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आय बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक खेती करें किसान
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सर्किट हाउस में उप्र राज्य ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत वैन को रवाना करती उत्तर प्रदेश राज्यपाल आ?
- फोटो : CITY OFFICE
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रगतिशील किसानों से भी बातचीत की। उन्होंने अधिक से अधिक किसान उत्पादन संगठन बनाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो। देश के किसान यदि इस संकल्प को पूरा करना चाहते हैं तो उन्हें परंपरागत खेती को छोड़कर वैज्ञानिक आधारित खेती के साथ ही तकनीक का प्रयोग करना होगा।
बागवानी एवं पशुपालन समेत कृषि के अन्य सहायक घटकों की तरफ आगे बढ़ना होगा। रासायनिक खेती को छोड़ जैविक खेती करेंगे, तभी कृृषक खुशहाल होंगे और नवयुवक खुशहाल होंगे तो देश तरक्की करेगा। वर्तमान सरकार किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही हैं। किसानों को सस्ते दामों पर बिजली, पानी, बीज, खाद, कृषि यंत्र मुहैया करा रही है, इसका लाभ उठाएं और उन्नतशील प्रजाति के बीज और नवीन तकनीक का प्रयोग कर आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने किसानों को समूह बनाकर खेती करने का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक एफपीओ बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रगतिशील किसानों से कहा कि किसानों को केमिकल युक्त फर्टिलाइजर्स का प्रयोग पूर्णतया बंद कर देना चाहिए। किसानों को चाहिए कि कृषि विधियों और नवीन तकनीक को अपनाकर अपनी पैदावार को अन्य माध्यमों अथा बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन से आय में वृद्धि करें। समूह के माध्यम से खेती करें। राज्यपाल ने किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए कहा कि नये कृषि कानून कृषि एवं किसान हित में है, इससे किसानों को आगे बढ़ने, नए प्रयोग करने और अपनी जमीन का अधिकतम सदुपयोग करने का मौका मिलेगा।
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बागवानी एवं पशुपालन समेत कृषि के अन्य सहायक घटकों की तरफ आगे बढ़ना होगा। रासायनिक खेती को छोड़ जैविक खेती करेंगे, तभी कृृषक खुशहाल होंगे और नवयुवक खुशहाल होंगे तो देश तरक्की करेगा। वर्तमान सरकार किसानों को आर्थिक तौर पर मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही हैं। किसानों को सस्ते दामों पर बिजली, पानी, बीज, खाद, कृषि यंत्र मुहैया करा रही है, इसका लाभ उठाएं और उन्नतशील प्रजाति के बीज और नवीन तकनीक का प्रयोग कर आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने किसानों को समूह बनाकर खेती करने का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक एफपीओ बनाने के निर्देश दिए।
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उन्होंने प्रगतिशील किसानों से कहा कि किसानों को केमिकल युक्त फर्टिलाइजर्स का प्रयोग पूर्णतया बंद कर देना चाहिए। किसानों को चाहिए कि कृषि विधियों और नवीन तकनीक को अपनाकर अपनी पैदावार को अन्य माध्यमों अथा बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन से आय में वृद्धि करें। समूह के माध्यम से खेती करें। राज्यपाल ने किसान आंदोलन पर चर्चा करते हुए कहा कि नये कृषि कानून कृषि एवं किसान हित में है, इससे किसानों को आगे बढ़ने, नए प्रयोग करने और अपनी जमीन का अधिकतम सदुपयोग करने का मौका मिलेगा।
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