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सीमा विस्तार में 12 गांवों को छोड़ना भेदभाव : मेयर
सार
नगर निगम सीमा विस्तार में 16 गांवों को शामिल करने विरोध जारी है।मेयर मो.फुरकान की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि 2017 में जिन 19 गांवों को शामिल किया गया था।साथ में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया है।
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विस्तार
नगर निगम सीमा विस्तार में 16 गांवों को शामिल करने विरोध जारी है। अब मेयर मो. फुरकान ने मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री व प्रमुख सचिव नगर विकास को पत्र भेजे हैं, जिसमें कहा है कि शहर से सटे जिन 12 गांवों को सीमा विस्तार में छोड़ा गया है, वह गलत है। लोग भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। यह भी कहा है कि जो 16 गांव शामिल किए गए हैं, वे शहर से दूर हैं और जो छोड़े गए हैं, वे शहर से बिल्कुल सटे हैं। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए भी समय मांगा है।
मेयर मो.फुरकान की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि 2017 में जिन 19 गांवों को शामिल किया गया था। उनमें पूरी तरह विकास नहीं हो पाया, जो 70 वार्ड पहले से शहर में हैं, उनमें विकास का अभाव है। ऐसे में शहर से दूर 16 गांवों को शामिल करना विकास में बाधा बनेगा। उनमें विकास न होने पर तमाम तरह के आरोप लगने लगेंगे। शहर शहर नहीं रहेगा और गांव गांव नहीं रहेगा। बल्कि जो गांव शहर से सटे हैं, उन्हें शामिल कर लिया जाता तो विकास कराने में आसानी होती। उन गांवों के लोग भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। अंत में उन्होंने इन 12 गांवों का प्रस्ताव फिर से मंगवाकर उन्हें शामिल कराने का अनुरोध किया गया है।
ये गांव किए जाएं शामिल
पटवारी का नगला, शाहपुर कुतुब, नीवरी, चिलकौरा, भीमपुर, घासीपुर, महेशपुर, मंजूरगढ़ी, रामपुर पंजीपुर, वहीद नगर, रियाज कॉलोनी, नगला किला
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- सीमा विस्तार से छूटे गांवों को लेकर पत्र भेजा गया है। साथ में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द समय मिलेगा। मुलाकात कर विषय रखा जाएगा।-मो.फुरकान, मेयर
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मेयर मो.फुरकान की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया कि 2017 में जिन 19 गांवों को शामिल किया गया था। उनमें पूरी तरह विकास नहीं हो पाया, जो 70 वार्ड पहले से शहर में हैं, उनमें विकास का अभाव है। ऐसे में शहर से दूर 16 गांवों को शामिल करना विकास में बाधा बनेगा। उनमें विकास न होने पर तमाम तरह के आरोप लगने लगेंगे। शहर शहर नहीं रहेगा और गांव गांव नहीं रहेगा। बल्कि जो गांव शहर से सटे हैं, उन्हें शामिल कर लिया जाता तो विकास कराने में आसानी होती। उन गांवों के लोग भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। अंत में उन्होंने इन 12 गांवों का प्रस्ताव फिर से मंगवाकर उन्हें शामिल कराने का अनुरोध किया गया है।
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ये गांव किए जाएं शामिल
पटवारी का नगला, शाहपुर कुतुब, नीवरी, चिलकौरा, भीमपुर, घासीपुर, महेशपुर, मंजूरगढ़ी, रामपुर पंजीपुर, वहीद नगर, रियाज कॉलोनी, नगला किला
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- सीमा विस्तार से छूटे गांवों को लेकर पत्र भेजा गया है। साथ में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा गया है। उम्मीद है कि जल्द समय मिलेगा। मुलाकात कर विषय रखा जाएगा।-मो.फुरकान, मेयर
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