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खत्म हुई हड़ताल.. जिंदा हैं सवाल
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Fri, 31 Mar 2017 01:56 AM IST
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strike
- फोटो : amar ujala
आशीष निगम
सीएम योगी आदित्यनाथ और मीट कारोबारियों के बीच अहम वार्ता के बाद मीट कारोबारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल गुरुवार शाम को खत्म हो गई। अवैध बूचड़खानों पर धड़ाधड़ कार्रवाई के विरोध में अलीगढ़ में पांच दिन तक हड़ताल का व्यापक असर रहा। हड़ताल खत्म होने के बाद भी कई सवाल अब तक बरकरार हैं। जिनका कोई सटीक जवाब नहीं मिला है। सबसे बड़ा सवाल नगर निगम का स्लाटर हाउस कब चालू होगा..?
पांचवें दिन भी शहर के अधिकांश भैंस मीट बिक्री की खुदरा दुकानें बंद रही। इस प्रकरण में अब तक खामोशी से प्रशासनिक कार्रवाई देखने वाले मुसलिम नेताओं का सब्र अब जवाब दे गया है। सभी नेताओं ने कहा है कि प्रशासन शासन से सिफारिश कर सबसे पहले नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू कराए।
इसके बाद ही कार्रवाई करे क्योंकि नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू होने के बाद कम से कम शहर वालों को पर्याप्त मात्रा में बफैलो मीट उपलब्ध हो सकेगा। ये भी कहा गया कि विधानसभा में योगी सरकार इस संबंध में पूरी गाइड लाइन तय करे और कारोबारियों को एक महीने का समय देकर उन्हें अपडेट होने का मौका दे।
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भैंस मीट कारोबारियों पर कार्रवाई से पहले योगी सरकार को कैबिनेट मीटिंग बुलाकर नियम कानून तय करना चाहिए था। इसकी गाइड लाइन तय करनी चाहिए। सब तय करने के बाद कारोबारियों को एक महीने का समय देना चाहिए ताकि वह अपना सिस्टम सुधार सके। विधानसभा शुक्रवार से शुरू हो रही है अब भी इस पर काम हो सकता है। अभी देर नहीं हुई है।
-ख्वाजा हलीम, पूर्व पर्यटन सलाहकार।
सपा सरकार में भी अवैध कटान पर कार्रवाई हुई है। हमने नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू कराने का प्रयास किया था लेकिन हो नहीं सका। अब नई सरकार इस स्लाटर हाउस को चालू कराए और सिस्टम से पशुओं का कटान कराकर मीट की उपलब्धता कराए। एकतरफा कार्रवाई से पूरे शहर में अजीब माहौल बन गया है। सरकार को सबका ध्यान रखना चाहिए।
-अज्जू इसहाक, सपा महानगर अध्यक्ष।
अलीगढ़ में विपक्ष नाम की कोई चीज नहीं है। अफसर योगी सरकार को खुश करने के लिए बिना किसी आदेश के मीट कारोबारियों को परेशान कर रहे हैं। सैकड़ों वर्ष से भैंस का मीट कई समुदाय के लोग खाते रहे हैं ये कोई नई बात नहीं है। सरकार सिस्टम बना कर दे अगर उस पर अमल न हो तो कार्रवाई हो। अगर जल्द ही राहत नहीं मिली तो लोग सड़क पर आएंगे।
-हाजी जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक कोल।
जिला प्रशासन को जल्द से जल्द मकदूम नगर स्थित नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू करा देना चाहिए। इसके बाद समस्याएं खुद व खुद निपट जाएंगी। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक किसी कारोबार को बंद करा देना उचित नहीं है। अवैध कटान तब होता है जब वैध की व्यवस्था कहीं न हो। अफसरों को ये भी सोचना चाहिए कि कोई भूखा न रहे।
-जफर आलम, पूर्व विधायक शहर।
मीट कारोबारियों के साथ चमड़ा, सींग, हड्डी और खुर के कारोबारी भी परेशान हैं जिनके पास टिन नंबर भी हैं। उनका कटान से कोई मतलब नहीं है फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। ये सही नहीं है। कारोबार को कारोबार के नजरिये से देखा जाए। जहां अवैध है वहां कार्रवाई हो तो नियम कानून के हिसाब से। मीट की उपलब्धता कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
-आरिफ बॉबी अब्बासी, बसपा नेता।
सबसे बड़ी जरूरत है कि लोगों को समस्या न हो। शादी बारात वाले घरों में होने वाली दवातों में अड़चन न हो। इसके लिए प्रशासन को ही कुछ तय करना चाहिए। मीट एक्सपोर्ट हाउस से कम से कम रेट अगर शहर के कुछ स्थानों पर ब्रिकी शुरू हो और नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू हो तो कोई समस्या नहीं रहेगी। सरकार जल्द से जल्द व्यवस्था करे।
-सैयद वसीम अहमद, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव।
किसी भी नये सिस्टम को लागू करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था होती है। अफसरों ने अलीगढ़ में कार्रवाई कर पूरा कारोबार बंद करने को मजबूर कर दिया। नगर निगम का स्लाटरिंग हाउस बंद है। ऐसे में खाने के लिए जरूरत भर की उपलब्धता करान भी अफसरों की जिम्मेदारी है। अगर परेशान और बढ़ी तो लोगों को भूखे भी रहना पड़ सकता है।
-रुही जुबैरी, कांग्रेस नेता।
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सीएम योगी आदित्यनाथ और मीट कारोबारियों के बीच अहम वार्ता के बाद मीट कारोबारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल गुरुवार शाम को खत्म हो गई। अवैध बूचड़खानों पर धड़ाधड़ कार्रवाई के विरोध में अलीगढ़ में पांच दिन तक हड़ताल का व्यापक असर रहा। हड़ताल खत्म होने के बाद भी कई सवाल अब तक बरकरार हैं। जिनका कोई सटीक जवाब नहीं मिला है। सबसे बड़ा सवाल नगर निगम का स्लाटर हाउस कब चालू होगा..?
