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डॉ. राजीव अग्रवाल भाजपा से मेयर प्रत्याशी
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:33 AM IST
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डॉ. राजीव अग्रवाल भाजपा से मेयर प्रत्याशी
- फोटो : Dig Vishal
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डॉ. राजीव अग्रवाल भाजपा के मेयर प्रत्याशी होंगे। चार दिन से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने 69 दावेदारों में से डॉ. राजीव पर दांव खेला है। रविवार देर रात लखनऊ से प्रत्याशी घोषित होने की खबर आने के बाद डॉ. राजीव अग्रवाल के खिरनी गेट सराय मान सिंह स्थित घर पर समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। वहां जश्न का माहौल बन गया। उन्हें बधाई देने व स्वागत करने का सिलसिला देर रात तक चला। आतिशबाजी भी की गई।
तीन दिन से डॉ. राजीव अग्रवाल, प्रशांत सिंघल, प्रवीण अग्रवाल व दीपक मित्तल में से किसी एक को प्रत्याशी बनाए जाने के चर्चे हो रहे थे। रविवार को दिनभर में तीन-तीन बार किसी न किसी के नाम की अफवाह बाजार में तैर जाती थी। देर रात पार्टी ने डॉ. राजीव अग्रवाल के नाम की घोषणा कर तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। पार्टी के प्रति समर्पित लोग इसे कार्यकर्ता की जीत के रूप में देख रहे हैं।
डॉ. राजीव अग्रवाल मृदुभाषी हैं और महानगर की तमाम जातियों में अच्छी पैठ रखते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले डॉ. राजीव आरएसएस व पार्टी के अलावा बाल विज्ञान कांग्रेस का कार्य भी वर्षों से देखते आए हैं। इसकी वजह से महानगर के तमाम कान्वेंट, प्राइवेट एवं सरकारी विद्यालयों में इनकी अच्छी पहचान एवं छवि है।
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विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाने का काम भी डॉ. राजीव समर्पित भाव से करते हैं। विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान डॉ. राजीव को पुलिस की लाठी भी खानी पड़ी थी। श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे। बचपन से संघ और युवावस्था में विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे। एबीवीपी के आंदोलन के क्रम में पश्चिम बंगाल एवं कश्मीर में गिरफ्तार भी हुए।
भाजपा के जिला पालक सुनील पांडेय ने डॉ. राजीव अग्रवाल को प्रत्याशी बनाए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। भाजपा नेता मयंक अग्रवाल ने कहा कि डॉ. राजीव अग्रवाल को टिकट देकर पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है। वहीं व्यापारी नेता व भाजपा से टिकट के दावेदार रहे सौरभ अग्रवाल सिक्ससंस ने भी पार्टी का निर्णय सर्वोपरि बताते हुए राजीव अग्रवाल को चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है। बधाई देने वालों में रुकमुद्दीन भी शामिल रहे।
शीर्ष नेताओं ने पैसे की दलील को नहीं किया कबूल
अलीगढ़। मेयर टिकट के लिए आवेदन देने के बाद से ही भाजपाई डॉ. राजीव अग्रवाल को सबसे बेहतर दावेदार मान रहे थे। कुछ लोगों को यह कहते भी सुना गया कि नेता तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन पैसे की लड़ाई में पिछड़ जाएंगे। चर्चा है कि यह दलील लखनऊ में टिकट के चयनकर्ताओं के सामने भी दी गई। लेकिन पार्टी ने किसी की एक न सुनी और अंतत: डॉ. राजीव पर भरोसा किया।
विरोधी खेमों में छायी मायूसी
अलीगढ़। तीन दिन की बेसब्री के बाद रविवार देर रात टिकट की घोषणा के बाद दावेदारों के उन कैंपों में मायूसी छा गई, जिनका नाम प्रमुख पैनल में आगरा से लखनऊ गया था। बता दें कि यहां महानगर स्तर से 69 आवेदन क्षेत्र स्तर पर आगरा भेजे गए थे। वहां से चंद नामों का पैनल प्रदेश स्तर पर लखनऊ भेजा गया था।
उनमें प्रमुख उद्योगपति रमेश चंद्र सिंघल के बेटे प्रशांत सिंघल, कृष्णा इंटरनेशनल के डायरेक्टर प्रवीण अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल आदि के अलावा कुलदीप पांडेय, मुकेश उपाध्याय मांची का नाम भी शामिल होने की चर्चा थी। टिकट पर जब सहमति नहीं बनती दिख रही थी और सुबह पूर्व सांसद शीला गौतम के बेटे राहुल गौतम का नाम भी चर्चाओं में आया था। मगर सभी पर देर रात विराम लग गया और अन्य खेमों में मायूसी छा गई।
खेमेबाजी से दूरी ने दिलाया टिकट
वैसे हर दावेदार को किसी न किसी खेमे से जोड़कर देखा जा रहा था। इनमें एकमात्र राजीव अग्रवाल ऐसे थे, जिनको लेकर चर्चा थी कि वह खेमेबाजी से दूर हैं। वह हर खेमे से ताल्लुक रखते हैं। मेयर पद का आवेदन करने के बाद वह ज्यादातर समय अपने सामान्य क्रियाकलापों में लगे रहे। शहर में लोगों से संपर्क और पदाधिकारियों के बीच उठने बैठने में लगे रहे। बाकी दावेदारों की दौड़ जरूर इधर उधर दिखाई दी। राजीव के नाम पर किसी खेमे के स्तर पर विरोध भी जगजाहिर नहीं था।
परिचय
- डॉ. राजीव अग्रवाल
- पिता - स्व. निर्मल कुमार अग्रवाल (राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित)
- माता - स्व. यशोदा देवी (5 महिला शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर की व्यवस्थापिका रहीं)
- निवास - सराय मानसिंह गेट, आगरा रोड
- शैक्षिक योग्यता - एमएससी, पीएचडी (गणित)
- व्यवसाय - जैविक खाद के उत्पादन, बृजभूमि जैविक खाद संस्थान
- संगठनात्मक पृष्ठभूमि - बाल्यकाल से संघ के स्वयं सेवक
- वर्तमान में - मीडिया संपर्क प्रमुख, भाजपा ब्रज क्षेत्र, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश संपर्क प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच, समन्वयक लघु उद्योग भारती, ब्रज प्रांत, जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेेस, कार्यकारिणी सदस्य सीबी गुप्ता विद्यापीठ सिंघारपुर, केशवधाम सिंघाड़पुर, शन्नोरानी कन्या महाविद्यालय, सदस्य राष्ट्रीय शिक्षण मंडल, संगठन मंत्री विज्ञान भारती अलीगढ़ के अतिरिक्त पूर्व में भाजपा, संघ एवं उससे जुड़ी इकाइयों में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
- सामाजिक एवं जन आंदोलन में सहभागिता - विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित कश्मीर मार्च में सहभागिता एवं जेल यात्रा, उर्दू को द्वितीय राजभाषा बनाए जाने के विरोध में आंदोलन में सहभागिता, विद्यार्थी परिषद के तीन बीघा आंदोलन में पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन में सहभाग तथा जेल यात्रा, विद्यार्थी परिषद के आगरा विश्वविद्यालय घेराव में सहभागिता एवं जेल यात्रा, स्थानीय स्तर पर निरंतर जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन तथा गिरफ्तारी, श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन में सक्रिय सहभाग तथा गिरफ्तारी।
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तीन दिन से डॉ. राजीव अग्रवाल, प्रशांत सिंघल, प्रवीण अग्रवाल व दीपक मित्तल में से किसी एक को प्रत्याशी बनाए जाने के चर्चे हो रहे थे। रविवार को दिनभर में तीन-तीन बार किसी न किसी के नाम की अफवाह बाजार में तैर जाती थी। देर रात पार्टी ने डॉ. राजीव अग्रवाल के नाम की घोषणा कर तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया। पार्टी के प्रति समर्पित लोग इसे कार्यकर्ता की जीत के रूप में देख रहे हैं।
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डॉ. राजीव अग्रवाल मृदुभाषी हैं और महानगर की तमाम जातियों में अच्छी पैठ रखते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत करने वाले डॉ. राजीव आरएसएस व पार्टी के अलावा बाल विज्ञान कांग्रेस का कार्य भी वर्षों से देखते आए हैं। इसकी वजह से महानगर के तमाम कान्वेंट, प्राइवेट एवं सरकारी विद्यालयों में इनकी अच्छी पहचान एवं छवि है।
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विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाने का काम भी डॉ. राजीव समर्पित भाव से करते हैं। विधानसभा चुनाव में मतगणना के दौरान डॉ. राजीव को पुलिस की लाठी भी खानी पड़ी थी। श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन के दौरान जेल भी गए थे। बचपन से संघ और युवावस्था में विद्यार्थी परिषद में सक्रिय रहे। एबीवीपी के आंदोलन के क्रम में पश्चिम बंगाल एवं कश्मीर में गिरफ्तार भी हुए।
