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Aligarh News: टाउन एरिया वापसी के लिए सीएम से मिलेंगे टप्पल के पांच प्रबुद्धजन
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टप्पल टाउन एरिया का दर्जा खत्म होने के बाद टप्पलवासियों में गुस्सा बरकरार है। इस गुस्से को शांत रखने और बीच का हल निकालने का रास्ता जनप्रतिनिधियों के स्तर से खोजा रहा है। इसी क्रम में अब खैर क्षेत्र से विधायक प्रदेश के राजस्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान ने टप्पल के पांच प्रबुद्धजनों को मुख्यमंत्री से मिलवाने का प्रयास शुरू किया है।
इसके लिए मंगलवार को ही मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। समय मिलते ही टप्पल के पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। इस दौरान वे एक ही बात रखेंगे कि टप्पल के आबादी क्षेत्र को टाउन एरिया बहाल रखा जाए। बेशक उसके कृषि भूमि क्षेत्र को उससे बाहर रखा जाए।
टप्पल को टाउन एरिया का दर्जा खत्म करने की मूल वजह कालोनाइजरों व बिल्डरों की हरकत सामने आई है। सूत्र बताते हैं कि टप्पल क्षेत्र में यमुना विकास प्राधिकरण के सक्रिय होने के बाद इस क्षेत्र की अधिसूचित भूमि की बिक्री व निर्माण आदि के लिए प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती थी। टप्पल टाउन एरिया बनने के बाद इस क्षेत्र में सक्रिय बिल्डरों ने एक नया रास्ता निकाला।
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टाउन एरिया से नक्शा पास कराना शुरू किया और उसी आधार पर धारा 80 की स्वीकृति लेकर अकृषक भूमि दिखाकर बिक्री, कालोनी काटना व निर्माण शुरू करा दिया। जिसमें ताजा मुकदमा भी दर्ज हुआ है। इस पर प्राधिकरण की ओर से शासन स्तर पर आपत्ति लगना शुरू हुआ। इसी आपत्ति को ध्यान में रखकर सरकार ने केबिनेट में फैसला लेकर टाउन एरिया का दर्जा समाप्त किया है।
ये हो सकता है बीच का रास्ता
प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री व खैर क्षेत्र के विधायक अनूप प्रधान कहते हैं कि खुद उनके प्रस्ताव पर ही टप्पल को टाउन एरिया का दर्जा मिला था। वहां विकास होना शुरू हो गए और लोग बेहद खुश हुए। अब दर्जा खत्म होने से लोग नाराज हैं।
टाउन एरिया का दर्जा खत्म करने की मुख्य वजह वहां जमीनों को लेकर शुरू हुआ खेल है। इस पर उनके द्वारा यही बीच का रास्ता इलाके के लोगों से बात कर निकाला गया है कि आबादी क्षेत्र को टाउन एरिया रखा जाए। कृषि भूमि क्षेत्र को छोड़ दिया जाए।
इसे लेकर पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में समय मांगा गया है। मंगलवार को ही समय देने के लिए अनुरोध किया है। वहां से समय मिलते ही टप्पल के पांच प्रमुख लोगों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। वे अपना पक्ष रखेंगे। उम्मीद है कि कोई हल जरूर निकलेगा।
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इसके लिए मंगलवार को ही मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। समय मिलते ही टप्पल के पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलवाया जाएगा। इस दौरान वे एक ही बात रखेंगे कि टप्पल के आबादी क्षेत्र को टाउन एरिया बहाल रखा जाए। बेशक उसके कृषि भूमि क्षेत्र को उससे बाहर रखा जाए।
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टप्पल को टाउन एरिया का दर्जा खत्म करने की मूल वजह कालोनाइजरों व बिल्डरों की हरकत सामने आई है। सूत्र बताते हैं कि टप्पल क्षेत्र में यमुना विकास प्राधिकरण के सक्रिय होने के बाद इस क्षेत्र की अधिसूचित भूमि की बिक्री व निर्माण आदि के लिए प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती थी। टप्पल टाउन एरिया बनने के बाद इस क्षेत्र में सक्रिय बिल्डरों ने एक नया रास्ता निकाला।
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टाउन एरिया से नक्शा पास कराना शुरू किया और उसी आधार पर धारा 80 की स्वीकृति लेकर अकृषक भूमि दिखाकर बिक्री, कालोनी काटना व निर्माण शुरू करा दिया। जिसमें ताजा मुकदमा भी दर्ज हुआ है। इस पर प्राधिकरण की ओर से शासन स्तर पर आपत्ति लगना शुरू हुआ। इसी आपत्ति को ध्यान में रखकर सरकार ने केबिनेट में फैसला लेकर टाउन एरिया का दर्जा समाप्त किया है।
ये हो सकता है बीच का रास्ता
प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री व खैर क्षेत्र के विधायक अनूप प्रधान कहते हैं कि खुद उनके प्रस्ताव पर ही टप्पल को टाउन एरिया का दर्जा मिला था। वहां विकास होना शुरू हो गए और लोग बेहद खुश हुए। अब दर्जा खत्म होने से लोग नाराज हैं।
टाउन एरिया का दर्जा खत्म करने की मुख्य वजह वहां जमीनों को लेकर शुरू हुआ खेल है। इस पर उनके द्वारा यही बीच का रास्ता इलाके के लोगों से बात कर निकाला गया है कि आबादी क्षेत्र को टाउन एरिया रखा जाए। कृषि भूमि क्षेत्र को छोड़ दिया जाए।
इसे लेकर पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलवाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में समय मांगा गया है। मंगलवार को ही समय देने के लिए अनुरोध किया है। वहां से समय मिलते ही टप्पल के पांच प्रमुख लोगों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। वे अपना पक्ष रखेंगे। उम्मीद है कि कोई हल जरूर निकलेगा।