पांचवें दिन भी शहर के अधिकांश भैंस मीट बिक्री की खुदरा दुकानें बंद रही। इस प्रकरण में अब तक खामोशी से प्रशासनिक कार्रवाई देखने वाले मुसलिम नेताओं का सब्र अब जवाब दे गया है। सभी नेताओं ने कहा है कि प्रशासन शासन से सिफारिश कर सबसे पहले नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू कराए।
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इसके बाद ही कार्रवाई करे क्योंकि नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू होने के बाद कम से कम शहर वालों को पर्याप्त मात्रा में बफैलो मीट उपलब्ध हो सकेगा। ये भी कहा गया कि विधानसभा में योगी सरकार इस संबंध में पूरी गाइड लाइन तय करे और कारोबारियों को एक महीने का समय देकर उन्हें अपडेट होने का मौका दे।
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भैंस मीट कारोबारियों पर कार्रवाई से पहले योगी सरकार को कैबिनेट मीटिंग बुलाकर नियम कानून तय करना चाहिए था। इसकी गाइड लाइन तय करनी चाहिए। सब तय करने के बाद कारोबारियों को एक महीने का समय देना चाहिए ताकि वह अपना सिस्टम सुधार सके। विधानसभा शुक्रवार से शुरू हो रही है अब भी इस पर काम हो सकता है। अभी देर नहीं हुई है।
-ख्वाजा हलीम, पूर्व पर्यटन सलाहकार।
सपा सरकार में भी अवैध कटान पर कार्रवाई हुई है। हमने नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू कराने का प्रयास किया था लेकिन हो नहीं सका। अब नई सरकार इस स्लाटर हाउस को चालू कराए और सिस्टम से पशुओं का कटान कराकर मीट की उपलब्धता कराए। एकतरफा कार्रवाई से पूरे शहर में अजीब माहौल बन गया है। सरकार को सबका ध्यान रखना चाहिए।
-अज्जू इसहाक, सपा महानगर अध्यक्ष।
अलीगढ़ में विपक्ष नाम की कोई चीज नहीं है। अफसर योगी सरकार को खुश करने के लिए बिना किसी आदेश के मीट कारोबारियों को परेशान कर रहे हैं। सैकड़ों वर्ष से भैंस का मीट कई समुदाय के लोग खाते रहे हैं ये कोई नई बात नहीं है। सरकार सिस्टम बना कर दे अगर उस पर अमल न हो तो कार्रवाई हो। अगर जल्द ही राहत नहीं मिली तो लोग सड़क पर आएंगे।
-हाजी जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक कोल।
जिला प्रशासन को जल्द से जल्द मकदूम नगर स्थित नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू करा देना चाहिए। इसके बाद समस्याएं खुद व खुद निपट जाएंगी। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक किसी कारोबार को बंद करा देना उचित नहीं है। अवैध कटान तब होता है जब वैध की व्यवस्था कहीं न हो। अफसरों को ये भी सोचना चाहिए कि कोई भूखा न रहे।
-जफर आलम, पूर्व विधायक शहर।
मीट कारोबारियों के साथ चमड़ा, सींग, हड्डी और खुर के कारोबारी भी परेशान हैं जिनके पास टिन नंबर भी हैं। उनका कटान से कोई मतलब नहीं है फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। ये सही नहीं है। कारोबार को कारोबार के नजरिये से देखा जाए। जहां अवैध है वहां कार्रवाई हो तो नियम कानून के हिसाब से। मीट की उपलब्धता कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।
-आरिफ बॉबी अब्बासी, बसपा नेता।
सबसे बड़ी जरूरत है कि लोगों को समस्या न हो। शादी बारात वाले घरों में होने वाली दवातों में अड़चन न हो। इसके लिए प्रशासन को ही कुछ तय करना चाहिए। मीट एक्सपोर्ट हाउस से कम से कम रेट अगर शहर के कुछ स्थानों पर ब्रिकी शुरू हो और नगर निगम का स्लाटर हाउस चालू हो तो कोई समस्या नहीं रहेगी। सरकार जल्द से जल्द व्यवस्था करे।
-सैयद वसीम अहमद, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव।
किसी भी नये सिस्टम को लागू करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था होती है। अफसरों ने अलीगढ़ में कार्रवाई कर पूरा कारोबार बंद करने को मजबूर कर दिया। नगर निगम का स्लाटरिंग हाउस बंद है। ऐसे में खाने के लिए जरूरत भर की उपलब्धता करान भी अफसरों की जिम्मेदारी है। अगर परेशान और बढ़ी तो लोगों को भूखे भी रहना पड़ सकता है।
-रुही जुबैरी, कांग्रेस नेता।