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बजट 2025 से हमें है यह उम्मीद: टैक्स दर हो कम, आयकर छूट बढ़े, यह भी होना चाहिए
Sat, 01 Feb 2025 11:23 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 01 Feb 2025 11:23 AM IST
सार
बजट 2025 को लेकर हर वर्ग को कुछ न कुछ उम्मीदें जरूर हैं। ताला उद्यमी, सराफा कारोबारी, छात्र-छात्रा, शिक्षक, अधिवक्ता, रेल यात्री, रियल स्टेट कारोबारी को बजट से ये उम्मीदें हैं...
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केंद्रीय बजट 2025 से उम्मीद।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही हैं, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग को उम्मीदें हैं। शहर की पहचान ताला उद्योग को राहत मिलनी चाहिए, खासकर निर्यात को बढ़ावा देने और घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के लिए। इसी तरह व्यापारी वर्ग जीएसटी प्रावधान और अन्य टैक्स जटिलताओं को कम करने की मांग कर रहा है।
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ताला उद्यमी
सरकार को ताला उद्योग के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करनी चाहिए, जिसमें कर छूट, सब्सिडी और अन्य लाभ शामिल हों। - राजेश सरकोंडा, महामंत्री, सासनी गेट औद्योगिक, वेलफेयर संस्थान।
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सरकार को अलीगढ़ में ताला उद्योग के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थापित करने पर विचार करना चाहिए, जो उद्योग को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगा। -विनोद माहेश्वरी, उद्यमी
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सराफा कारोबारी
सोने पर जीएसटी की दर को 3 फीसदी से 1.5 फीसदी पर लाना चाहिए। इससे ही सोने के लगातार बढ़ रहे दामों पर कुछ नियंत्रण होगा। इससे लोगों को भी राहत मिलेगी। - विजय कुमार, अलीगढ़ सराफा एसोसिएशन
सोना बहुमूल्य धातु है। इससे भारतीय जनमानस लगाव रखता है। पिछले वर्ष एक्सपोर्ट ड्यूटी घटा दी गई थी। इस वर्ष संभावना है कि इसको बढ़ाया जा सकता है। - अतुल सराफ, महामंत्री, अलीगढ़ सराफा एसोसिएशन
शिक्षिकाएं
वह छात्राएं जो आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा पूरी नहीं कर पातीं, लेकिन पढ़ना चाहती हैं। ऐसी छात्राओं को शिक्षा दिलवाने का प्रावधान होना चाहिए। उच्च शिक्षा बहुत महंगी है। इसे सस्ता करना चाहिए। -डॉ. सुनीता, डीएस कॉलेज
बजट में लैंगिक समानता पर ध्यान देना चाहिए। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर केंद्रित कार्यक्रमों के लिए धन आवंटित होना चाहिए। - डॉ. तनु वार्ष्णेय, एसबी, कॉलेज
बजट में विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए। व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा दें। विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सुधार हो। साथ ही विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाए। - कुलसुम, टीकाराम इंटर कॉलेज
छात्राएं
शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ रही महंगाई को कम किया जाए। प्राइवेट स्कूल, कोचिंग संस्थानों की फीस कम होनी चाहिए, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर भी शिक्षा हासिल कर सकें। - प्राची,बीए तृतीय वर्ष, टीकाराम कॉलेज
रोजगार के साधन कम हैं और जरूरत ज्यादा है। बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण होना चाहिए। खाद्य सामग्री सस्ती होनी चाहिए। रोजगार के साधन बढ़ने चाहिए। - मंजू देवी
रियल एस्टेट
रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देना चाहिए। यह मांग पिछले काफी समय से रियल एस्टेट कारोबारियों की तरफ से हो रही है।- सुमित सराफ, महासचिव, क्रेडाई
