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ड्रग विभाग ने दो करोड़ रुपये कीमत की दवाओं का जखीरा पकड़ा
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जहरीली शराब के सेवन से मौतों के प्रकरण के बाद हरकत में आए ड्रग विभाग ने भी छापेमारी शुरू कर दी है। रविवार को विभाग ने बन्नादेवी इलाके के बरौला जाफराबाद चौक में एक मकान में संचालित अवैध दवा गोदाम पकड़ा। यहां से दो करोड़ रुपये की दवाओं का जखीरा पकड़ा गया। यह गोदाम पूर्व पार्षद अशोक के मकान में संचालित मिला। इसमें कोडीन सीरप की 1300 बोतल, 2.88 लाख ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड कैप्सूल मिले हैं। खांसी के उपचार में इस्तेमाल होने वाले कोडीन सीरप को नशे के लिए आज कल इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, कैप्सूल का इस्तेमाल पेट दर्द में होता है। किराए के मकान में यह खेल चल रहा था। मकान मालिक व लाइसेंसी फरार हैं। मौके से नौकर को पकड़ा गया है। ड्रग इंस्पेक्टर की ओर से इस मामले में बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। यह कार्रवाई अलीगढ़ सहित एटा, हाथरस, कासगंज के ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने की है।
ड्रग इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि शाहिद मेडिकल एजेंसी के नाम से सलमान निवासी शहंशाबाद का लाइसेंस है। होलसेल का लाइसेंस है। यह लाइसेंस शहंशाबाद के लिए आवंटित है। जबकि वह बरौला जाफराबाद में गोदाम चला रहा था। मुखबिर से सूचना मिली कि यहां भारी मात्रा में अवैध रूप से दवा कारोबार किया जा रहा है। इसके बाद मंडल के सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों की एक टीम बनी। टीम ने रविवार दोपहर में छापामारा वहां पर दो करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं बरामद हुई हैं। ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड (पेट दर्द का कैप्सूल) मिला है।
यह नशीली दवा है। 2.88 हजार कैप्सूल बरामद हुए हैं। इसके अलावा कोडीन के कॉप सीरप की 100 एमएल की 1300 बोतल बरामद हुई हैं। कैटामिन (दर्द का इंजेक्शन) व कोडिन फास्ट किट बरामद हुई हैं। मोनू कश्यप निवासी नगला मसानी, सासनी गेट को मौके से पकड़ा गया है। इसके पास से गोदाम में पेंटालोग्स कंपनी का माल मिला है। दवा पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला आइटम भी बरामद हुआ है। इस पूरे माल की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। बिल देखे गए तो उनसे मिलान नहीं हुआ है। इस मामले में बन्नादेवी थाने में नारकोटिक्स एक्ट और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। मुकदमे में लाइसेंसी सलमान निवासी शहंशाबाद और मोनू कश्यप निवासी नगला मसानी को नामजद किया गया है। छापामारी करने वाली टीम में कासगंज डीआई रमेश चंद, एटा व हाथरस के डीआई दीपक शामिल रहे।
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नशे का गढ़ बन रहा है अलीगढ़
अलीगढ़ में जहरीली शराब से मौत होने के बाद बवाल मचा हुआ है। इसी बीच ड्रग विभाग ने नारकोटिक्स दवाओं की इतना बड़ा जखीरा बरामद किया है। गांजा और चरस का भी खेल खुलेआम हो रहा है। टिंचर भी खुलेआम बिकती है। इन सभी के पीछे कई गिरोह काम कर रहे हैं। अलीगढ़ वर्तमान में नशे का गढ़ बना गया है।
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ड्रग इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी ने बताया कि शाहिद मेडिकल एजेंसी के नाम से सलमान निवासी शहंशाबाद का लाइसेंस है। होलसेल का लाइसेंस है। यह लाइसेंस शहंशाबाद के लिए आवंटित है। जबकि वह बरौला जाफराबाद में गोदाम चला रहा था। मुखबिर से सूचना मिली कि यहां भारी मात्रा में अवैध रूप से दवा कारोबार किया जा रहा है। इसके बाद मंडल के सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों की एक टीम बनी। टीम ने रविवार दोपहर में छापामारा वहां पर दो करोड़ रुपये से अधिक की दवाएं बरामद हुई हैं। ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड (पेट दर्द का कैप्सूल) मिला है।
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यह नशीली दवा है। 2.88 हजार कैप्सूल बरामद हुए हैं। इसके अलावा कोडीन के कॉप सीरप की 100 एमएल की 1300 बोतल बरामद हुई हैं। कैटामिन (दर्द का इंजेक्शन) व कोडिन फास्ट किट बरामद हुई हैं। मोनू कश्यप निवासी नगला मसानी, सासनी गेट को मौके से पकड़ा गया है। इसके पास से गोदाम में पेंटालोग्स कंपनी का माल मिला है। दवा पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला आइटम भी बरामद हुआ है। इस पूरे माल की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक है। बिल देखे गए तो उनसे मिलान नहीं हुआ है। इस मामले में बन्नादेवी थाने में नारकोटिक्स एक्ट और ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। मुकदमे में लाइसेंसी सलमान निवासी शहंशाबाद और मोनू कश्यप निवासी नगला मसानी को नामजद किया गया है। छापामारी करने वाली टीम में कासगंज डीआई रमेश चंद, एटा व हाथरस के डीआई दीपक शामिल रहे।
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नशे का गढ़ बन रहा है अलीगढ़
अलीगढ़ में जहरीली शराब से मौत होने के बाद बवाल मचा हुआ है। इसी बीच ड्रग विभाग ने नारकोटिक्स दवाओं की इतना बड़ा जखीरा बरामद किया है। गांजा और चरस का भी खेल खुलेआम हो रहा है। टिंचर भी खुलेआम बिकती है। इन सभी के पीछे कई गिरोह काम कर रहे हैं। अलीगढ़ वर्तमान में नशे का गढ़ बना गया है।