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सावन का पहला सोमवार आज, रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू
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अचलेश्वर महादेव सावन के पहले दिन जल चढ़ाते श्रद्धालु।
- फोटो : CITY OFFICE
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रविवार से शुरू हुए सावन का आज पहला सोमवार है। रात 12 बजे से शहर के प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हुआ। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों से शिवालय गूंज उठे। मंदिरों में सीमित संख्या के हिसाब से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से अचलेश्वर मंदिर की परिक्रमा को बंद कर दिया गया है।
शनिवार को गुरु पूर्णिमा के बाद रविवार से सावन शुरू हुआ। सावन का पहला सोमवार आज है, रविवार शाम तक शहर के मुख्य मंदिरों में तैयारियां चलती रहीं। प्रशासनिक निर्देशों के क्रम में सीमित संख्या में प्रवेश और निकासी की व्यवस्था की गई है। खेरेश्वर मंदिर में रविवार को सेवादारों को तैनात किया गया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों का संचालन किया गया। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में भी समिति ने व्यापक इंतजाम किए। अचलेश्वर मंदिर की एक तरफ की दीवार ढहने और अचलताल में पानी भरने के कारण मंदिर के एक हिस्से की परिक्रमा को बंद कर दिया गया है।
नगर निगम के मजदूरों ने रविवार को अचलताल की तरफ मंदिर से सटाकर बल्लियां लगा दी हैं, ताकि श्रद्धालु परिक्रमा न करें और किसी की जान जोखिम में न आए। रविवार रात जैसे ही 12 बजे वैसे ही मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हो गया। रात्रि से ही श्रद्धालु भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए मंदिरों में पहुंचे।
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शनिवार को गुरु पूर्णिमा के बाद रविवार से सावन शुरू हुआ। सावन का पहला सोमवार आज है, रविवार शाम तक शहर के मुख्य मंदिरों में तैयारियां चलती रहीं। प्रशासनिक निर्देशों के क्रम में सीमित संख्या में प्रवेश और निकासी की व्यवस्था की गई है। खेरेश्वर मंदिर में रविवार को सेवादारों को तैनात किया गया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों का संचालन किया गया। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में भी समिति ने व्यापक इंतजाम किए। अचलेश्वर मंदिर की एक तरफ की दीवार ढहने और अचलताल में पानी भरने के कारण मंदिर के एक हिस्से की परिक्रमा को बंद कर दिया गया है।
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नगर निगम के मजदूरों ने रविवार को अचलताल की तरफ मंदिर से सटाकर बल्लियां लगा दी हैं, ताकि श्रद्धालु परिक्रमा न करें और किसी की जान जोखिम में न आए। रविवार रात जैसे ही 12 बजे वैसे ही मंदिरों में जलाभिषेक शुरू हो गया। रात्रि से ही श्रद्धालु भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए मंदिरों में पहुंचे।
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