फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   EC and the Court's willingness to open doors for NRI

एनआरआई के लिए ईसी एवं कोर्ट के दरवाजे खोलने की तैयारी

Sat, 04 Mar 2017 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 04 Mar 2017 02:12 AM IST
विज्ञापन
एग्जीक्यूटिव काउंसिल, एकेडमिक काउंसिल एवं कोर्ट समेत एएमयू के अन्य ऑथोरिटी का दरवाजा एनआरआई के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। आज होने जा रही एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) की बैठक के एजेंडे में इस पर विचार किया जाएगा। ईसी का एजेंडा सदस्यों के पास पहुंचने के बाद कैंपस में इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है। 
विज्ञापन


 एएमयू एक्ट के स्टेट्यूट्स 41 के अनुसार एनआरआई एएमयू की किसी भी बॉडी का सदस्य नहीं बन सकता। एएमयू प्रशासन एक्ट में संशोधन कर एएमयू के विभिन्न बॉडीज में एनआरआई को पहुंचाने का रास्ता साफ करना चाहती है। इसी उद्देश्य से ईसी के एजेंडे में इसे शामिल किया गया है। एजेंडा ईसी सदस्यों के पास पहुंचने के बाद ही इसको लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। इसी सदस्य डॉ. सैयद जफर महमूद ने तो वीसी को खत लिखकर इससे असहमति भी जता दी है और यह भी आग्रह किया है कि उनके पत्र को ईसी की बैठक में रखा जाए। 
विज्ञापन


कैंपस में दबी जुबान इस बात की चर्चा है कि जब कुलपति का कार्यकाल पूरा होने में दो महीने बचे है तो ऐसे संशोधन की अचानक जरूरत क्यों महसूस की जा रही है। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन होने की बात भी कही जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लोग यह भी कह रहे हैं कि दूसरे देशों से जब एनआरआई ईसी या कोर्ट की बैठक में शामिल होने आएंगे तो भारी भरकम खर्च कौन उठाएगा। इंतजामिया पर पहले से ही आरोप लग रहे हैं कि एएमयू एक्ट को दरकिनार कर एनआरआई को ईसी सदस्य बना दिया गया है। इस्लामिक धर्म उपदेशक डॉ. जाकिर नाईक भी एएमयू कोर्ट सदस्य रह चुके है। 


उनके भी एनआरआई होने की बात सामने आई थी और यह प्रश्न उठा था कि आखिर जाकिर नाईक का प्रस्तावक एवं अनुमोदक कौन था। ईसी के एजेंडे में अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के मुद्दे को भी शामिल किया गया है। आरोप है कि वह यूनिवर्सिटी के इंट्रेस्ट के खिलाफ काम कर रहे हैै। एजेंडे में चाय-पानी का मुद्दा शामिल किया गया है, जो चर्चा में है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed