फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   District Hospital doctor beaten , torn clothes , health care stalled

जिला अस्पताल में डाक्टर को पीटा, कपड़े फाड़े, स्वास्थ्य सेवाएं ठप

Sun, 12 Jun 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 12 Jun 2016 01:34 AM IST
विज्ञापन
District Hospital doctor beaten , torn clothes , health care stalled
जिला अस्पताल में डाक्टर को पीटा, कपड़े फाड़े, स्वास्‍थ्य सेवाएं ठप - फोटो : महीपाल ‌सिंह
तीन दिन में दूसरी बार मलखान सिंह जिला अस्पताल में डाक्टरों के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इमरजेंसी सहित सभी सेवाएं ठप हो गई हैं। शनिवार को मरीज की मौत के बाद गुस्साए तीमारदारों ने डाक्टरों को पीट डाला और कपडे़ फाड़ दिए। इसके बाद अस्पताल के स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने तीमारदारों और अन्य लोगों के साथ मारपीट कर दी। इस मारपीट की चपेट में कुछ ऐसे लोग भी आ गए जिनका घटना से कोई संबंध भी नहीं था।
विज्ञापन

घटना के विरोध में इमरजेंसी सेवाएं, ओपीडी और वार्ड की सेवाएं ठप कर दी  गई हैं। मोहन लाल गौतम जिला महिला चिकित्सालय में भी ओपीडी की सेवाएं बंद करा दी गई हैं। अस्पताल से मरीजों का पलायन शुरू हो गया है।  डाक्टरों और स्टाफ की मांग है कि जब तक उन्हें सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे। डाक्टरों ने जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. यतींद्र कुमार भारद्वाज को पत्र लिखकर सामूहिक स्थानांतरण की मांग कर दी है। हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो गई हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के वार्ड संख्या 7 में आजाद (60) पुत्र फिरोज, निवासी एडीए शाहजमाल भर्ती था। उसे श्वांस की गंभीर बीमारी थी और मुंह से खून भी आ रहा था। शनिवार को आजाद की मौत हो गई। उस समय डॉ. एसके वर्मा वार्ड में राउंड ले रहे थे। आजाद के परिजनों को वह सांत्वना दे रहे थे। इसी दौरान सासनी के एक मरीज की भी मौत हो गई। उस मरीज के तीमारदारों ने डाक्टर एसके वर्मा पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अभद्रता शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथ ही आजाद की मौत का जिम्मेदार भी एसके वर्मा को ही ठहरा दिया गया। इसी के साथ वार्ड में ऐसा माहौल बना दिया गया कि डाक्टर ने मरीज को मार दिया। सासनी से आए मरीज के तीमारदारों ने इसी बीच डॉ. एसके वर्मा के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट करने के बाद सासनी वाले तीमारदार मरीज के शव को लेकर चले गए। साथ ही आजाद के शव को लेकर भी उसके परिजन ले गए।
इस बीच डाक्टर से मारपीट की खबर अस्पताल परिसर में फैली तो स्टाफ और कर्मचारियों की भीड़ वार्ड में पहुंच गई। कर्मचारियों ने डाक्टर से मारपीट के दौरान मध्यस्थता कर रहे युवक लोको कॉलोनी निवासी नदीम को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट कर डाली। यही नहीं अन्य तीमारदारों के साथ भी मरपीट की गई। वार्ड में अफरा तफरी का माहौल बन गया। तीमारदार मरीजों  को लेकर भागने लगे। इसी के साथ इमरजेंसी, ओपीडी और वार्डों की स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दी गईं।
कर्मचारियों ने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर कई थानों का पुलिस फोर्स और अधिकारी पहुंचे। बाद में स्टाफ और कर्मचारी मोहन लाल गौतम महिला चिकित्सालय भी पहुंच गए और वहां ओपीडी बंद करा दी गई।
हजारों की भीड़ और सुरक्षा का इंतजाम नहीं
मलखान सिंह जिला अस्पताल में 215 बेडों की क्षमता है। इसके अलावा करीब 1700 मरीजों की ओपीडी रहती है। इतने ही मरीज पर्चे पर फिर से दिखाने आते हैं। इस तरह एक वक्त में हास्पिटल में करीब 4 से 5 हजार मरीज और उनके तीमारदार आदि रहते हैं। इसके बाद भी अस्पताल में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है। एक चौकी अस्पताल के गेट पर बनी हुई है, वह भी बंद पड़ी हुई है। महिला अस्पताल का भी कमोवेश यही हाल है। वहां पर प्रतिदिन करीब 600 महिलाओं की ओपीडी और 35 महिलाओं का प्रसव प्रतिदिन होता है। इसमें तीमारदारों की संख्या भी जोड़ दी जाए तो करीब ढाई हजार लोग अस्पताल में एक साथ होते हैं।
डाक्टरों ने मांग लिया सामूहिक स्थानांतरण
साथी की पिटाई से गुस्साए डाक्टरों ने सीएमएस डॉ. वाई के भारद्वाज को पत्र लिखकर सामूहिक तबादला मांगा है। पत्र में कहा है कि दो दिन पहले इमरजेंसी में डॉ. अभिषेक गुप्ता के साथ मारपीट की गई। शनिवार को डा. एसके वर्मा पर हमला हुआ। यह सब इस बात का संकेत है कि आप हमारी सुरक्षा के प्रति संज्ञान नहीं ले रहे हैं। हम सभी चिकित्सक को अपनी जान माल का खतरा है। हम पूरी सुरक्षा न मिलने तक इस चिकित्सालय में कार्य करने में असमर्थ हैं।
पहले वाली घटना में कोई कार्रवाई नहीं
गुरुवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डा. अभिषेक गुप्ता के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले में नामजद तहरीर दी गई। लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब शनिवार को ताजा घटना हो गई। कहा जा रहा है कि डाक्टरों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होने से ही असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।

पुलिस चौकी बनाने पर विचार
मलखान सिंह जिला अस्पताल के बाहर पुलिस चौकी के संबंध में सीओ प्रथम का कहना है कि यहां पर पहले पुलिस पिकेट बैठती थी। जिसकी जगह अब लैपर्ड ने ले ली है। अब ताजा घटनाक्रमों के बाद यहां पर स्थायी पुलिस चौकी बनाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है। इसके लिए विचार चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed