फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   E-bus drivers create ruckus for not getting duty

अलीगढ़ : ई-बस चालकों ने ड्यूटी न मिलने पर किया हंगामा

Fri, 18 Feb 2022 12:47 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Feb 2022 12:47 AM IST
विज्ञापन
E-bus drivers create ruckus for not getting duty
ठा. संजय सिंह, चालक ई बस - फोटो : CITY OFFICE
इलेक्ट्रिक बसों के संविदा चालकों में ड्यूटी न मिलने पर नाराजगी है। बृहस्पतिवार को कुछ चालकों ने ड्यूटी लगाने वाले डीओ के सामने हंगामा किया। उनका आरोप था कि सभी को बराबर ड्यूटी दी जाए। ड्यूटी के आधार पर ही वेतन बनता है। यदि वेतन नहीं मिला तो बच्चों को कैसे पालेंगे।
विज्ञापन

शहर के दो रूटों खेरेश्वर से बौनेर और महरावल से हरदुआगंज के बीच पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। कुल 25 ड्राइवर तैनात हैं। इन बसों को दो शिफ्ट में दस चालक चलाते हैं। किसी चालक को 14-15 दिन की ड्यूटी मिल रही है तो किसी को तीन-चार दिन की ड्यूटी दी जा रही है। ऐसे में कम ड्यूटी वालों की तनख्वाह नहीं बन रही है। जनवरी का कुछ ड्राइवरों के खातों में 800 रुपये का भुगतान हुआ है। फरवरी में अभी तक उनकी ड्यूटी नहीं लगी है। इसके चलते चालकों में रोष पनपने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह तीन-चार ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कुछ लोगों की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही हैं। जबकि ड्यूटी चार्ट का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अगर बस नहीं चलाएंगे तो परिवार को कैसे पालेंगे। एक-दो ड्राइवरों ने इस मसले में जात-पात व क्षेत्रवाद का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

-
- फरवरी महीने में अभी तक सिर्फ तीन दिन ड्यूटी लगी हैं, जबकि दो दिन ड्यूटी ट्रेनिंग की है। इसके बाद कब बस चलाने को मिलेगी। इसका पता नहीं है। ड्यूटी लगाने में मनमानी की जा रही है। भुगतान भी ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है। -अजय सिंह, चालक।
विज्ञापन
विज्ञापन

- जातिवाद और क्षेत्रवाद के चलते जानबूझकर कुछ ड्राइवरों की ड्यूटी ही नहीं लगाई जा रही है। जनवरी में चार दिन ड्यूटी दी गई, इसका भुगतान 863 रुपये हुआ है। फरवरी में बस कब मिलेगी। इसका पता नहीं है। -ठा. संजय सिंह, चालक।

बयान
प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। पीएमआई कंपनी और चालकों को भर्ती करने वाली कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत कर पड़ताल की जाएगी। अगर किसी चालक के हितों को दबाया जा रहा है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम।

अजय सिंह, चालक ई बस

अजय सिंह, चालक ई बस- फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed