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अलीगढ़ : थोक में महंगे डीजल से बिगड़ेगा घर का बजट
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राधा गुप्ता । देहली गेट
- फोटो : CITY OFFICE
डीजल के थोक दामों में 25 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से आम आदमी के घर का बजट बिगड़ेगा। जानकारों की मानें तो थोक में डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ेगा, जिससे दवाओं, खाद्य पदार्थों, रिफाइंड तेल, कपड़ा आदि के कारोबार पर महंगाई की मार पड़ेगी। रोजमर्रा की हर चीज महंगी हो जाएंगी। मंगलवार को फुटकर में भी पेट्रोल-डीजल पर 80 पैसे बढ़ गए, जबकि घरेलू रसोई गैस पर भी पचास रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि हुई है।
रूस-यूक्रेेन युद्ध की धमक अब विश्व भर के बाजारों में देखने को मिल रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अब तक का सबसे बड़ा उछाल आया है। कच्चे तेल के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इसी के चलते सरकार ने थोक में डीजल के दाम में करीब 25 रुपये की वृद्धि की है। हालांकि, पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने वाले इस तेजी के दायरे में नहीं आएंगे। मंगलवार को पेट्रोल व डीजल पर 80 पैसे बढ़ गए, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलिंडर पर 50 रुपये बढ़ गए हैं। अलीगढ़ में सादा पेट्रोल 96.22 रुपये व डीजल 87.72 रुपये प्रति लीटर हो गया है। 918 रुपये में मिलने वाला घरेलू रसोई गैस सिलिंडर अब 968 रुपये का हो गया है। जानकारों के अनुसार, डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ेगा, जिसका असर दवा, खाद्य पदार्थ, रिफाइंड तेल, कपड़ा आदि के कारोबार पर पड़ेगा। निर्माण लागत में वृद्धि होने से आम आदमी के जेब एक बार फिर ढीली होगी।
थोक में डीजल पर 25 रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे कंपनियों की निर्माण लागत बढ़ेगी। कंपनियां उत्पादों पर पैसा बढ़ाएंगी। दवाइयों के दाम भी दस प्रतिशत तक बढ़ेंगे। हर चीज पर तेजी आएगी। सरकार को इस पर काम करना चाहिए।
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भूपेंद्र वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष, अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सरकार ने अभी डीजल पर थोक रेट बढ़ाए हैं। अब धीरे-धीरे फुटकर दाम में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। ट्रांसपोर्टर अब माला भाड़ा बढ़ाएंगे। कई ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन थोक में डीजल खरीदते। ऐसे में महंगाई बढ़ना तय है। लोगों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
अजय पाल सिंह, अध्यक्ष, दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन
डीजल का दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ेगी। ऐसे में खाद्य पदार्थ महंगा होना लाजमी है। मूल्य वृद्धि करना सरकार की मजबूरी है। ये वैश्विक समस्या है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी है। तेल कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष, महावीर गंज खाद्यान्न व्यापार मंडल
बोलीं गृहणयिां
घरेलू गैस के दाम में वृद्धि होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। बजट को संतुलित करने के लिए अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। फल और सब्जियों पर खर्च को कम करना पड़ रहा है।
. सोनाक्षी नंदन, पुष्पांजलि कॉलोनी, स्वर्ण जयंती नगर
घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को सरकार को काबू करना चाहिए। सब्सिडी घटाकर बेहद कम कर दी गई है। ऊपर से आए दिन गैस का दाम बढ़ा दिया जा रहा है, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
. राधा गुप्ता, देहलीगेट
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रूस-यूक्रेेन युद्ध की धमक अब विश्व भर के बाजारों में देखने को मिल रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में अब तक का सबसे बड़ा उछाल आया है। कच्चे तेल के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इसी के चलते सरकार ने थोक में डीजल के दाम में करीब 25 रुपये की वृद्धि की है। हालांकि, पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने वाले इस तेजी के दायरे में नहीं आएंगे। मंगलवार को पेट्रोल व डीजल पर 80 पैसे बढ़ गए, जबकि घरेलू रसोई गैस सिलिंडर पर 50 रुपये बढ़ गए हैं। अलीगढ़ में सादा पेट्रोल 96.22 रुपये व डीजल 87.72 रुपये प्रति लीटर हो गया है। 918 रुपये में मिलने वाला घरेलू रसोई गैस सिलिंडर अब 968 रुपये का हो गया है। जानकारों के अनुसार, डीजल के दाम बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ेगा, जिसका असर दवा, खाद्य पदार्थ, रिफाइंड तेल, कपड़ा आदि के कारोबार पर पड़ेगा। निर्माण लागत में वृद्धि होने से आम आदमी के जेब एक बार फिर ढीली होगी।
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थोक में डीजल पर 25 रुपये की वृद्धि हुई है, जिससे कंपनियों की निर्माण लागत बढ़ेगी। कंपनियां उत्पादों पर पैसा बढ़ाएंगी। दवाइयों के दाम भी दस प्रतिशत तक बढ़ेंगे। हर चीज पर तेजी आएगी। सरकार को इस पर काम करना चाहिए।
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भूपेंद्र वार्ष्णेय, जिलाध्यक्ष, अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सरकार ने अभी डीजल पर थोक रेट बढ़ाए हैं। अब धीरे-धीरे फुटकर दाम में भी इजाफा होना शुरू हो गया है। ट्रांसपोर्टर अब माला भाड़ा बढ़ाएंगे। कई ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन थोक में डीजल खरीदते। ऐसे में महंगाई बढ़ना तय है। लोगों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
अजय पाल सिंह, अध्यक्ष, दि गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन
डीजल का दाम बढ़ने से माल ढुलाई बढ़ेगी। ऐसे में खाद्य पदार्थ महंगा होना लाजमी है। मूल्य वृद्धि करना सरकार की मजबूरी है। ये वैश्विक समस्या है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी है। तेल कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राजकुमार गुप्ता, अध्यक्ष, महावीर गंज खाद्यान्न व्यापार मंडल
बोलीं गृहणयिां
घरेलू गैस के दाम में वृद्धि होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। बजट को संतुलित करने के लिए अन्य खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। फल और सब्जियों पर खर्च को कम करना पड़ रहा है।
. सोनाक्षी नंदन, पुष्पांजलि कॉलोनी, स्वर्ण जयंती नगर
घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों को सरकार को काबू करना चाहिए। सब्सिडी घटाकर बेहद कम कर दी गई है। ऊपर से आए दिन गैस का दाम बढ़ा दिया जा रहा है, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
. राधा गुप्ता, देहलीगेट

सोनाक्षी नंदन । पुष्पाजंलि कॉलोनी स्वर्ण जयंती नगर- फोटो : CITY OFFICE