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शादी अनुदान में लाभार्थियों की पात्रता की होगी जांच
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जिले में शादी अनुदान योजना में हुए फर्जीवाडे को लेकर पिछले दो वित्तीय वर्षों में योजना का लाभ उठाने वाले सभी लाभार्थियों की पात्रता की जांच होगी। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो अगले 10 दिनों में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट देगी।
वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2022-23 में शादी अनुदान योजना में गड़बड़ियों को लेकर शासन स्तर पर शिकायत हुई थी। इसकी जांच समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार ने एक नगर पंचायत एवं 18 ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़े की जांच की, जिसमें 345 फर्जी पात्र पाए गए। यह सभी अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के लाभार्थी थे। आरोप है कि अपात्रों को विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से लाभ दे दिया गया है। यहां तक की पहले से ही शादीशुदा एवं बच्चों वालों तक की दोबारा से शादी करा दी गई। उन्होंने जांच रिपोर्ट के साथ पिछले दो वित्तीय वर्ष में लाभ पाए लाभार्थियों की सूची का सत्यापन एवं जांच कराने की संस्तुति की थी।
सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार की अध्यक्षता में जिला विकास अधिकारी भरत मिश्रा, डीआरडीए के परियोजना निदेशक भालचंद्र त्रिपाठी एवं डीपीआरओ धनंजय जायसवाल की चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को अगले 10 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट उपलब्ध करानी है। समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के अफसरों को इस जांच में सहयोग देने एवं लाभार्थियों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 एवं 2022-23 में शादी अनुदान योजना में गड़बड़ियों को लेकर शासन स्तर पर शिकायत हुई थी। इसकी जांच समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार ने एक नगर पंचायत एवं 18 ग्राम पंचायतों में फर्जीवाड़े की जांच की, जिसमें 345 फर्जी पात्र पाए गए। यह सभी अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग व सामान्य वर्ग के लाभार्थी थे। आरोप है कि अपात्रों को विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से लाभ दे दिया गया है। यहां तक की पहले से ही शादीशुदा एवं बच्चों वालों तक की दोबारा से शादी करा दी गई। उन्होंने जांच रिपोर्ट के साथ पिछले दो वित्तीय वर्ष में लाभ पाए लाभार्थियों की सूची का सत्यापन एवं जांच कराने की संस्तुति की थी।
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सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार की अध्यक्षता में जिला विकास अधिकारी भरत मिश्रा, डीआरडीए के परियोजना निदेशक भालचंद्र त्रिपाठी एवं डीपीआरओ धनंजय जायसवाल की चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को अगले 10 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट उपलब्ध करानी है। समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के अफसरों को इस जांच में सहयोग देने एवं लाभार्थियों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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