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समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Fri, 05 Feb 2016 02:06 AM IST
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नुमाइश के मुक्ताकाश मंच पर गुरुवार को दोपहर दो बजे से याद=ए-मैकश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इशरत पब्लिक स्कूल ऊपर कोर्ट के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने ड्रामा के जरिये बताया कि समाज में बदलाव लाने के लिए शिक्षा की जरूरत है।
याद-ए-मैकश संस्था के संयोजक मोहम्मद इरफान अंसारी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि शिक्षा इंसान के जिंदगी को बदल देती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. इलियास नवेद गिन्नौरी ने की। मुख्य अतिथि सीपीआई के डॉ. गिरिश, मदीहुर शेरवानी विशिष्ट अतिथि रहे।
एसटीएच जैदी को मैकश बदायूं अवार्ड से सम्मानित किया गया, जबकि इशरत पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को मौलाना आजाद अवार्ड से नवाजा गया। सर सैयद एजूकेशनल एंड माइनोरिटी वेलफेयर सोसायटी के सचिव को तालीमी बेदारी मुहिम चलाकर लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक करने के लिए सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर मोहम्मद इमरान अंसारी, जमील लखनवी, मुशर्रफ महजर, वफा नकवी, यूसुफ हतिफ, रजी अमरोही, मिर्चा फारूक आदि थे।
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याद-ए-मैकश संस्था के संयोजक मोहम्मद इरफान अंसारी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि शिक्षा इंसान के जिंदगी को बदल देती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. इलियास नवेद गिन्नौरी ने की। मुख्य अतिथि सीपीआई के डॉ. गिरिश, मदीहुर शेरवानी विशिष्ट अतिथि रहे।
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एसटीएच जैदी को मैकश बदायूं अवार्ड से सम्मानित किया गया, जबकि इशरत पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को मौलाना आजाद अवार्ड से नवाजा गया। सर सैयद एजूकेशनल एंड माइनोरिटी वेलफेयर सोसायटी के सचिव को तालीमी बेदारी मुहिम चलाकर लोगों को शिक्षा के लिए जागरूक करने के लिए सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर मोहम्मद इमरान अंसारी, जमील लखनवी, मुशर्रफ महजर, वफा नकवी, यूसुफ हतिफ, रजी अमरोही, मिर्चा फारूक आदि थे।