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E-Rickshaw: दिल्ली की तरह अलीगढ़ में भी थमे ई-रिक्शा के पहिये, यूट्यूब देख एप का प्रयोग कर रहे शरारती

Sat, 04 Jul 2026 10:12 AM IST
Chaman Kumar Sharma अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़
अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sat, 04 Jul 2026 10:12 AM IST
सार

चाइनीज एप बीएटी-बीएमएस के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस एप के जरिये बताया जाता है कि अपने फोन से कैसे चलते ई रिक्शा को बंद किया जा सकता है? यह एप कमजोर सुरक्षा संसाधनों वाले लिथियम बैटरी युक्त ई-वाहन को बंद कर देता है।

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E-rickshaws stopping using the BAT-BMS app
रेलवे स्टेशन के बाहर खड़े ई रिक्शा - फोटो : संवाद

विस्तार

दिल्ली की तरह अलीगढ़ में भी चाइनीज एप के जरिये ई रिक्शा बंद हो रहे हैं। यूट्यूब देख शरारती तत्वों ने शहर की सड़कों पर एप का इस्तेमाल किया जिसके चलते सप्ताह भर में 500 ई रिक्शा बंद हालात में अलग अलग शोरूम के सर्विस सेंटर पहुंचे। ई-रिक्शा वितरक लतेश गोयल ने इसे शरारत माना है। उन्होंने बताया कि शरारती लोगों ने वीडियो देखकर एप डाउनलोड कर चालकों को परेशान करना शुरू किया है। उनके शोरूम पर पिछले चार-पांच दिन में पचास से अधिक बंद ई-रिक्शा आए। इन रिक्शा को शुरू किया गया और चालकों को कंपनी का अधिकृत एप डाउनलोड कर समझाया गया। शहर में आधा दर्जन से अधिक वितरक हैं और सभी के सामने यह समस्या आ रही है। अब तक 500 करीब ई-रिक्शा बंद हुए हैं।

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दरअसल पिछले कुछ समय से चाइनीज एप बीएटी-बीएमएस के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस एप के जरिये बताया जाता है कि अपने फोन से कैसे चलते ई रिक्शा को बंद किया जा सकता है? यह एप कमजोर सुरक्षा संसाधनों वाले लिथियम बैटरी युक्त ई-वाहन को बंद कर देता है। अपने फोन में ब्लूटूथ से करीब 10 से 15 मीटर की दूरी तक खड़ा ई रिक्शा की लिथियम बैटरियों से जुड़ सकता है। डिफॉल्ट ब्लूटूथ सेटिंग का उपयोग करके बिना किसी पासवर्ड के बैटरी को बंद किया जा सकता है। इस एप पर गंभीर सवाल खड़े होने के चलते केंद्र सरकार ने इसे बंद कर दिया।

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मैं स्टेशन से जमालपुर के बीच ई-रिक्शा चालाता हूं। तीन दिन पहले कठपुला पर किसी ने ई-रिक्शा की बैटरी बंद कर दी। जिसे बाद में सही कराया।-जीशान, ई-रिक्शा चालक

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मैं क्वार्सी से स्टेशन के बीच ई-रिक्शा चालाता हूं। बैटरी किसी ने बंद की तो मैंने बैटरी से चिप निकलवा दी। अब उसका मीटर बंद हो गया है।-सलमान, ई-रिक्शा चालक

एप का दुरुपयोग
कम कीमत वाले ई-रिक्शा और ई-स्कूटरों में अक्सर सुरक्षा व्यवस्था संसाधन कमजोर होते हैं। ऐसे वाहनों में डिफॉल्ट ब्लूटूथ सेटिंग खुली रहती है। इससे कोई भी व्यक्ति इस एप से वाहन को नियंत्रित कर सकता है। इन बैटरियों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम नामक चिप लगी होती है। यह चिप बैटरी के मापदंडों जैसे वोल्टेज, तापमान और करंट की निगरानी करती है। उसी चिप को इस एप से नियंत्रित किया जा रहा है। चलते हुए वाहन को भी बीच सड़क पर रोका जा रहा है।

सुरक्षा उपाय और चालकों की परेशानी
लिथियम बैटरी वितरक रूपेश पाठक का कहना है कि उनकी कंपनी की बैटरी नियंत्रण के लिए अपना एक एप है। इसके सहारे हर बैटरी का एक पासवर्ड बनवाया जाता है। जिन्होंने पासवर्ड नहीं बनाया है, उन्हें यह समस्या आ सकती है। वे लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि सभी अपनी बैटरी का पासवर्ड बनाकर उसे सुरक्षित कर लें।

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