर में तकलीफ होने पर 25 सितंबर को उन्हें सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के लिए एडमिट कर लिया। जांच में प्लेटलेट्स कम पाई गई। शुक्रवार की शाम में उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई और वहीं रात्रि करीब 11.30 बजे निधन हो गया।
सूचना मिलने के बाद परिवार एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा के विधायक रहे देवकीनंदन कोरी अपने पीछे पत्नी चंद्रवती देवी एवं दो पुत्र ज्ञानेश एवं सुरेेंद्र कुमार को छोड़ गए हैं। हरिओम ने बताया कि शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजघाट पर किया गया।
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पुत्र ज्ञानेश कोरी ने मुखाग्नि दी है। उनके घर पर पहुंचकर शोक व्यक्त करने वालों में कोल क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर, हरिशंकर माहौर, यशपाल सिंह चौहान, धीरेंद्र राणा सहित हाथरस व अलीगढ़ के कई भाजपा नेता शामिल हैं।
पूर्व भाजपा विधायक देवकीनंदन के पुत्र त्रिलोकीनाथ की हत्या दंगा के दौरान हुई थी। उस समय यह मुद्दा काफी गरमाया था। वह शुरू से ही भाजपा से जुड़े रहे। उनके विधान सभा क्षेत्र में एससी/एसटी एक्ट में कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। तब देवकीनंदन कोरी एफआईआर को फर्जी बताकर लखनऊ में विधानसभा के बाहर बैठ गए थे।
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देवकीनंदन कोरी के सहायक हरिओम ने बताया कि पैर में तकलीफ होने पर 25 सितंबर को उन्हें सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने जांच के लिए एडमिट कर लिया। जांच में प्लेटलेट्स कम पाई गई। शुक्रवार की शाम में उनकी तबियत अचानक बिगड़ गई और वहीं रात्रि करीब 11.30 बजे निधन हो गया।
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सूचना मिलने के बाद परिवार एवं शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। भाजपा के विधायक रहे देवकीनंदन कोरी अपने पीछे पत्नी चंद्रवती देवी एवं दो पुत्र ज्ञानेश एवं सुरेेंद्र कुमार को छोड़ गए हैं। हरिओम ने बताया कि शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजघाट पर किया गया।
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पुत्र ज्ञानेश कोरी ने मुखाग्नि दी है। उनके घर पर पहुंचकर शोक व्यक्त करने वालों में कोल क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर, हरिशंकर माहौर, यशपाल सिंह चौहान, धीरेंद्र राणा सहित हाथरस व अलीगढ़ के कई भाजपा नेता शामिल हैं।
पूर्व भाजपा विधायक देवकीनंदन के पुत्र त्रिलोकीनाथ की हत्या दंगा के दौरान हुई थी। उस समय यह मुद्दा काफी गरमाया था। वह शुरू से ही भाजपा से जुड़े रहे। उनके विधान सभा क्षेत्र में एससी/एसटी एक्ट में कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। तब देवकीनंदन कोरी एफआईआर को फर्जी बताकर लखनऊ में विधानसभा के बाहर बैठ गए थे।