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Aligarh News: फर्जी तरीके से ली नॉन कैडर सचिव की नौकरी, शिकायत पर दिया त्यागपत्र
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गंगीरी ब्लॉक में जिरौली की साधन सहकारी समिति पर एक व्यक्ति द्वारा हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के फर्जी अंक पत्र से नॉन कैडर सचिव के पद पर नौकरी पा ली। पिछले कई सालों से यहां नौकरी करता रहा, लेकिन शिकायत पर सारी सच्चाई सामने आ गई तो उसने त्यागपत्र दे दिया।
मामले में सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक की ओर से संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है। साधन सहकारी समिति को भी नौकरी के दौरान किए भुगतान की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता कृष्ण कुमार के अनुसार जिरौली की साधन सहकारी समिति पर सोमेश कुमार नॉन कैडर सचिव के पद पर तैनात था। सोमेश की कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की। आरोप लगाया कि उसने नौकरी के लिए फर्जी तरीके से अंक पत्रों का प्रयोग किया है। इस पर विभागीय स्तर से जांच कराई गई।
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सामने आया कि सोमेश कुमार की ओर से प्रस्तुत किए हाईस्कूल, इंटर दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के ऑनलाइन पोर्टल के सत्यापन में पता लगा कि अनुक्रमांक के अनुसार दोनों ही प्रमाण पत्र अन्य लोगों के नाम हैं। उधर, जांच होने की जानकारी पाकर सोमेश कुमार ने नौकरी से त्याग पत्र दे दिया। आरोप है कि फर्जी अंक पत्रों से ही सोमेश कुमार ने 10 साल से भी अधिक समय तक नौकरी की। अ
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मामले में सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक की ओर से संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है। साधन सहकारी समिति को भी नौकरी के दौरान किए भुगतान की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता कृष्ण कुमार के अनुसार जिरौली की साधन सहकारी समिति पर सोमेश कुमार नॉन कैडर सचिव के पद पर तैनात था। सोमेश की कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की। आरोप लगाया कि उसने नौकरी के लिए फर्जी तरीके से अंक पत्रों का प्रयोग किया है। इस पर विभागीय स्तर से जांच कराई गई।
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सामने आया कि सोमेश कुमार की ओर से प्रस्तुत किए हाईस्कूल, इंटर दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के ऑनलाइन पोर्टल के सत्यापन में पता लगा कि अनुक्रमांक के अनुसार दोनों ही प्रमाण पत्र अन्य लोगों के नाम हैं। उधर, जांच होने की जानकारी पाकर सोमेश कुमार ने नौकरी से त्याग पत्र दे दिया। आरोप है कि फर्जी अंक पत्रों से ही सोमेश कुमार ने 10 साल से भी अधिक समय तक नौकरी की। अ