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अलीगढ़ः लूट नहीं, गबन में जेल भेजे गए मुनीम पिता और पुत्र

Sat, 13 Nov 2021 01:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Nov 2021 01:21 AM IST
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father and son were sent to jail for misappropriation
महानगर के महुआ खेड़ा क्षेत्र में गांधीपार्क थाने के सामने बृहस्पतिवार सुबह कथित तौर पर हुई 22 लाख की लूट में मुनीम व उसके बेटे को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। इस घटना को अब लूट के बजाय गबन में तरमीम किया जा रहा है। घटना के 12 घंटे में इस सनसनीखेज फर्जी लूट का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एडीजी ने 50 हजार के इनाम की घोषणा की है।
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एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि धनीपुर मंडी के विष्णुपुरी निवासी आढ़ती सौरभ गर्ग की तहरीर पर बृहस्पतिवार को 22 लाख की लूट का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में उन्होंने अपने मुनीम रहमतपुर गढ़मई के अजय पर संदेह जताते हुए कहा था कि उसे खुद व पड़ोसियों सहित चार फर्मों के 22 लाख रुपये के चेक देकर एचडीएफसी बैंक से रुपये निकालकर लाने भेजा था। लौटते में उसने लूट की खबर दी है। पुलिस जांच, सीसीटीवी देखने के बाद साफ हुआ कि इस घटना को अंजाम ही नहीं दिया गया, बल्कि खुद अजय ने गांधीपार्क थाने के सामने स्थित बैंक से रुपये निकालने के बाद अपने बेटे को बुलाकर रुपयों का बैग उसे सौंप दिया और लूट की खबर दे दी। सीसीटीवी में इसके साक्ष्य मिलने के बाद अजय के बेटे को घर से गिरफ्तार कर रुपये भी उसके घर से बरामद किए। चूंकि यह घटना लूट की नहीं थी, इसलिए गबन में तरमीम की जा रही है। दोनों को जेल भेज दिया गया है। बता दें कि अजय ने चार बाइक सवारों द्वारा लूट करना बताया था। इस खबर पर एसएसपी कलानिधि नैथानी सहित पूरा अमला मौके पर पहुंचा और घंटों की जांच में सच सामने आ गया था। इस घटना का सही सही चंद घंटों में खुलासा करने पर पुलिस टीम को 50 हजार के इनाम की घोषणा एडीजी स्तर से व 25 हजार के इनाम की घोषणा एसएसपी स्तर से की गई है।
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छूट रहे थे पसीने, वीडियो देखा तो टूट गया
पुलिस पूछताछ के दौरान शाम तक अजय लगातार पुलिस को बरगला रहा था। मगर उसके पुलिस के सामने बार-बार पसीने छूट रहे थे। उसके इस हाव भाव को देखकर पुलिस अधिकारियों को साफ लग रहा था कि घटना में यही शामिल है। मगर, साक्ष्य नहीं मिल रहे थे। जैसे ही शाम को अजय द्वारा बेटे को बैग सौंपते हुए का वीडियो मिला और उसे यह 9 सेकंड का वीडियो दिखाया गया तो उसे देखते ही वह टूट गया और बोल पड़ा कि हां, साहब लूट नहीं हुई। उसने रुपये घर भेज दिए। वह अपने मालिक से नाराज था।
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रकम कोर्ट के जरिये ही मिल पाएगी
आढ़ती के 22 लाख रुपये अभी उन्हें वापस नहीं मिलेंगे। चूंकि यह रकम अभी मुकदमा संपत्ति है। इसलिए रकम कोषागार में जमा कराने की प्रक्रिया पुलिस स्तर से की जाएगी। आढ़ती द्वारा उसे वापस लेने के संबंध में न्यायालय में अर्जी दी जाएगी। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद ही रकम वापस आढ़ती को मिल पाएगी।

पत्नी के बहकावे पर तोड़ा विश्वास, पुलिस का आभार
इस घटना के खुलासे को लेकर आढ़ती सौरभ का कहना है कि अजय उनका बेहद विश्वासपात्र मुनीम था। 22 लाख का क्या, कई बार वह 50 लाख से अधिक रकम लेकर आया और वापस भुगतान करने भी गया। मगर कभी उसका विश्वास नहीं डिगा। सौरभ के अनुसार हाल ही में उसके बड़े बेटे की शादी हुई है। शादी में वह कर्ज में डूब गया और शादी के बाद अपनी पत्नी को लेकर कुछ जरूरतें पूरी न करने के कारण अजय का बेटा परेशान था। इसे लेकर उसका व उसकी मां का आपस में झगड़ा भी हुआ। इसी के चलते वह पत्नी व बेटे के दबाव में था। इसी दबाव व बहकावे के चलते उसने यह लूट की साजिश रची। हां, अगर उसने लूट की फर्जी कहानी रचने के बजाय वैसे ही मदद मांगी होती तो कर देता। घटना के बाद भी उसे बोला था कि सच बता दे तो माफ कर देता। मगर ऐसा नहीं हुआ। वहीं इस मामले में पुलिस ने जो काम किया है। पुलिस बेहद बधाई की पात्र है। वह आजीवन पुलिस का ऋणी रहेगा।
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