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बदायूं के युवक की हत्या में पिता-पुत्रों को उम्रकैद और 13-13 हजार रुपये का जुर्माना
Thu, 29 Aug 2019 05:18 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2019 05:18 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
महानगर के क्वार्सी के मौलाना आजाद नगर में रंजिशन मामा-भांजे पर हमले के दौरान बदायूं के रहने वाले मामा की हत्या के आरोपी तीन पिता पुत्रों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-5 संजय सिंह प्रथम के न्यायालय से सुनाया गया है। अदालत ने जुर्माने की रकम में से पचास फीसदी रकम पीड़ित पक्ष को भुगतान के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह वादी जुम्मन खां निवासी मौलाना आजाद नगर क्वार्सी ने 19 दिसंबर 2010 को यह मुकदमा क्वार्सी थाने में दर्ज कराया था कि उनके बच्चों का पड़ोसी मोहल्ला हमदर्द नगर डी जमालपुर सिविल लाइंस निवासी बुंदू खां पहलवान से एक माह पहले झगड़ा हो गया था। इसी बात पर वह रंजिश मानते थे। घटना के दिन यानि 19 दिसंबर की दोपहर ढाई बजे जुम्मन के घर में ही रहने वाला जुम्मन का साला सुलेमान निवासी जलालपुर बदायूं, जुम्मन का बेटा अकील और भतीजा जान मोहम्मद सब्जी लेने जा रहे थे। तभी रास्ते में साजिशन घात लगाकर बैठे बुंदू खां, उसके बेटे अकरम, अमजद के अलावा दो नाबालिग बेटे और कदीर ने तीनों पर हमला बोल दिया।
इस दौरान सुलेमान और जान मोहम्मद चाकुओं के प्रहार से जख्मी हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां सुलेमान को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि जान मोहम्मद को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। इस मुकदमे में सभी छह आरोपियों पर चार्जशीट दायर की गई, जिनमें से दो नाबालिग आरोपियों की पत्रावली वर्ष 2011 में अलग कर दी गई, जबकि एक आरोपी कदीर की पत्रावली पर 1 दिसंबर 2019 को अलग निर्णय हुआ।
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वहीं तीन आरोपी बुंदू खां और उसके बेटै अकरम व अमजद की पत्रावली पर सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों और गवाही के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है और उम्रकैद के साथ 13-13 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसमें से आधी रकम पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।
हत्या के दूसरे दिन सुलग उठा था जमालपुर
महानगर के सिविल लाइंस व क्वार्सी के बॉर्डर पर बरेली रेलवे लाइन के सहारे हुई हत्या के दूसरे दिन जब शव मोहल्ले में ले जाया गया तो पब्लिक आरोपियों की गिरफ्तारी और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण को लेकर सड़क पर आ गई थी। सुबह से ही सुलग रहा गुस्सा दोपहर होते होते उग्र हो गया था और आलम यह हुआ कि गुस्साई भीड़ ने हत्यारोपी बुंदू पहलवान जो कि खुर्जा से हिस्ट्रीशीटर भी है के घर व होटल को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान घर में रखा सिलेंडर तक तेज धमाके के साथ फट गया था।
इतना ही नहीं पुलिस, नेताओं और बगल से जा रही बरेली पैसेंजर को रोककर जमकर पथराव किया था। कई घंटे जाम और प्रदर्शन को पुलिस ने बल प्रयोग कर बमुश्किल से नियंत्रित किया था। पथराव में तत्कालीन विधायक, एसपी सिटी तक चपेट में आए थे।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह वादी जुम्मन खां निवासी मौलाना आजाद नगर क्वार्सी ने 19 दिसंबर 2010 को यह मुकदमा क्वार्सी थाने में दर्ज कराया था कि उनके बच्चों का पड़ोसी मोहल्ला हमदर्द नगर डी जमालपुर सिविल लाइंस निवासी बुंदू खां पहलवान से एक माह पहले झगड़ा हो गया था। इसी बात पर वह रंजिश मानते थे। घटना के दिन यानि 19 दिसंबर की दोपहर ढाई बजे जुम्मन के घर में ही रहने वाला जुम्मन का साला सुलेमान निवासी जलालपुर बदायूं, जुम्मन का बेटा अकील और भतीजा जान मोहम्मद सब्जी लेने जा रहे थे। तभी रास्ते में साजिशन घात लगाकर बैठे बुंदू खां, उसके बेटे अकरम, अमजद के अलावा दो नाबालिग बेटे और कदीर ने तीनों पर हमला बोल दिया।
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इस दौरान सुलेमान और जान मोहम्मद चाकुओं के प्रहार से जख्मी हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां सुलेमान को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि जान मोहम्मद को जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया। इस मुकदमे में सभी छह आरोपियों पर चार्जशीट दायर की गई, जिनमें से दो नाबालिग आरोपियों की पत्रावली वर्ष 2011 में अलग कर दी गई, जबकि एक आरोपी कदीर की पत्रावली पर 1 दिसंबर 2019 को अलग निर्णय हुआ।
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वहीं तीन आरोपी बुंदू खां और उसके बेटै अकरम व अमजद की पत्रावली पर सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों और गवाही के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार दिया है और उम्रकैद के साथ 13-13 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसमें से आधी रकम पीड़ित पक्ष को दी जाएगी।
हत्या के दूसरे दिन सुलग उठा था जमालपुर
महानगर के सिविल लाइंस व क्वार्सी के बॉर्डर पर बरेली रेलवे लाइन के सहारे हुई हत्या के दूसरे दिन जब शव मोहल्ले में ले जाया गया तो पब्लिक आरोपियों की गिरफ्तारी और आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण को लेकर सड़क पर आ गई थी। सुबह से ही सुलग रहा गुस्सा दोपहर होते होते उग्र हो गया था और आलम यह हुआ कि गुस्साई भीड़ ने हत्यारोपी बुंदू पहलवान जो कि खुर्जा से हिस्ट्रीशीटर भी है के घर व होटल को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान घर में रखा सिलेंडर तक तेज धमाके के साथ फट गया था।
इतना ही नहीं पुलिस, नेताओं और बगल से जा रही बरेली पैसेंजर को रोककर जमकर पथराव किया था। कई घंटे जाम और प्रदर्शन को पुलिस ने बल प्रयोग कर बमुश्किल से नियंत्रित किया था। पथराव में तत्कालीन विधायक, एसपी सिटी तक चपेट में आए थे।