Eid: चांद दिखा, ईद 31 मार्च को, ईदगाहों-मस्जिदों में पढ़ी जाएगी नमाज, यह रहेगा नमाज का वक्त
चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज खत्म हो गई। इसके बाद ऊपरकोट, जमालपुर, आमिर निशा, मेडिकल कॉलेज रोड, जीवनगढ़, भुजपुरा सहित अन्य इलाकों के बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई।
विस्तार
अलीगढ़ में 30 मार्च को ईद का चांद दिख गया। ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। नमाजियों की तादाद ज्यादा होने की वजह से शाहजमाल ईदगााह में दो बार नमाज अदा की जाएगी। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने नमाजियों से सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील की है। चांद रात को बाजार गुलजार रहा। लोगों ने जमकर खरीदारी की।
30 मार्च को अरब में ईद मनाई गई। इससे लोगों को पूरी उम्मीद थी कि यहां भी सोमवार को ईद होगी। इस लिहाज से लोगों को चांद का बेसब्री से इंतजार था। जैसे ही चांद दिखा, ईद मुबारक का दौर शुरू हो गया। चांद दिखते ही मस्जिदों में तरावीह की नमाज खत्म हो गई। इसके बाद ऊपरकोट, जमालपुर, आमिर निशा, मेडिकल कॉलेज रोड, जीवनगढ़, भुजपुरा सहित अन्य इलाकों के बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई। कपड़े, जूते-चप्पल, सौंदर्य प्रसाधन, इत्र, सेवई और सूखे मेवे की दुकानों पर देर रात तक भीड़ रही।
ईद की नमाज का वक्त
- जामा मस्जिद ऊपरकोट सुबह 6:45 बजे
- मस्जिद बू अली शाह सुबह 7:15 बजे
- ईदगाह शाहजमाल सुबह 7:00 बजे
- ईदगाह शाहजमाल सुबह 7:45 बजे
- अहल ए सुन्नत एएमयू सुबह 7:30 बजे
- अहल-ए-तशी एएमयू सुबह 8:30 बजे
कुलपति ने दी मुबारकबाद
एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने एएमयू परिवार और राष्ट्र को ईद की मुबारकबाद दी है। ईद का मूल संदेश करुणा, उदारता और एकता पर जोर है, जो हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं में गहराई से निहित हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वह इन मूल्यों को अपनाते हुए ईद मनाएं।
अलग-अलग सेवइयों में दिखेंगी खुशियों की मिठास
ईद की खुशियों को बांटने के लिए दस्तरखान पर सेवइयों की मिठास होती है। इनमें शीर खुरमा, किमामी सेवई, दूध वाली सेवई, और शरबती सेवई अहम हैं।
- शीर खुरमा : दूध, चीनी और सूखे मेवों से बनी सेवई होती है।
- किमामी सेवई : मीठे शीरे में बनती है।
- दूध वाली सेवई : दूध में पकाकर बनाई जाती है।
- शरबती सेवई : चाशनी में भिगोकर बनाई जाती है।
- सूखी सेवई : घी में भूनकर बनाई जाती है।