{"_id":"68f7134b0196e9a5080db354","slug":"eesl-contract-terminated-after-a-to-z-in-aligarh-2025-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: रोशनी के पर्व पर भी बंद थीं स्ट्रीट लाइटें, नगर निगम ने किया एटुजेड के बाद ईईएसएल का अनुबंध समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: रोशनी के पर्व पर भी बंद थीं स्ट्रीट लाइटें, नगर निगम ने किया एटुजेड के बाद ईईएसएल का अनुबंध समाप्त
Tue, 21 Oct 2025 10:30 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 21 Oct 2025 10:30 AM IST
सार
अलीगढ़ नगर निगम ने शहर में स्ट्रीट लाइट लगाने वाली कंपनी ईईएसएल का अनुबंध समाप्त कर दिया है। उससे पहले कचरा निस्तारण का काम देख रही कंपनी ए टू जेड का अनुबंध समाप्त किया गया था।
विज्ञापन
अलीगढ़ नगर निगम
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
अलीगढ़ में खराब पथप्रकाश व्यवस्था की गाज इन्हें लगाने और देखरेख करने वाली कंपनी ईईएसएल (एनर्जी इफिसेयंसी सर्विस लिमिटेड) पर गिरी है। नगर निगम ने कंपनी के साथ अनुबंध खत्म कर दिया है। दो दिन पहले कूड़ा निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एटुजेड कंपनी का अनुबंध भी समाप्त किया गया था।
विज्ञापन
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि निगम और ईईएसएल के बीच फरवरी 2015 से एलईडी स्ट्रीट लाइटों को लगाने, संचालन और रखरखाव करने का अनुबंध था। 52,954 लाइटों के संचालन की जिम्मेदारी कंपनी पर थी, जिनमें से 38,757 लाइटें ही कार्यशील थीं। अनुबंध के अनुसार 95 फीसदी लाइटों को हर समय कार्यशील रखना अनिवार्य था।
विज्ञापन
नगर निगम की ओर से 20 से अधिक नोटिस दिए जाने के बाद भी कंपनी ने मरम्मत और रखरखाव में कोई सुधार नहीं किया। नगर आयुक्त ने बताया कि लाइटों की देखरेख करने वाली टीम की कमी, जनशिकायतों का समाधान न होना और निगरानी में ढिलाई के कारण नगर निगम को अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लेना पड़ा है। अनुबंध की धारा 16.4 के तहत नगर निगम को यह अधिकार था कि यदि निर्धारित समय सीमा में सुधार न हो तो अनुबंध समाप्त किया जा सकता है। नगर आयुक्त ने बताया कि 30 जून 2025 को टर्मिनेशन नोटिस जारी कर 30 दिन का समय दिया गया, लेकिन सुधार न होने पर अनुबंध को निरस्त कर दिया गया।
विज्ञापन
महापौर प्रशांत सिंघल ने इस निर्णय को जनहित में बताया। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने अब स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के नियमित संचालन के लिए नई एजेंसी के चयन और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है।
अमर उजाला ने भी उठाई थी आवाज, चलाया था अभियान
अलीगढ़ में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या लगातार लोग उठाते रहे हैं। अमर उजाला भी जनता की आवाज बना और इस समस्या पर लगातार खबरें प्रकाशित की गईं। सितंबर माह में अमर उजाला ने स्ट्रीट लाइटें खराब, शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाते हैं रास्ते खबर प्रकाशित की। इसके अलावा अंधेरा कायम है...रामघाट रोड पर अंधकार, नहीं दिख रहे सौ स्ट्रीट लाइटों पर खर्च हुए 55 लाख शीर्षक से खबर प्रकाशित की। अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम के माध्यम से भी महानगर के लोग स्ट्रीट लाइटों के बंद होने की समस्या उठाते रहे हैं।