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कोहरे का कहर : बसों और ट्रेनों में मुश्किल हुआ सफर
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अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर सर्दी में ठिठुरते हुए ट्रेन आने का इंतजार करते यात्री।
- फोटो : CITY OFFICE
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सर्दी बढ़ने के साथ ही कोहरे का कहर शुरू हो गया है। यातायात पर भी असर देखने को मिल रहा है। कोहरे से ट्रेनों व रोडवेज बसों की रफ्तार कम हो रही है और उनकी लेटलतीफी शुरू हो गई है। इतना ही नहीं रेलवे ने कोहरे के चलते ट्रेनों को रद्द करना भी शुरू कर दिया है। घने कोहरे के चलते सोमवार को कई ट्रेनें एक घंटे से लेकर पांच घंटे तक की देरी से स्टेशन पर पहुंचीं। इससे यात्रियों को सफर में काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
रोडवेज बसों में रात में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा मानों पहाड़ चढ़ने जैसी हो गई है। बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे होने से अंदर घुसती सर्द हवाएं शरीर में सिहरन पैदा कर रही हैं और वे सफर में ठिठुरने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी महिला, बुजुर्ग, बच्चे व मरीजों को उठानी पड़ रही है। रोडवेज के अलीगढ़ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद परवेज खान ने बताया कि सभी बसों में टूटे शीशे बदलवाने के साथ ही खिड़की व दरवाजों की मरम्मत के साथ ही कोहरे से निपटने के लिए आल वेदर लाइटें लगवाई गई हैं। बसों का निरीक्षण कराकर मिलने वाली खामियों को दूर कराने के बाद ही उन्हें रूट पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। कोहरे में यात्रियों की संख्या को देखते हुए रात्रिकालीन बस सेवाओं की संख्या भी घटाई-बढ़ाई जाएगी।
स्टेशन पर नहीं ठंड से बचाव के उपाय
सुबह व रात के समय सर्दी का सितम बढ़ने लगा है, लेकिन ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। कोहरे के चलते ट्रेनों के देरी से चलने पर उनके स्टेशन पर आने का इंतजार करने वाले यात्रियों को टिकट घर के पास हॉल, यात्री प्रतीक्षालय व प्लेटफार्म पर खुले में ठिठुरते हुए देखा जा सकता है। अभी तक रेलवे के स्तर से यात्रियों को सर्दी से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। नगर निगम ने भी अलाव आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराई है।
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रोडवेज बसों में रात में सफर करने वाले यात्रियों की यात्रा मानों पहाड़ चढ़ने जैसी हो गई है। बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे होने से अंदर घुसती सर्द हवाएं शरीर में सिहरन पैदा कर रही हैं और वे सफर में ठिठुरने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी महिला, बुजुर्ग, बच्चे व मरीजों को उठानी पड़ रही है। रोडवेज के अलीगढ़ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद परवेज खान ने बताया कि सभी बसों में टूटे शीशे बदलवाने के साथ ही खिड़की व दरवाजों की मरम्मत के साथ ही कोहरे से निपटने के लिए आल वेदर लाइटें लगवाई गई हैं। बसों का निरीक्षण कराकर मिलने वाली खामियों को दूर कराने के बाद ही उन्हें रूट पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पर संबंधित पर कार्रवाई होगी। कोहरे में यात्रियों की संख्या को देखते हुए रात्रिकालीन बस सेवाओं की संख्या भी घटाई-बढ़ाई जाएगी।
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स्टेशन पर नहीं ठंड से बचाव के उपाय
सुबह व रात के समय सर्दी का सितम बढ़ने लगा है, लेकिन ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। कोहरे के चलते ट्रेनों के देरी से चलने पर उनके स्टेशन पर आने का इंतजार करने वाले यात्रियों को टिकट घर के पास हॉल, यात्री प्रतीक्षालय व प्लेटफार्म पर खुले में ठिठुरते हुए देखा जा सकता है। अभी तक रेलवे के स्तर से यात्रियों को सर्दी से बचाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। नगर निगम ने भी अलाव आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराई है।
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