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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, मंत्री सहित 12 पदाधिकारी निलंबित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:31 AM IST
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष, मंत्री सहित 12 पदाधिकारी निलंबित
- फोटो : Dig Vishal
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शासन की ऐस्मा की कार्रवाई के बावजूद वेतन उच्चीकरण समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करना लेखपालों को भारी पड़ गया। प्रशासन ने ऐस्मा कानून का उल्लंघन करने के मामले में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष साहब सिंह एवं जिला मंत्री ध्यान प्रकाश तिवारी समेत जिले की पांचों तहसीलों के अध्यक्ष एवं मंत्रियों को निलंबित कर दिया है। इससे पूर्व लेखपालों ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर सरकार को जमकर कोसा। इधर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने भी लेखपालों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है।
14 जून से लेखपाल लगातार आंदोलनरत हैं। तीन से सात जुलाई तक उन्होंने संपूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष साहब सिंह व जिला मंत्री ध्यान प्रकाश तिवारी ने कहा कि लेखपाल ऐस्मा से डरने वाले नहीं हैं और मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के लिए कटिबद्घ हैं।
दिनभर धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने ऐस्मा कानून के तहत लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष एवं मंत्री के साथ तहसील अध्यक्ष एवं मंत्रियों के निलंबन की कार्रवाई कर दी। एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा ने स्वीकार किया कि शासन के अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने अधिसूचना जारी करते हुए राज्यपाल की संस्तुति से तीन जुलाई काके ऐस्मा लागू कर दिया।
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इसके तहत इस अधिसूचना के गजट प्रकाशित होने की तारीख से छह माह तक की अवधि के लिए राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश की लेखपाल सेवा में हड़ताल को निषिद्घ किया गया। लेकिन लेखपालों ने आंदोलन जारी रखते हुए कानून का उल्लंघन किया है। इसी वजह से जिलाध्यक्ष एवं जिलामंत्री समेत 12 लेखपाल पदाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई से अविचलित लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष साहब सिंह ने कहा कि हम निलंबन से डरने वाले नहीं हैं और मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। इधर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने विज्ञप्ति जारी कर लेखपालों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है।
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14 जून से लेखपाल लगातार आंदोलनरत हैं। तीन से सात जुलाई तक उन्होंने संपूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया। निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष साहब सिंह व जिला मंत्री ध्यान प्रकाश तिवारी ने कहा कि लेखपाल ऐस्मा से डरने वाले नहीं हैं और मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के लिए कटिबद्घ हैं।
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दिनभर धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने ऐस्मा कानून के तहत लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष एवं मंत्री के साथ तहसील अध्यक्ष एवं मंत्रियों के निलंबन की कार्रवाई कर दी। एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा ने स्वीकार किया कि शासन के अपर मुख्य सचिव चंचल कुमार तिवारी ने अधिसूचना जारी करते हुए राज्यपाल की संस्तुति से तीन जुलाई काके ऐस्मा लागू कर दिया।
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इसके तहत इस अधिसूचना के गजट प्रकाशित होने की तारीख से छह माह तक की अवधि के लिए राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश की लेखपाल सेवा में हड़ताल को निषिद्घ किया गया। लेकिन लेखपालों ने आंदोलन जारी रखते हुए कानून का उल्लंघन किया है। इसी वजह से जिलाध्यक्ष एवं जिलामंत्री समेत 12 लेखपाल पदाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई से अविचलित लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष साहब सिंह ने कहा कि हम निलंबन से डरने वाले नहीं हैं और मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे। इधर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने विज्ञप्ति जारी कर लेखपालों के आंदोलन को नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है।