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स्वाइन फ्लू को न्यौता दे रहा जिला अस्पताल
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Fri, 18 Aug 2017 02:02 AM IST
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मलखान सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण करते प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में स्वाइन फ्लू का खौफ है। गुरुवार को लोग मास्क पहनकर घूमते नजर आए। समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुधीर गर्ग मलखान सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां जो हाल मिला, उससे पता लगा स्वाइन फ्लू से बचाव के बजाय उसके फैलने की स्थितियां अधिक अनुकूल हैं।
जिला अस्पताल और डीडी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रहती है। यहां बुखार और सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल में गुरुवार को सीएमएस कार्यालय और वार्डों के बाहर कुत्ते विचरण कर रहे थे। मलखान सिंह जिला अस्पताल के बाहर ही कूड़े का कलेक्शन प्वाइंट बना दिया गया है। यहां से कुछ दूरी पर मछली वाली गली के एंट्री प्वाइंट पर कूडे़ का प्वाइंट है। ओपीडी में वायरल, बुखार, जुकाम और एनफ्लुएंजा के मरीज बढ़ गए हैं। एपिडेमिक टीम ने भ्रमण के दौरान पाया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर नालियां लबलबा रही हैं, नालों में कूड़ा भरा पड़ा है। यह सभी स्थितियां स्वाइन फ्लू के वायरस के लिए बेहद अनुकूल हैं।
ब्लड की जांच बढ़ी
जिला अस्पताल में आए मरीजों में स्वाइन फ्लू को लेकर कितना खौफ है, इस बात का पता चलता है ब्लड की चेकिंग से। पूर्व में जहां ब्लड बैंक में प्रतिदिन 300 नमूने जांच के लिए आते थे, वहीं अब एक हजार से अधिक नमूने जांचे जा रहे हैं। इसके चलते स्टाफ पर कार्यभार भी बढ़ गया है।
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जेएन मेडिकल कालेज में 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
जिले में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद एएमयू का जेएन मेडिकल कॉलेज चौकन्ना हो गया है। कॉलेज में 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया गया है। नर्स एवं स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है। बृहस्पतिवार को जेएन मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने चिकित्सकों के साथ मीटिंग की। अधीक्षक प्रो. एम हैरिस खान ने बताया कि 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड भीड़भाड़ से अलग है। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में टैमी फ्लू मौजूद है। निर्धारित थ्री प्ले मास्क एवं एन- 95 मास्क भी उपलब्ध है। इस सीजन में अभी तक मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं आया है।
जिला अस्पताल और डीडी अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रहती है। यहां बुखार और सांस लेने में तकलीफ के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। जिला अस्पताल में गुरुवार को सीएमएस कार्यालय और वार्डों के बाहर कुत्ते विचरण कर रहे थे। मलखान सिंह जिला अस्पताल के बाहर ही कूड़े का कलेक्शन प्वाइंट बना दिया गया है। यहां से कुछ दूरी पर मछली वाली गली के एंट्री प्वाइंट पर कूडे़ का प्वाइंट है। ओपीडी में वायरल, बुखार, जुकाम और एनफ्लुएंजा के मरीज बढ़ गए हैं। एपिडेमिक टीम ने भ्रमण के दौरान पाया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर नालियां लबलबा रही हैं, नालों में कूड़ा भरा पड़ा है। यह सभी स्थितियां स्वाइन फ्लू के वायरस के लिए बेहद अनुकूल हैं।
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ब्लड की जांच बढ़ी
जिला अस्पताल में आए मरीजों में स्वाइन फ्लू को लेकर कितना खौफ है, इस बात का पता चलता है ब्लड की चेकिंग से। पूर्व में जहां ब्लड बैंक में प्रतिदिन 300 नमूने जांच के लिए आते थे, वहीं अब एक हजार से अधिक नमूने जांचे जा रहे हैं। इसके चलते स्टाफ पर कार्यभार भी बढ़ गया है।
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जेएन मेडिकल कालेज में 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार
जिले में स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद एएमयू का जेएन मेडिकल कॉलेज चौकन्ना हो गया है। कॉलेज में 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार कर दिया गया है। नर्स एवं स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है। बृहस्पतिवार को जेएन मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने चिकित्सकों के साथ मीटिंग की। अधीक्षक प्रो. एम हैरिस खान ने बताया कि 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड भीड़भाड़ से अलग है। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में टैमी फ्लू मौजूद है। निर्धारित थ्री प्ले मास्क एवं एन- 95 मास्क भी उपलब्ध है। इस सीजन में अभी तक मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं आया है।