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अलीगढ़ः गांवों में लगेगी डिजिटल चौपाल, मोबाइल पर आएगा भैया-दीदी का भाषण
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कारोना संक्रमण को लेकर चुनाव आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के ऊपर चुनाव प्रचार को लेकर तमाम बंदिशें लागू कर दी हैं। सार्वजनिक जनसभा, रोड शो या किसी प्रकार के चुनाव प्रचार पर 21 जनवरी तक पूरी तरह से रोक लगा रखी है। केवल सोशल मीडिया पर वर्चुअली रैली व प्रचार करने की छूट मिली हुई है। इसको लेकर अब राजनीतिक दलों ने वर्चुअल के साथ ही मतदाताओं के पास जाकर प्रचार की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मोबाइल पर आयेगा भाषण, गांव में सजेगी चौपाल
कांग्रेस की वर्चुअली टीम से जुड़े शरद बंसल का कहना है कि पार्टी चुनाव में प्रत्याशियों के समर्थन के लिए वर्चुअली रैली व चौपाल की तैयारी कर रही है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के भाषणों का वीडियो मोबाइल फोन पर लिंक के रूप में भेजा जाएगा तो गांव-गांव चौपाल लगाकर पार्टी की रीति-नीति की जानकारी दी जाएगी। प्रचार की रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम अलग-अलग जिलों व विधान सभा क्षेत्रों के लिए प्रचार की रणनीति बना चुकी है। जिले के हर ब्लाक में दो-दो एलईडी वैन भेजने की भी तैयारी है। इन एलईडी वैन को अलग-अलग गांवों में खड़ाकर स्थानीय पदाधिकारियों के सामंजस्य से प्रचार में इस्तेमाल किया जाएगा। एलईडी स्क्रीन पर कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ चुनाव प्रचार सामग्री भी दिखाई जाएगी। चुनाव प्रचार में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। स्थानीय पदाधिकारी लोगों से बात कर पार्टी और प्रत्याशी के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे। उन्होंने बताया कि वर्चुअल माध्यमों के साथ ही मतदाताओं तक पहुंचा जाएगा। प्रत्याशी, पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मतदाताओं के बीच पहुंचकर प्रचार करेंगे।
प्रत्याशियों का बड़े नेताओं संग बनेगा वीडियो
भाजपा के आईटी सेल से जुड़े व युवा मोर्चा ब्रज प्रांत के उपाध्यक्ष निखिल माहेश्वरी ने बताया कि चुनाव में प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह जैसे बड़े नेताओं का एक वीडियो बनाया जाएगा। जिसे मतदाताओं तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचाकर चुनाव प्रचार किया जाएगा। बड़े नेताओं के भाषण के साथ प्रत्याशियों का भी भाषण भी दिखाया जाएगा। मतदाताओं तक पहुंचने के लिए प्रत्याशियों का रूट चार्ट भी बनाया जाएगा। फेसबुक पर लाइव होकर भी प्रचार शुरू कर दिया गया है। सपा-रालोद, बसपा, आप समेत विभिन्न पार्टियों ने भी डिजिटल चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। प्रचार माध्यम को धार देने के लिए सोशल मीडिया विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
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चुनाव में सोशल मीडिया पर वर्चुअली प्रचार की निगरानी पुलिस के लिए बन रही चुनौती
विधानसभा चुनाव में मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए सबसे बड़ा माध्यम है, लेकिन इसी सोशल मीडिया के सहारे फर्जी सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करके चुनाव को प्रभावित करने का भी प्रयास किया जा सकता है। ऐसे में चुनाव में सोशल मीडिया की निगरानी करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। वर्चुअली प्रचार के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस ने डिजिटल वालंटियर की तैनाती की है। पुलिस के साथ ही तकनीकी रूप से जानकार युवाओं को डिजिटल वालंटियर बनाया गया है। पुलिस की यह टीम चुनाव में फर्जी सूचनाओं का खंडन करने के साथ ही दुष्प्रचार को रोकने के लिए सक्रिय हो गई है। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की यह टीम निगरानी कर रही है। जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं उनके स्तर से सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली जा रही हैं उनके पोस्ट के कंटेंट की भी मॉनीटरिंग करने के साथ ही उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है। डिजिटल वालंटियर बनाने के लिए अफसरों और पुलिस कर्मियों को पूर्व में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया चुका है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि डिजिटल वालंटियर की टीम बनाई गई है। इस टीम का प्रत्येक सदस्य सीधे उच्च अधिकारियों को जानकारी देगा। किसी भी भ्रामक सूचना, सामाजिक माहौल को खराब करने वाले संदेश के साथ ही अन्य द्वेषपूर्ण जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट में मीडिया अनुवीक्षण कमेटी भी सक्रिय हो गई है।
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मोबाइल पर आयेगा भाषण, गांव में सजेगी चौपाल
कांग्रेस की वर्चुअली टीम से जुड़े शरद बंसल का कहना है कि पार्टी चुनाव में प्रत्याशियों के समर्थन के लिए वर्चुअली रैली व चौपाल की तैयारी कर रही है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य कांग्रेस नेताओं के भाषणों का वीडियो मोबाइल फोन पर लिंक के रूप में भेजा जाएगा तो गांव-गांव चौपाल लगाकर पार्टी की रीति-नीति की जानकारी दी जाएगी। प्रचार की रणनीति बनाने में जुटी कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम अलग-अलग जिलों व विधान सभा क्षेत्रों के लिए प्रचार की रणनीति बना चुकी है। जिले के हर ब्लाक में दो-दो एलईडी वैन भेजने की भी तैयारी है। इन एलईडी वैन को अलग-अलग गांवों में खड़ाकर स्थानीय पदाधिकारियों के सामंजस्य से प्रचार में इस्तेमाल किया जाएगा। एलईडी स्क्रीन पर कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ चुनाव प्रचार सामग्री भी दिखाई जाएगी। चुनाव प्रचार में कोविड प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। स्थानीय पदाधिकारी लोगों से बात कर पार्टी और प्रत्याशी के बारे में पूरी जानकारी देते हुए कांग्रेस के लिए वोट मांगेंगे। उन्होंने बताया कि वर्चुअल माध्यमों के साथ ही मतदाताओं तक पहुंचा जाएगा। प्रत्याशी, पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मतदाताओं के बीच पहुंचकर प्रचार करेंगे।
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प्रत्याशियों का बड़े नेताओं संग बनेगा वीडियो
भाजपा के आईटी सेल से जुड़े व युवा मोर्चा ब्रज प्रांत के उपाध्यक्ष निखिल माहेश्वरी ने बताया कि चुनाव में प्रत्याशियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गृहमंत्री अमित शाह जैसे बड़े नेताओं का एक वीडियो बनाया जाएगा। जिसे मतदाताओं तक ज्यादा से ज्यादा पहुंचाकर चुनाव प्रचार किया जाएगा। बड़े नेताओं के भाषण के साथ प्रत्याशियों का भी भाषण भी दिखाया जाएगा। मतदाताओं तक पहुंचने के लिए प्रत्याशियों का रूट चार्ट भी बनाया जाएगा। फेसबुक पर लाइव होकर भी प्रचार शुरू कर दिया गया है। सपा-रालोद, बसपा, आप समेत विभिन्न पार्टियों ने भी डिजिटल चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। प्रचार माध्यम को धार देने के लिए सोशल मीडिया विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
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चुनाव में सोशल मीडिया पर वर्चुअली प्रचार की निगरानी पुलिस के लिए बन रही चुनौती
विधानसभा चुनाव में मौजूदा समय में सोशल मीडिया पर प्रचार के लिए सबसे बड़ा माध्यम है, लेकिन इसी सोशल मीडिया के सहारे फर्जी सूचनाओं का प्रचार-प्रसार करके चुनाव को प्रभावित करने का भी प्रयास किया जा सकता है। ऐसे में चुनाव में सोशल मीडिया की निगरानी करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। वर्चुअली प्रचार के दुरुपयोग को रोकने के लिए पुलिस ने डिजिटल वालंटियर की तैनाती की है। पुलिस के साथ ही तकनीकी रूप से जानकार युवाओं को डिजिटल वालंटियर बनाया गया है। पुलिस की यह टीम चुनाव में फर्जी सूचनाओं का खंडन करने के साथ ही दुष्प्रचार को रोकने के लिए सक्रिय हो गई है। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की यह टीम निगरानी कर रही है। जो प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं उनके स्तर से सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाली जा रही हैं उनके पोस्ट के कंटेंट की भी मॉनीटरिंग करने के साथ ही उसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है। डिजिटल वालंटियर बनाने के लिए अफसरों और पुलिस कर्मियों को पूर्व में ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया चुका है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि डिजिटल वालंटियर की टीम बनाई गई है। इस टीम का प्रत्येक सदस्य सीधे उच्च अधिकारियों को जानकारी देगा। किसी भी भ्रामक सूचना, सामाजिक माहौल को खराब करने वाले संदेश के साथ ही अन्य द्वेषपूर्ण जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट में मीडिया अनुवीक्षण कमेटी भी सक्रिय हो गई है।