भाजपा के जिला पालक सुनील पांडेय ने डॉ. राजीव अग्रवाल को प्रत्याशी बनाए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। भाजपा नेता मयंक अग्रवाल ने कहा कि डॉ. राजीव अग्रवाल को टिकट देकर पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया है। वहीं व्यापारी नेता व भाजपा से टिकट के दावेदार रहे सौरभ अग्रवाल सिक्ससंस ने भी पार्टी का निर्णय सर्वोपरि बताते हुए राजीव अग्रवाल को चुनाव लड़ाने का ऐलान किया है। बधाई देने वालों में रुकमुद्दीन भी शामिल रहे।
शीर्ष नेताओं ने पैसे की दलील को नहीं किया कबूल
अलीगढ़। मेयर टिकट के लिए आवेदन देने के बाद से ही भाजपाई डॉ. राजीव अग्रवाल को सबसे बेहतर दावेदार मान रहे थे। कुछ लोगों को यह कहते भी सुना गया कि नेता तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन पैसे की लड़ाई में पिछड़ जाएंगे। चर्चा है कि यह दलील लखनऊ में टिकट के चयनकर्ताओं के सामने भी दी गई। लेकिन पार्टी ने किसी की एक न सुनी और अंतत: डॉ. राजीव पर भरोसा किया।
विरोधी खेमों में छायी मायूसी
अलीगढ़। तीन दिन की बेसब्री के बाद रविवार देर रात टिकट की घोषणा के बाद दावेदारों के उन कैंपों में मायूसी छा गई, जिनका नाम प्रमुख पैनल में आगरा से लखनऊ गया था। बता दें कि यहां महानगर स्तर से 69 आवेदन क्षेत्र स्तर पर आगरा भेजे गए थे। वहां से चंद नामों का पैनल प्रदेश स्तर पर लखनऊ भेजा गया था।
उनमें प्रमुख उद्योगपति रमेश चंद्र सिंघल के बेटे प्रशांत सिंघल, कृष्णा इंटरनेशनल के डायरेक्टर प्रवीण अग्रवाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष दीपक मित्तल आदि के अलावा कुलदीप पांडेय, मुकेश उपाध्याय मांची का नाम भी शामिल होने की चर्चा थी। टिकट पर जब सहमति नहीं बनती दिख रही थी और सुबह पूर्व सांसद शीला गौतम के बेटे राहुल गौतम का नाम भी चर्चाओं में आया था। मगर सभी पर देर रात विराम लग गया और अन्य खेमों में मायूसी छा गई।
खेमेबाजी से दूरी ने दिलाया टिकट
वैसे हर दावेदार को किसी न किसी खेमे से जोड़कर देखा जा रहा था। इनमें एकमात्र राजीव अग्रवाल ऐसे थे, जिनको लेकर चर्चा थी कि वह खेमेबाजी से दूर हैं। वह हर खेमे से ताल्लुक रखते हैं। मेयर पद का आवेदन करने के बाद वह ज्यादातर समय अपने सामान्य क्रियाकलापों में लगे रहे। शहर में लोगों से संपर्क और पदाधिकारियों के बीच उठने बैठने में लगे रहे। बाकी दावेदारों की दौड़ जरूर इधर उधर दिखाई दी। राजीव के नाम पर किसी खेमे के स्तर पर विरोध भी जगजाहिर नहीं था।
परिचय
- डॉ. राजीव अग्रवाल
- पिता - स्व. निर्मल कुमार अग्रवाल (राष्ट्रपति से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित)
- माता - स्व. यशोदा देवी (5 महिला शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिर की व्यवस्थापिका रहीं)
- निवास - सराय मानसिंह गेट, आगरा रोड
- शैक्षिक योग्यता - एमएससी, पीएचडी (गणित)
- व्यवसाय - जैविक खाद के उत्पादन, बृजभूमि जैविक खाद संस्थान
- संगठनात्मक पृष्ठभूमि - बाल्यकाल से संघ के स्वयं सेवक
- वर्तमान में - मीडिया संपर्क प्रमुख, भाजपा ब्रज क्षेत्र, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश संपर्क प्रमुख स्वदेशी जागरण मंच, समन्वयक लघु उद्योग भारती, ब्रज प्रांत, जिला समन्वयक राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेेस, कार्यकारिणी सदस्य सीबी गुप्ता विद्यापीठ सिंघारपुर, केशवधाम सिंघाड़पुर, शन्नोरानी कन्या महाविद्यालय, सदस्य राष्ट्रीय शिक्षण मंडल, संगठन मंत्री विज्ञान भारती अलीगढ़ के अतिरिक्त पूर्व में भाजपा, संघ एवं उससे जुड़ी इकाइयों में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
- सामाजिक एवं जन आंदोलन में सहभागिता - विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित कश्मीर मार्च में सहभागिता एवं जेल यात्रा, उर्दू को द्वितीय राजभाषा बनाए जाने के विरोध में आंदोलन में सहभागिता, विद्यार्थी परिषद के तीन बीघा आंदोलन में पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन में सहभाग तथा जेल यात्रा, विद्यार्थी परिषद के आगरा विश्वविद्यालय घेराव में सहभागिता एवं जेल यात्रा, स्थानीय स्तर पर निरंतर जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन तथा गिरफ्तारी, श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन में सक्रिय सहभाग तथा गिरफ्तारी।