Aligarh News: टप्पल में बाढ़ से हालात खराब, घर छोड़ने को ग्रामीण हुए मजबूर, पशुओं के चारे का गहरा रहा संकट
यमुना नदी खैर तहसील के महाराजगढ़, ऊंटासानी, पखोदना एवं शेरपुर आदि गांवों से निकलती है। हर साल यहां यमुना में आया पानी कहर बरपाता है। छह दिन पहले यहां पर अचानक से जलस्तर बढ़ने लगा। बाढ़ का पानी आसपास के कई गांव के खेतों से होता हुआ आबादी क्षेत्र में पहुंच गया है। निचले स्थानों पर बने घर भी जलमग्न हो गए हैं। पशुओं को चारे आदि की समस्या पैदा हो रही है।
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विस्तार
अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में यमुना में आई बाढ़ से प्रभावित गांव महाराजगढ़, शेरपुर, पखोदना, नगला अमर सिंह में लगातार हालत बिगड़ रहे हैं। लोग गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। अब तक इन गांवों में करीब 6000 बीघा से अधिक धान, बाजरा आदि की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो चुकी है। पशुओं के चारे-खाने तक की समस्या भी पैदा हो गई है। इन गांवों का एक-दूसरे गांवों से संपर्क भी कट गया है। केवल नाव के जरिए से ही लोग एक-दूसरे स्थान पर जा रहे हैं।
अफसर एवं कर्मचारी नाव के जरिए पहुंचकर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करने के साथ ही उन्हें खाद्य सामग्री एवं सूखा राशन, किट आदि उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि रविवार को यमुना का रौद्र रूप कम हुआ। पानी खतरे के निशान से थोड़ा नीचे आ गया है। संभावना है कि अगले कुछ दिन में पानी सामान्य स्थिति में आ जाने से राहत मिलेगी। लेकिन मौसम विभाग अनुसार अगले पूरे सप्ताह बारिश के आसार बने हुए हैं। अगर बारिश हुई तो स्थिति और बदतर हो सकती है।
यमुना नदी खैर तहसील के महाराजगढ़, ऊंटासानी, पखोदना एवं शेरपुर आदि गांवों से निकलती है। हर साल यहां यमुना में आया पानी कहर बरपाता है। छह दिन पहले यहां पर अचानक से जलस्तर बढ़ने लगा। बाढ़ का पानी आसपास के कई गांव के खेतों से होता हुआ आबादी क्षेत्र में पहुंच गया है। निचले स्थानों पर बने घर भी जलमग्न हो गए हैं। पशुओं को चारे आदि की समस्या पैदा हो रही है। प्रशासन की ओर से इन क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों का गठन कर दिया गया है। लेखपाल, सचिव, पशु चिकित्सक एवं चिकित्सा अधीक्षक की तैनाती की गई है। राहत सामग्री का भी वितरण किया जा रहा है। एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा ने बताया कि जिले में बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रविवार को यमुना का जलस्तर कुछ कम हुआ है। यमुना के साथ ही गंगा के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
खास बातें
- 199.05 मीटर है यमुना में जलस्तर
- 200.600 मीटर पर यमुना में खतरे का निशान
- 178.54 मीटर है अभी गंगा में जल स्तर
- 178.765 मीटर पर गंगा में खतरे का निशान
राजस्व राज्यमंत्री एवं एमएलसी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा
प्रदेश सरकार के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान, एमएलसी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह आदि ने बाढ़ प्रभावित गांव महाराजगढ़, पखोदना, शेरपुर, ऊंटासनी आदि गांवों का एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एसडीएम खैर मोहम्मद अमान, तहसीलदार कृष्णगोपाल मिश्रा के साथ गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को राहत सामग्री, जीवन रक्षक किट आदि का वितरण किया। उन्होंने यमुना नदी का पानी गांवों के किनारे एवं फसलों में पहुंचने से प्रभावित होने आदि के हुए नुकसान की जानकारी ली और स्थापित की गईं बाढ़ चौकियों की क्रियाशीलता, दवाई, खानपान आदि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों को यमुना के पानी से प्रभावित फसलों की भरपाई के लिए सर्वे कराकर शीघ्र ही मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
गांव महाराजगढ़ एवं किशनगढ़ के ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले कई वर्षों से बाढ़ एवं प्रकृति के प्रकोप को झेलते चले आ रहे हैं। हर बार प्रशासनिक अधिकारी आकर स्थायी समाधान का भरोसा देकर चले जाते है, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन एवं सरकार उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर गांव छोड़ने को तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक अफसरों की ओर से ग्रामीणों को भोजन एवं खाद्य सामग्री का वितरण शुरू कर दिया है। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासनिक अफसरों को ग्रामीणों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने ग्रामीणों की लगाई चौपाल
तहसील अतरौली क्षेत्र के दादों, सांकरा आदि क्षेत्र से होकर गुजर रही गंगा नदी का जलस्तर रविवार को कुछ बढ़ गया। नरौरा बैराज से सुबह करीब 2,11, 074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सांकरा गंगा घाट पर 178.54 मीटर पानी था। एसडीएम अतरौली अनिल कटियार, नायब तहसीलदार लीलू सिंह गौतम एवं राजस्व टीम ने सांकरा गंगा घाट एवं गंगा नदी किनारे बसे गांवों दीनापुर प्यावली, सांकरा, सिसई बबरोतिया आदि गांव का दौरा कर चौपाल लगाकर ग्रामीणों को बाढ़ से बचने तथा नदी किनारे न जाने की भी अपील की। अफसरों ने बाढ़ चौकी श्री कृष्णा इंटर कॉलेज सांकरा में बैठक कर ग्रामीणों से सतर्क रहने एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
यमुना में जल का स्तर रविवार को कुछ कम हुआ है। इससे आने वाले दिनों में ग्रामीणों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों को राहत शिविरों एवं चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को खाद्य सामग्री एवं सूखी राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है। फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। यमुना के साथ ही गंगा में स्थिति अभी पूरी तरह से नियंत्रण में है। प्रशासन लगातार जल स्तर पर पूरी निगरानी कर रहा है। - मीनू राणा, एडीएम वित्त एवं राजस्व, अलीगढ़