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राहत राशि न मिलने के सदमे से किसान की मौत
पिसावा
Updated Sat, 06 Jun 2015 02:11 AM IST
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राहत राशि न मिलने के सदमे से किसान की मौत
फसल बर्बादी पर मुआवजे की आस लगाए बैठा था टप्पल के गांव भदियार का किसान
अमर उजाला ब्यूरो
पिसावा (अलीगढ़)। फसल बर्बादी पर मुआवजे की आस लगाए बैठे टप्पल क्षेत्र के किसान सत्यप्रकाश शर्मा का नाम जब पात्रों की सूची में नहीं आया तो सदमे से उनकी मौत हो गई। नायब तहसीलदार ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
टप्पल ब्लॉक के गांव भदियार निवासी 52 वर्षीय किसान सत्यप्रकाश शर्मा के परिजनों ने बताया कि सत्यप्रकाश समेत छह भाइयों के पास केवल तीन बीघा जमीन थी, जिसमें गेहूं की बोई गई फसल बर्बाद होने से सत्यप्रकाश काफी परेशान था। उस पर कर्ज भी हो गया था। शुक्रवार की सुबह गांव में किसानों को राहत राशि के चेक वितरित किए जा रहे थे। अन्य किसानों को तो चेक मिल गए लेकिन सत्यप्रकाश का नाम पात्रों की सूची में नहीं था। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सका और हार्टअटैक से उसकी मौत हो गई। सत्यप्रकाश के बेटे टीटू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराया है। खैर के नायब तहसीलदार नवीन कुमार मौके पर पहुंचे और पड़ताल की। उनका कहना है कि सत्यप्रकाश पात्रों की श्रेणी में थे या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। अगर इसमें जो भी कर्मचारी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फसल बर्बादी पर मुआवजे की आस लगाए बैठा था टप्पल के गांव भदियार का किसान
अमर उजाला ब्यूरो
पिसावा (अलीगढ़)। फसल बर्बादी पर मुआवजे की आस लगाए बैठे टप्पल क्षेत्र के किसान सत्यप्रकाश शर्मा का नाम जब पात्रों की सूची में नहीं आया तो सदमे से उनकी मौत हो गई। नायब तहसीलदार ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
टप्पल ब्लॉक के गांव भदियार निवासी 52 वर्षीय किसान सत्यप्रकाश शर्मा के परिजनों ने बताया कि सत्यप्रकाश समेत छह भाइयों के पास केवल तीन बीघा जमीन थी, जिसमें गेहूं की बोई गई फसल बर्बाद होने से सत्यप्रकाश काफी परेशान था। उस पर कर्ज भी हो गया था। शुक्रवार की सुबह गांव में किसानों को राहत राशि के चेक वितरित किए जा रहे थे। अन्य किसानों को तो चेक मिल गए लेकिन सत्यप्रकाश का नाम पात्रों की सूची में नहीं था। इस सदमे को वह बर्दाश्त नहीं कर सका और हार्टअटैक से उसकी मौत हो गई। सत्यप्रकाश के बेटे टीटू शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने उसके शव का पोस्टमार्टम कराया है। खैर के नायब तहसीलदार नवीन कुमार मौके पर पहुंचे और पड़ताल की। उनका कहना है कि सत्यप्रकाश पात्रों की श्रेणी में थे या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। अगर इसमें जो भी कर्मचारी दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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