AMU: अलीगढ़ लाया जा सकता है फैजान, पीएफआई से संपर्क हो रहे उजागर, कैंपस के सीसीटीवी खंगाले जा रहे
एनआईए ने रांची कोर्ट के आदेश पर सोमवार को फैजान को सात दिन के लिए रिमांड पर लिया है। पूछताछ के लिए उसके पिता को भी बुला लिया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान टीम उसकी पढ़ाई की शुरुआत, दोस्ती, गतिविधियां, उसके खर्च, आय के स्रोत से लेकर अन्य तमाम तथ्यों पर पूछताछ हो रही है।
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आईएसआईएस में शामिल हुए झारखंड निवासी एएमयू छात्र फैजान अंसारी उर्फ फैज के पीएफआई से संपर्क सामने आए हैं। साथ में एनआईए सहित अन्य एजेंसियां पता लगा रही हैं कि एएमयू और आसपास उसका मददगार कौन रहा? आईएसआईएस से जुड़ने के बाद वह एएमयू आया तो उसका उद्देश्य क्या था?
इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए एनआईए सहित कई एजेंसियों ने यहां डेरा डाल रखा है और पुराने दिनों के घटनाक्रमों को लेकर कैंपस व आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। संकेत मिले हैं कि रिमांड पर लिए गए फैजान से तथ्यों की जांच और कुछ अन्य सुराग पर काम करने के मकसद से उसे अलीगढ़ भी लाया जा सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
झारखंड के लोहरदगा जिले की मित्तल कालोनी के फैजान अंसारी उर्फ फैज को एनआइए ने उसके घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद पूछताछ के आधार पर टीम उसके यहां एएमयू के पास स्थित जमालपुर इलाके के किराये के कमरे पर भी पहुंची। जहां कई घंटे की तलाशी के बाद काफी साक्ष्य संकलित कर ले गई। बृहस्पतिवार को उसकी गिरफ्तारी घोषित करते हुए प्रेसनोट जारी हुआ। वह डार्कवेब नेट के जरिये आईएसआईएस के संपर्क में आया था। इस संगठन के तमाम लोगों के साथ वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था।
रिमांड पर फैजान और पिता से भी पूछताछ की जा रही
एनआईए ने रांची कोर्ट के आदेश पर सोमवार को फैजान को सात दिन के लिए रिमांड पर लिया है। पूछताछ के लिए उसके पिता को भी बुला लिया गया है। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान टीम उसकी पढ़ाई की शुरुआत, दोस्ती, गतिविधियां, उसके खर्च, आय के स्रोत से लेकर अन्य तमाम तथ्यों पर पूछताछ हो रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह जब झारखंड में हुए दंगों, नक्सलियों से जुड़ी घटनाओं से प्रभावित होकर आईएसआईएस से जुड़ गया तो फिर एएमयू क्यों आया। उसका यहां आने का मकसद क्या था। एकदम नई जगह आने पर एएमयू में दाखिले से लेकर रहने के लिए ठिकाना दिलाने तक उसका मददगार कौन रहा। उसका कोई दोस्त नहीं बना तो अलीगढ़ में उसके नेटवर्क में कौन कौन था। अचानक वह यहां से वापस क्यों चला गया। जाने के बाद फिर क्यों नहीं लौटा। इन सवालों पर खुद उससे व उसके पिता से पूछताछ होनी है। उसके खर्चों आदि को लेकर पीएफआई से संपर्क उजागर हो रहे हैं। पीएफआई से उसका संपर्क अलीगढ़ में तो नहीं हुआ।
एएमयू में प्रोफेसरों व अधिकारियों से भी पूछताछ के संकेत
इधर, एनआईए की टीम का अलीगढ़ में डेरा जमा हुआ है। वह कैंपस में उसकी गतिविधियों का ब्योरा तलाशने में लगी है। इसी क्रम में एएमयू के उसकी कक्षा से जुड़े प्रोफेसरों व अधिकारियों से भी पूछताछ हो सकती है। सूत्र बताते हैं कि उनसे पूछताछ का इशारा हो गया है, ताकि तस्वीर साफ हो सके। इसी क्रम में उसे अलीगढ़ लाने के भी संकेत मिल रहे हैं।
एटीएस का संदेह..जरूर कोई मददगार और उसका नेटवर्क
बेशक फैजान ढाई माह पहले यहां से चला गया। उसके अलीगढ़ में किसी दोस्त या करीबी के विषय में जानकारी नहीं मिली है। मगर एटीएस को उसकी गतिविधियों, हरकतों आदि को लेकर इस बात का अंदेशा है कि उसका कोई न कोई मददगार यहां जरूर है। साथ में उसके नेटवर्क का सदस्य भी जरूर है। तभी तो वह अचानक यहां आया और चला गया। आसानी से उसे किराये पर कमरा मिल गया। हॉस्टल आवंटित न होने पर भी वह यहां आसानी से रहा। डार्कवेब नेट के जरिये अपने संपर्कों से जुड़ा रहा।
एक छात्र की वजह से कैंपस की बदनामी क्यों
इस विषय में एएमयू परीक्षा नियंत्रक प्रो.मुजीबुल्लाह जुबैरी ने सोमवार को मीडिया के सवाल पर कहा कि एक छात्र की वजह से कैंपस को बदनाम क्यों किया जा रहा है। एएमयू की इतनी उपलब्धियों को उसके सामने क्यों दबाया जा रहा है। वे कहते हैं कि तीस हजार छात्रों में से एक छात्र की गतिविधि ऐसी हैं तो उसमें एएमयू का क्या दोष है।