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एएमयू का मूसा डाकरी संग्रहालय: 20 साल से संरक्षित बतख-सांप को जिसने देखा, देखता रह गया
Mon, 19 May 2025 08:24 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 19 May 2025 08:24 AM IST
सार
अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर एएमयू में प्रदर्शनी लगी। प्रदर्शनी में मूसा डाकरी संग्रहालय में संरक्षित जीव-जंतु, दुर्लभ तस्वीरें, पांडुलिपियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
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एएमयू के मूसा डाकरी म्यूजियम के सेमिनार में रखे संरक्षित सांप
- फोटो : संवाद
विस्तार
एएमयू के मूसा डाकरी संग्रहालय में संरक्षित बतख, सांप, मेढ़क सहित अन्य जंतुओं को जिसने देखा, वह देखता रह गया। उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि वह जिंदा है, जबकि ये जीव-जंतु 20 साल से संग्रहालय में संरक्षित हैं। दुर्लभ तस्वीरें, पांडुलिपियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
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संग्रहालय परिसर में संरक्षित चीजों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. नईमा खातून ने किया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय विज्ञान विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया। स्कूली बच्चों ने संग्रहालय का भ्रमण किया।
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सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया : पद्मश्री जिल्लुर्रहमान
पद्मश्री प्रो. हकीम सैयद जिल्लुर्रहमान ने कहा कि उनके ज्ञान के शब्दों ने मन पर एक अमिट छाप छोड़ी है, जो लोगों को अपने प्रयासों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
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18 मई को एएमयू के संग्रहालय विज्ञान विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में वह बोल रहे थे। संग्रहालय विज्ञान विभाग के अध्यक्ष व आईसीओएम इंडिया के सचिव प्रोफेसर अब्दुर्रहीम के. ने कहा कि इस साल अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद (आईसीओएम) ने “तेजी से बदलते समुदायों में संग्रहालयों का भविष्य” दिया है।
इसके अलावा आईसीओएम इंडिया की अध्यक्ष और एमएस विश्वविद्यालय, बड़ौदा के संग्रहालय विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रो. अंबिका पटेल, यूनेस्को अध्यक्ष प्रो. अमरेश्वर गल्ला, जीवन विज्ञान संकाय के डीन प्रो. नफीस अहमद खान ने अंतरराष्ट्रीय दिवस की थीम पर चर्चा की। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. दानिश महमूद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।