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Aligarh News: नगर निगम ने तय कर दिए रूट, ई-रिक्शा चालकों को नहीं पता, कहीं भी दौड़ा रहे

Tue, 24 Sep 2024 01:50 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 24 Sep 2024 01:50 PM IST
सार

21 सितंबर को ई-रिक्शों के लिए 12 रूट तय कर दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है।चौराहों पर ई-रिक्शा कतार में खड़े थे। उन पर कोई रूट नंबर भी नहीं अंकित था। इससे चौराहों के आसपास जाम की स्थिति थी।

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E rickshaw drivers of Aligarh are acting arbitrarily
आगरा रोड पर ई रिक्शा में एंगल भरकर ले जाता ई रिक्शा चालक - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ नगर निगम ने ई-रिक्शा चालकों के लिए रूट तय कर दिए हैं, लेकिन अधिकांश ई-रिक्शा चालकों को इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए वह कहीं भी घूम रहे हैं। रसलगंज, कंपनी बाग, सारसौल चौराहा पर प्रतिबंधित 50 मीटर की परिधि में ई-रिक्शा खड़ा होने पर भी रोकटोक नहीं लग पाई है।

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23 सितंबर इन दोनों व्यवस्थाओं पर अमल होता नहीं दिखा। चौराहों पर ई-रिक्शा कतार में खड़े थे। उन पर कोई रूट नंबर भी नहीं अंकित था। इससे चौराहों के आसपास जाम की स्थिति थी। 21 सितंबर को शहरवासियों को जाम से निजात दिलाने का वादा किया गया था, जो पहले दिन धड़ाम हो गया। 21 सितंबर को ई-रिक्शों के लिए 12 रूट तय कर दिए गए थे, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बताया कि प्रतिबंधित चौराहों पर ई-रिक्शा खड़ा करने पर चालान होगा। इसके लिए टीम लगाई गई है।
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केस-1
सारसौल इलाके के रहने वाले ई-रिक्शा चालक अमृत पाल सवारियां लेकर सर सैयद नगर पहुंचे। उन्हें न तो रूट के बारे में पता है और न ही नगर निगम के कानून-कायदे। वह यहां भी सवारियां बैठा रहे थे।
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केस-2
जीवनगढ़ इलाके में ऊपरकोट के रहने वाले जुबैर भी सवारियां लेकर आए थे। उनसे जब रूट के बारे में पूछा गया तो उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। बोले- कई वर्षों से शहर में कहीं भी सवारी बैठाकर ले जाते हैं।

नगर निगम में 150 ई-रिक्शा पंजीकृत

नगर निगम में इस साल ई-रिक्शा 150 पंजीकृत हुए हैं, जबकि शहर में करीब दस हजार ई-रिक्शा चल रहे हैं। छह हजार आरटीओ दफ्तर में पंजीकृत हैं। बाकी बिना लाइसेंस के चल रहे हैं। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बताया कि इस साल 150 ई-रिक्शा पंजीकृत हुए हैं। इसका पंजीकरण शुल्क एक हजार रुपये हैं। पंजीकरण कराने के दौरान ई-रिक्शा चालकों को रूट के बारे में बता दिया जाता है और रूट नंबर का स्टीकर लगा दिया जाता है। पंजीकरण न कराने वाले ई-रिक्शा का चालान किया जाएगा।


रूट नंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां सवारी मिल जाती है, वहां चले जाते हैं।-जाकिर, चालक
रूट के बारे में बता दिया जाएगा, तो उसी हिसाब से चलाएंगे। एक रूट पर सवारी नहीं मिलती है।-उबैद, चालक
ई-रिक्शा के रूट तय हो गए हैं। इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।-मो. अली, चालक
नगर निगम में पंजीकरण करा लिया है। रूट नंबर का स्टीकर चस्पा कर लिया है।-कासिम, चालक

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