भवन निर्माण में 800 से अधिक वस्तुएं हैं। रियल एस्टेट वह सेक्टर है जो पूरी अर्थव्यवस्था को गतिशील करता है। ग्रुप नियमों को उदार बनाया जाए। - दीपक राठी
शेयर बाजार
अगर बजट में राजकोषीय घाटे को कम करने पर फोकस रहा तो शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है। इससे निवेशकों का विश्वास फिर बाजार में लौटेगा। -संजय माहेश्वरी , शेयर बाजार विश्लेषक
शिक्षक
सरकार के इस बजट से यही अपेक्षा है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर महंगाई कम हो। वेतनभोगी कर्मचारियों पर प्रत्यक्ष कर का भार भी कम हो। महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को कुछ अतिरिक्त रियायत मिले, तो अच्छा ही होगा। अप्रत्यक्ष कर को भी नियंत्रित किया जाना चाहिए। इस बार एक समावेशी बजट की उम्मीद है।-प्रो. शंभुनाथ तिवारी, हिंदी विभाग, एएमयू
मध्यमवर्गीय के साथ निम्नवर्गीय के लोगों का भी केंद्रीय बजट में ख्याल रखा जाना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों में कर नहीं लगना चाहिए। इससे चीजें मध्यमवर्गीय के साथ निम्नवर्गीय की पहुंच में होगी। यही सरकार की भी मंशा होती है कि उसके शासनकाल में सभी खुश, स्वस्थ और शिक्षित रहें। संतुलित बजट आएगा, तो खुशी होगी।-प्रो. आसिम अहमद सिद्दीकी, अंग्रेजी विभाग, एएमयू
रोजगार के साधन कम हैं और जरूरत ज्यादा है। बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण होना चाहिए। खाद्य सामग्री सस्ती होनी चाहिए। रोजगार के साधन बढ़ने चाहिए। - मंजू देवी
रियल एस्टेट
रियल एस्टेट को उद्योग का दर्जा देना चाहिए। यह मांग पिछले काफी समय से रियल एस्टेट कारोबारियों की तरफ से हो रही है।- सुमित सराफ, महासचिव, क्रेडाई
भवन निर्माण में 800 से अधिक वस्तुएं हैं। रियल एस्टेट वह सेक्टर है जो पूरी अर्थव्यवस्था को गतिशील करता है। ग्रुप नियमों को उदार बनाया जाए। - दीपक राठी
शेयर बाजार
अगर बजट में राजकोषीय घाटे को कम करने पर फोकस रहा तो शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी आ सकती है। इससे निवेशकों का विश्वास फिर बाजार में लौटेगा। -संजय माहेश्वरी , शेयर बाजार विश्लेषक
शिक्षक
सरकार के इस बजट से यही अपेक्षा है कि रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं पर महंगाई कम हो। वेतनभोगी कर्मचारियों पर प्रत्यक्ष कर का भार भी कम हो। महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों को कुछ अतिरिक्त रियायत मिले, तो अच्छा ही होगा। अप्रत्यक्ष कर को भी नियंत्रित किया जाना चाहिए। इस बार एक समावेशी बजट की उम्मीद है।-प्रो. शंभुनाथ तिवारी, हिंदी विभाग, एएमयू
मध्यमवर्गीय के साथ निम्नवर्गीय के लोगों का भी केंद्रीय बजट में ख्याल रखा जाना चाहिए। रोजमर्रा की चीजों में कर नहीं लगना चाहिए। इससे चीजें मध्यमवर्गीय के साथ निम्नवर्गीय की पहुंच में होगी। यही सरकार की भी मंशा होती है कि उसके शासनकाल में सभी खुश, स्वस्थ और शिक्षित रहें। संतुलित बजट आएगा, तो खुशी होगी।-प्रो. आसिम अहमद सिद्दीकी, अंग्रेजी विभाग, एएमयू
बार पदाधिकारी
देश की अर्थव्यवस्था के लिए बजट एक आवश्यक सरकारी प्रक्रिया है। केंद्र सरकार का बजट हर साल जब भी प्रस्तुत किया जाता है, तो सरकार से हम सबकी अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं, जो स्वाभाविक ही है। बजट सर्वसमावेशी होगा, तो लोगों की सहूलियतें मिलेंगी।-दीपक बंसल, उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन।
शनिवार को आ रहे बजट से काफी भी अपेक्षाएं हैं कि वह आमजन के लिए बेहतर होगा। ऐसा बजट आए, जिससे किसी को निराशा नहीं होनी चाहिए। महंगाई काफी बढ़ गई है। अगर कर और बढ़े तो इसका असर मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय पर पड़ेगा।-कमला भट्ट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन
अधिवक्ता
मेरी दिली ख्वाहिश है कि बजट ऐसा हो, जो समावेशी हो। आने वाले बजट पर लोगों की नजरें टिकी हैं। शानदार बजट होगा तो देश प्रगति करेगा। संतुलित बजट देश को मजबूत आधार देगा।-नीरज चौहान, अधिवक्ता।
केंद्रीय बजट उम्मीदों को हकीकत में बदलेगा। उम्मीद है कि समावेशी बजट होगा। कर में राहत और वित्तीय सहायता देकर मजबूती प्रदान की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो सके।-दीप्ति सिंह, अधिवक्ता
सामाजिक कार्यकर्ता
मध्यमवर्गीय परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और चिकित्सा के आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त धन का आवंटन होना चाहिए। अधिक अपेक्षाएं वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी और गैरसरकारी कर्मचारियों की होती हैं, जहां वह प्रत्यक्ष करों में कटौती किए जाने की सतत आस लगाए रहते हैं।-डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
छात्र
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए एएमयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अन्य संस्थानों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पर्याप्त बजट दिया जाए। बेहतर शिक्षा सुविधाएं न केवल छात्रों को सशक्त बनाएंगी बल्कि देश की आर्थिक और बौद्धिक प्रगति में भी योगदान देंगी।-नावेद आलम, छात्र एएमयू
सरकार को कुल बजट का छह फीसदी शिक्षा पर खर्च करना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति अच्छी तरह से विश्वविद्यालयों में लागू हो सके। प्राथमिक विद्यालयों में मॉडर्न शिक्षा पद्धति विकसित हो सके। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल से जुड़े कार्यक्रमों के लिए प्रावधान होना चाहिए।-जय यादव, छात्र, एसवी कॉलेज
शनिवार को आ रहे बजट से काफी भी अपेक्षाएं हैं कि वह आमजन के लिए बेहतर होगा। ऐसा बजट आए, जिससे किसी को निराशा नहीं होनी चाहिए। महंगाई काफी बढ़ गई है। अगर कर और बढ़े तो इसका असर मध्यमवर्गीय और निम्नवर्गीय पर पड़ेगा।-कमला भट्ट, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन
अधिवक्ता
मेरी दिली ख्वाहिश है कि बजट ऐसा हो, जो समावेशी हो। आने वाले बजट पर लोगों की नजरें टिकी हैं। शानदार बजट होगा तो देश प्रगति करेगा। संतुलित बजट देश को मजबूत आधार देगा।-नीरज चौहान, अधिवक्ता।
केंद्रीय बजट उम्मीदों को हकीकत में बदलेगा। उम्मीद है कि समावेशी बजट होगा। कर में राहत और वित्तीय सहायता देकर मजबूती प्रदान की जानी चाहिए, ताकि लोगों की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो सके।-दीप्ति सिंह, अधिवक्ता
सामाजिक कार्यकर्ता
मध्यमवर्गीय परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा और चिकित्सा के आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त धन का आवंटन होना चाहिए। अधिक अपेक्षाएं वेतन प्राप्त करने वाले सरकारी और गैरसरकारी कर्मचारियों की होती हैं, जहां वह प्रत्यक्ष करों में कटौती किए जाने की सतत आस लगाए रहते हैं।-डॉ. चंद्रशेखर शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता
छात्र
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए एएमयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और अन्य संस्थानों में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए पर्याप्त बजट दिया जाए। बेहतर शिक्षा सुविधाएं न केवल छात्रों को सशक्त बनाएंगी बल्कि देश की आर्थिक और बौद्धिक प्रगति में भी योगदान देंगी।-नावेद आलम, छात्र एएमयू
सरकार को कुल बजट का छह फीसदी शिक्षा पर खर्च करना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति अच्छी तरह से विश्वविद्यालयों में लागू हो सके। प्राथमिक विद्यालयों में मॉडर्न शिक्षा पद्धति विकसित हो सके। युवाओं के लिए रोजगार, कौशल से जुड़े कार्यक्रमों के लिए प्रावधान होना चाहिए।-जय यादव, छात्र, एसवी कॉलेज
रेलवे यात्रियों की प्रमुख मांगें
-अलीगढ़ स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, दूरंतो एक्सप्रेस, मडवाडीह एक्सप्रेस के अलावा दक्षिण भारत जाने के लिए ट्रेनों का संचालन हो।
-दादर-बरेली एक्सप्रेस व महाकाल एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में कम से कम तीन दिन हो।
-अलीगढ़-गाजियाबाद-दिल्ली के बीच इंटरसिटी ट्रेन व दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों का संचालन हो।
-अलीगढ़-हाथरस के बीच मेंडू के पास डेढ़ किलोमीटर तक नई लाइन बने। इससे अलीगढ़ सीधे हाथरस, कासगंज, बरेली के अलावा मथुरा से जुड़ सकेगा। भरतपुर, बांदीकुई एवं मुंबई का सफर आसान होगा।
रेल कर्मचारी
बजट में सरकार को पुरानी पेंशन योजना को लागू कर देना चाहिए। इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग का गठन कर उसे जनवरी 2026 से लागू भी कर देना चाहिए। इनकम टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जाए।-संजय शुक्ला, मुख्य वाणिज्यक अधिकारी रेलवे।
सरकार को बजट में सरकारी कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाली को लागू कर देना चाहिए। इससे कर्मचारियों के परिजनों को राहत मिलेगी। -राजाबाबू, सहायक स्टेशन अधीक्षक।
रेल यात्री
अलीगढ़ में दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस, विक्रमशिला, दूरंतो एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस का ठहराव होना चाहिए। यात्रियों के बैठने से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।-नितिन वर्मा।
स्टेशन ए श्रेणी का है, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं है। दिल्ली जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यहां से इंटरसिटी ट्रेन का संचालन होना चाहिए। नई ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए।-रविराज सिंह।
-दादर-बरेली एक्सप्रेस व महाकाल एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में कम से कम तीन दिन हो।
-अलीगढ़-गाजियाबाद-दिल्ली के बीच इंटरसिटी ट्रेन व दक्षिण भारत के लिए ट्रेनों का संचालन हो।
-अलीगढ़-हाथरस के बीच मेंडू के पास डेढ़ किलोमीटर तक नई लाइन बने। इससे अलीगढ़ सीधे हाथरस, कासगंज, बरेली के अलावा मथुरा से जुड़ सकेगा। भरतपुर, बांदीकुई एवं मुंबई का सफर आसान होगा।
रेल कर्मचारी
बजट में सरकार को पुरानी पेंशन योजना को लागू कर देना चाहिए। इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग का गठन कर उसे जनवरी 2026 से लागू भी कर देना चाहिए। इनकम टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जाए।-संजय शुक्ला, मुख्य वाणिज्यक अधिकारी रेलवे।
सरकार को बजट में सरकारी कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन बहाली को लागू कर देना चाहिए। इससे कर्मचारियों के परिजनों को राहत मिलेगी। -राजाबाबू, सहायक स्टेशन अधीक्षक।
रेल यात्री
अलीगढ़ में दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस, विक्रमशिला, दूरंतो एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस का ठहराव होना चाहिए। यात्रियों के बैठने से लेकर अन्य सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए।-नितिन वर्मा।
स्टेशन ए श्रेणी का है, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं है। दिल्ली जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यहां से इंटरसिटी ट्रेन का संचालन होना चाहिए। नई ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए।-रविराज सिंह।