कोरोना को हराकर बोला जमाती, अल्लाह का शुक्र है रमजान के महीने में बाहर निकल रहा हूं
कोरोना वायरस को हराकर फिरोजाबाद का जमाती युवक एक बार फिर पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। हरदुआगंज सीएचसी में 16 दिन आइसोलेशन में रहने के बाद रमजान के पाक महीने में वह आइसोलेशन से बाहर आ गया। शुक्रवार को बाहर आते ही उसने सबसे पहले अल्लाह का शुक्रिया अदा किया।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गोविंदनगर की मस्जिद में 30 मार्च को फिरोजाबाद के 10 जमाती और इमाम को क्वारंटीन किया गया था। सात अप्रैल को सभी के नमूने लिए गए थे। 9 मार्च को रिपोर्ट आई, जिसमें फिरोजाबाद के एक 33 वर्षीय जमाती को संक्रमित पाया गया, जबकि अन्य सभी की रिपोर्ट निगेटिव थी। अलीगढ़ जिले में यह कोरोना वायरस का पहला पॉजिटिव केस था। उसी दिन संक्रमित युवक को हरदुआगंज स्थित सीएचसी के लेवल वन अस्पताल में भर्ती कर दिया गया।
तब से 24 अप्रैल तक युवक वहीं रहा। फिरोजाबाद के बाकी 9 जमातियों और इमाम को छेरत के राजकीय होयोपैथी कॉलेज के क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। हरदुआगंज में भर्ती होने के एक सप्ताह बाद ही संक्रमित युवक की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
14 दिन बाद जांच हुई तो फिर रिपोर्ट निगेटिव आई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि अब युवक को वापस मस्जिद भेजा जाएगा। उसे 14 दिन और अलग रहना है। वहीं, छेरत में क्वारंटीन 9 जमामियों को भी मस्जिद में भेज दिया जाएगा। आगे प्रशासन से चर्चा के बाद सभी 10 जमातियों को वापस फिरोजाबाद भेजने पर विचार किया जाएगा।
स्वास्थ्य कर्मियों ने नहीं होने दी किसी तरह की दिक्कत
कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए युवक का हौसला देखने लायक है। वह अल्लाह का शुक्रिया कर रहा है। वह कहता है कि अल्लाह का शुक्र है कि मैं रमजान में बाहर निकल रहा हूं। रमजान में वह घर जाना चाहता है। मोबाइल से बातचीत में जमाती युवक ने अमर उजाला को बताया कि हरदुआगंज के आइसोलेशन वार्ड में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मियों ने उसका पूरा ख्याल रखा।
खाने-पीने से लेकर अन्य किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी। उसने सभी स्वास्थ्यकर्मियों के स्वभाव की जमकर तारीफ की। उसने बताया कि वह 12 मार्च को अलीगढ़ आया था। उस समय मौसम थोड़ा ठंडा था, जिससे थोड़ी सर्दी-गर्मी हो गई थी। वह कहता है कि हरदुआगंज आने के तीसरे ही दिन वह स्वस्थ्य हो गया था। उसमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे।