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Aligarh News: रासलीला के बाद धनुष भंग लीला हुई
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खेरेश्वर मंदिर में देव छठ मेले पर आयोजित रासलीला में प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : samvad
खेरेश्वर मंदिर में आयोजित देव छठ मेले में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण की रास लीला और उसके बाद प्रभु श्री राम की धनुष भंग लीला का मंचन किया गया। शाम सात बजे श्रीकृष्ण लीला रासलीला का आयोजन आदर्श श्री गिरिराज कृष्ण प्रेम संस्थान मथुरा के कलाकारों ने किया।
सबसे पहले मयूर नृत्य और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूपों ने रास नृत्य किया। इसका शुभारंभ बिहारी जी सराफ ने किया। रात नौ बजे धनुष भंग लीला हुई, जिसमें दिखाया गया कि भगवान श्री राम और लक्ष्मण के स्वरूप जनकपुरी में भ्रमण करते समय पुष्प वाटिका में सीता जी को पहली बार देखते हैं। इसके बाद रावण-वाणासुर और राजा जनक-लक्ष्मण संवाद होता है। प्रभु श्री राम धनुष का खंडन करते हैं।
माता सीता भगवान श्री राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण संवाद होता है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष गेहराज सिंह, महामंत्री ऋषि ओम शर्मा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे।
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दोपहर में अलग-अलग संस्थाओं के बच्चों ने एक शाम-देश के नाम कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बच्चों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्वजीत तोमर मेला प्रभारी, संजय शर्मा मेला संयोजक, मुख्य महंत प्रहलाद गिरी मौजूद रहे।
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सबसे पहले मयूर नृत्य और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूपों ने रास नृत्य किया। इसका शुभारंभ बिहारी जी सराफ ने किया। रात नौ बजे धनुष भंग लीला हुई, जिसमें दिखाया गया कि भगवान श्री राम और लक्ष्मण के स्वरूप जनकपुरी में भ्रमण करते समय पुष्प वाटिका में सीता जी को पहली बार देखते हैं। इसके बाद रावण-वाणासुर और राजा जनक-लक्ष्मण संवाद होता है। प्रभु श्री राम धनुष का खंडन करते हैं।
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माता सीता भगवान श्री राम के गले में वरमाला डाल देती हैं। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण संवाद होता है। इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष गेहराज सिंह, महामंत्री ऋषि ओम शर्मा, कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह चौहान मौजूद रहे।
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दोपहर में अलग-अलग संस्थाओं के बच्चों ने एक शाम-देश के नाम कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बच्चों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। विश्वजीत तोमर मेला प्रभारी, संजय शर्मा मेला संयोजक, मुख्य महंत प्रहलाद गिरी मौजूद रहे।