{"_id":"5df54e0b8ebc3e87a02347d5","slug":"energy-conservation-will-save-life-aligarh-news-ali2214645136","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊर्जा संरक्षण कर बचाएं पंचतत्व, फिर बचेगा जीवन का अस्तित्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊर्जा संरक्षण कर बचाएं पंचतत्व, फिर बचेगा जीवन का अस्तित्व
विज्ञापन
ताला नगरी स्थित अमर उजाला पर ऊर्जा संरक्षण को लेकर संवाद करते अजय कुमार, कुशल पाल सिंह, दुर्गेश भा?
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ट्री ऑफ लाइफ के तहत शनिवार को तालानगरी स्थित यूनिट में ऊर्जा संरक्षण विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। संवाद में आए प्रोफेसर, गैस एजेंसी व पेट्रोल पंप के मालिक, पर्यावरण विद, इंजीनियर अतिथियों ने ऊर्जा संरक्षण का मतलब जीवन का संरक्षण करना बताया। कहा कि आज हम ऊर्जा को संरक्षित कर पंच तत्वों (आग, पानी, हवा, पृथ्वी व आकाश) को बचाएंगे। तभी हमारे जीवन का अस्तित्व बच सकेगा।
एलपीजी, पेट्रोल, बिजली बचाने के साथ साथ प्राकृतिक ऊर्जा की ओर बढ़ना होगा। यह पहल सभी को मिलकर एक साथ अपने घर से शुरू करनी होगी। घरों में एलपीजी, बिजली, एसी, फ्रीज का सीमित इस्तेमाल वातावरण को सुरक्षित रखने में काफी मददगार साबित होगा। हवा, सौर ऊर्जा जैसे प्राकृतिक स्त्रोतों से ही कार्बन का उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
गाड़ी स्टार्ट करने और बंद करने में अधिक खर्च नहीं होता है ईधन
यहां बताया गया कि लोगों में भ्रांतियां हैं कि जाम के दौरान वाहन को बार-बार बंद या स्टार्ट नहीं करना चाहिए। इससे अधिक ईधन की खपत होती है। क्योंकि आजकल हर वाहन में नई तकनीक आ रही है, अगर वाहन बंद करते हैं तो लगातार खर्च होने वाला ईधन बच जाएगा। वहीं स्टार्ट करने पर साधारण ईधन ही खर्च होता है।
विज्ञापन
रीबोरिंग ने खराब कर दिया अंडर ग्राउंड वाटर
चर्चा के दौरान सभी ने सामूहिक रूप से स्वीकार किया कि अलीगढ़ में कुछ फैक्ट्रियों ने रीबोरिंग कर जमीन के अंदर केमिकल डालने की प्रथा पिछले दस सालों से शुरू कर दी थी। ऐसे में अंडर ग्राउंड वाटर खराब हो गया है। अगर हमें पीने का पानी ही साफ नहीं मिला तो शारीरिक ऊर्जा के लिए विकट समस्या खड़ी हो जाएगी।
- ईधन के स्त्रोत सीमित हैं, जो एक समय पर खत्म हो जाएंगे। ऐसे में हमें प्राकृतिक ईधन का उपयोग करना चाहिए। खुद से शुरुआत करेंगे तो समाज में बदलाव जरूर आएगा। - एसएम हुसैन, आईटीएम डायरेक्टर।
- हमें व्यर्थ में बिजली का उपभोग नहीं करना चाहिए। वहीं बिजली बनाने के लिए हवा तथा सौर ऊर्जा का प्रयोग करें तो कार्बन का उत्सर्जन कम हो जाएगा। - आरके शर्मा, सेवानिवृत्त एनएपीपी नरौरा।
- हिंदुस्तान में सौर ऊर्जा उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध है। घरों में महिलाएं नॉब समय पर बंद कर एलपीजी को बचा सकती हैं। पाइपलाइन वाली एलपीजी से भी ऊर्जा की बचत होगी। - जीवन ज्योति गोविला, गोविला एंटरप्राइसेज।
- चूल्हे की नियमित सफाई भी गैस को बचाती है। नीली लौ अच्छी होती है। फ्रीज से सामग्री आधा घंटे पहले निकाल लें तो उसे पकाने में कम गैस की खपत होगी। - अंशुल गुप्ता, धनश्री गैस सर्विस।
- उज्ज्वला गैस कनेक्शन ने लकड़ी के उपयोग को कम किया है। इससे पेड़ का कटान काफी हद तक कम हो सकता है। खाना बनाने के लिए कम चौड़े पेंदे वाले बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। - कमल कांत तिवारी, दुर्गा गैस सर्विस।
- एक यूनिट बिजली बनाने में 850 ग्राम सीओ-2 रिलीज होती है। ऐसे में हम सौर ऊर्जा या हवा की ऊर्जा का इस्तेमाल करें तो सीओ-2 बचा लेंगे। एएमयू में हमने सालाना 60 लाख यूनिट बिजली की खपत सौर ऊर्जा से बचायी है। एसी रिमोट से बंद कर दी जाए, फिर भी बिजली की खपत चालू रहती है। यह हमें स्वयं से बदलना होगा। - डॉ. मो, रिहान, एएमयू।
- ऊर्जा बचा ली तो हम जीवन को बचा लेंगे। रात को सो रहे हैं, लाइट जली हुई है। इससे बिजली की खपत ज्यादा हो रही हैं, साथ ही पक्षी भी आस पास सो नहीं पाते हैं। ऊर्जा संरक्षण का मतलब पंच तत्वों का संरक्षण है। इससे ही हम जिदंगी बचा सकते हैं। - सुबोधनंदन शर्मा, पर्यावरण विद।
- अपने घरों में सौर सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा का संरक्षण किया जा सकता है। एक घंटे में 300 वाट तक बिजली बनाई जा सकती है। अधिक होने पर ग्रिड कनेक्टिविटी के जरिए सप्लाई भी की जा सकती है। यह एक अच्छा विकल्प है। - दुर्गेश भाटिया, एनआरआई।
- जाम से भी अधिक ईधन खर्च होता है। जबकि 70 से 80 की संयमित रफ्तार भी ईधन की काफी बचत करती है। सोलर की वजह से डीजल की खपत भी कम हुई है। गाड़ी की सर्विस समय पर कराने और हवा का प्रेशर सही रखने से भी पेट्रोल की खपत कम होती है। - कुशलपाल सिंह, तस्वीर महल पेट्रोल पंप मालिक।
- घरों में एलपीजी, बिजली की बचत के लिए कई छोटी छोटी युक्तियां हैं। चार्जर से मोबाइल निकालने पर बिजली की खपत स्विच ऑफ करने तक जारी रहती है। खाने को ढककर या प्रेशर कुकर में बनाने पर गैस बचती है। आज ऊर्जा को बचाएंगे तो कल यह हमारे लिए सुरक्षित रहेगी। - अजयपाल सिंह, वसुंधरा फिलिंग स्टेशन।
विज्ञापन
एलपीजी, पेट्रोल, बिजली बचाने के साथ साथ प्राकृतिक ऊर्जा की ओर बढ़ना होगा। यह पहल सभी को मिलकर एक साथ अपने घर से शुरू करनी होगी। घरों में एलपीजी, बिजली, एसी, फ्रीज का सीमित इस्तेमाल वातावरण को सुरक्षित रखने में काफी मददगार साबित होगा। हवा, सौर ऊर्जा जैसे प्राकृतिक स्त्रोतों से ही कार्बन का उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
गाड़ी स्टार्ट करने और बंद करने में अधिक खर्च नहीं होता है ईधन
यहां बताया गया कि लोगों में भ्रांतियां हैं कि जाम के दौरान वाहन को बार-बार बंद या स्टार्ट नहीं करना चाहिए। इससे अधिक ईधन की खपत होती है। क्योंकि आजकल हर वाहन में नई तकनीक आ रही है, अगर वाहन बंद करते हैं तो लगातार खर्च होने वाला ईधन बच जाएगा। वहीं स्टार्ट करने पर साधारण ईधन ही खर्च होता है।
विज्ञापन
रीबोरिंग ने खराब कर दिया अंडर ग्राउंड वाटर
चर्चा के दौरान सभी ने सामूहिक रूप से स्वीकार किया कि अलीगढ़ में कुछ फैक्ट्रियों ने रीबोरिंग कर जमीन के अंदर केमिकल डालने की प्रथा पिछले दस सालों से शुरू कर दी थी। ऐसे में अंडर ग्राउंड वाटर खराब हो गया है। अगर हमें पीने का पानी ही साफ नहीं मिला तो शारीरिक ऊर्जा के लिए विकट समस्या खड़ी हो जाएगी।
- ईधन के स्त्रोत सीमित हैं, जो एक समय पर खत्म हो जाएंगे। ऐसे में हमें प्राकृतिक ईधन का उपयोग करना चाहिए। खुद से शुरुआत करेंगे तो समाज में बदलाव जरूर आएगा। - एसएम हुसैन, आईटीएम डायरेक्टर।
- हमें व्यर्थ में बिजली का उपभोग नहीं करना चाहिए। वहीं बिजली बनाने के लिए हवा तथा सौर ऊर्जा का प्रयोग करें तो कार्बन का उत्सर्जन कम हो जाएगा। - आरके शर्मा, सेवानिवृत्त एनएपीपी नरौरा।
- हिंदुस्तान में सौर ऊर्जा उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध है। घरों में महिलाएं नॉब समय पर बंद कर एलपीजी को बचा सकती हैं। पाइपलाइन वाली एलपीजी से भी ऊर्जा की बचत होगी। - जीवन ज्योति गोविला, गोविला एंटरप्राइसेज।
- चूल्हे की नियमित सफाई भी गैस को बचाती है। नीली लौ अच्छी होती है। फ्रीज से सामग्री आधा घंटे पहले निकाल लें तो उसे पकाने में कम गैस की खपत होगी। - अंशुल गुप्ता, धनश्री गैस सर्विस।
- उज्ज्वला गैस कनेक्शन ने लकड़ी के उपयोग को कम किया है। इससे पेड़ का कटान काफी हद तक कम हो सकता है। खाना बनाने के लिए कम चौड़े पेंदे वाले बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। - कमल कांत तिवारी, दुर्गा गैस सर्विस।
- एक यूनिट बिजली बनाने में 850 ग्राम सीओ-2 रिलीज होती है। ऐसे में हम सौर ऊर्जा या हवा की ऊर्जा का इस्तेमाल करें तो सीओ-2 बचा लेंगे। एएमयू में हमने सालाना 60 लाख यूनिट बिजली की खपत सौर ऊर्जा से बचायी है। एसी रिमोट से बंद कर दी जाए, फिर भी बिजली की खपत चालू रहती है। यह हमें स्वयं से बदलना होगा। - डॉ. मो, रिहान, एएमयू।
- ऊर्जा बचा ली तो हम जीवन को बचा लेंगे। रात को सो रहे हैं, लाइट जली हुई है। इससे बिजली की खपत ज्यादा हो रही हैं, साथ ही पक्षी भी आस पास सो नहीं पाते हैं। ऊर्जा संरक्षण का मतलब पंच तत्वों का संरक्षण है। इससे ही हम जिदंगी बचा सकते हैं। - सुबोधनंदन शर्मा, पर्यावरण विद।
- अपने घरों में सौर सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा का संरक्षण किया जा सकता है। एक घंटे में 300 वाट तक बिजली बनाई जा सकती है। अधिक होने पर ग्रिड कनेक्टिविटी के जरिए सप्लाई भी की जा सकती है। यह एक अच्छा विकल्प है। - दुर्गेश भाटिया, एनआरआई।
- जाम से भी अधिक ईधन खर्च होता है। जबकि 70 से 80 की संयमित रफ्तार भी ईधन की काफी बचत करती है। सोलर की वजह से डीजल की खपत भी कम हुई है। गाड़ी की सर्विस समय पर कराने और हवा का प्रेशर सही रखने से भी पेट्रोल की खपत कम होती है। - कुशलपाल सिंह, तस्वीर महल पेट्रोल पंप मालिक।
- घरों में एलपीजी, बिजली की बचत के लिए कई छोटी छोटी युक्तियां हैं। चार्जर से मोबाइल निकालने पर बिजली की खपत स्विच ऑफ करने तक जारी रहती है। खाने को ढककर या प्रेशर कुकर में बनाने पर गैस बचती है। आज ऊर्जा को बचाएंगे तो कल यह हमारे लिए सुरक्षित रहेगी। - अजयपाल सिंह, वसुंधरा फिलिंग स्टेशन।