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धनीपुर हवाई पट्टी से उड़ान में अवरोध बना मकान होगा ध्वस्त
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धनीपुर हवाई पट्टी से जहाजों की उड़ान में अवरोध बने एक मकान को ढहाया जाएगा। 13.27 लाख रुपया उक्त मकान की मालकिन को बतौर क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाएगा। प्रशासन स्तर पर इसकी सहमति बन गई है।
धनीपुर हवाई पट्टी को मिनी एयरपोर्ट के तौर पर उड़ान योजना के तहत विकसित करने का काम लगभग अंतिम चरण में है। अप्रैल के अंत तक यहां से उड़ान शुरू होने की संभावना है। इसके चलते जिला प्रशासन व नागरिक उड्डयन विभाग सभी अवरोध हटवाते हुए काम शत प्रतिशत पूरा कराने में जुटा है। उड़ान की राह में अवरोध के तौर पर सामने आए नौ मोबाइल टावर पहले ही हटाए जा चुके हैं।
बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए उनको 1.48 करोड़ रुपये भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा मोबाइल ट्रैफिक रोड के लिए 45 हजार, पेड़ हटाने के लिए वन विभाग को 78 हजार रुपये जारी हो चुके हैं। अब मकान जो कि खानगढ़ी गांव यानी हवाई पट्टी से सटे गांव में बना है, वह ढाई मंजिला है। जहाजों के उड़ान भरने या रनवे पर उतरने के समय हवाई पट्टी पायलट को स्पष्ट दिखे, इसके लिए इस मकान को गिराने की बात तय हुई है। इसके लिए मकान की मालकिन सर्वती देवी पत्नी रणवीर सिंह निवासी खानगढ़ी, पनैठी से सहमति बन गई है। उनके मकान को गिराने की एवज में जिला प्रशासन कोल तहसील के माध्यम से 1327544 रुपया बतौर क्षतिपूर्ति मुआवजा देगा। सिटी मजिस्ट्रेट/एयरपोर्ट प्रभारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वहां से बजट आने के बाद मकान को गिरा दिया जाएगा। जल्द से जल्द हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने की तैयारी है।
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आज सर्वेक्षण को आएगी टीम
धनीपुर हवाई पट्टी पर आज सुरक्षा संबंधी सर्वेक्षण के लिए टीम आएगी। इसमें नागरिक उड्डयन के क्षेत्रीय निदेशक, गृह मंत्रालय के अधिकारी, एयरपोर्ट निदेशक आगरा व अलीगढ़, नागरिक उड्डयन के सुरक्षा अधिकारी, जीएम सिक्योरिटी, एयरपोर्ट अथॉरिटी, नई दिल्ली आएंगे। धनीपुर हवाई पट्टी पर ही बैठक होगी। टीम पूरे एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी।
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धनीपुर हवाई पट्टी को मिनी एयरपोर्ट के तौर पर उड़ान योजना के तहत विकसित करने का काम लगभग अंतिम चरण में है। अप्रैल के अंत तक यहां से उड़ान शुरू होने की संभावना है। इसके चलते जिला प्रशासन व नागरिक उड्डयन विभाग सभी अवरोध हटवाते हुए काम शत प्रतिशत पूरा कराने में जुटा है। उड़ान की राह में अवरोध के तौर पर सामने आए नौ मोबाइल टावर पहले ही हटाए जा चुके हैं।
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बिजली विभाग की हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए उनको 1.48 करोड़ रुपये भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा मोबाइल ट्रैफिक रोड के लिए 45 हजार, पेड़ हटाने के लिए वन विभाग को 78 हजार रुपये जारी हो चुके हैं। अब मकान जो कि खानगढ़ी गांव यानी हवाई पट्टी से सटे गांव में बना है, वह ढाई मंजिला है। जहाजों के उड़ान भरने या रनवे पर उतरने के समय हवाई पट्टी पायलट को स्पष्ट दिखे, इसके लिए इस मकान को गिराने की बात तय हुई है। इसके लिए मकान की मालकिन सर्वती देवी पत्नी रणवीर सिंह निवासी खानगढ़ी, पनैठी से सहमति बन गई है। उनके मकान को गिराने की एवज में जिला प्रशासन कोल तहसील के माध्यम से 1327544 रुपया बतौर क्षतिपूर्ति मुआवजा देगा। सिटी मजिस्ट्रेट/एयरपोर्ट प्रभारी विनीत कुमार सिंह ने बताया कि इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वहां से बजट आने के बाद मकान को गिरा दिया जाएगा। जल्द से जल्द हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने की तैयारी है।
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आज सर्वेक्षण को आएगी टीम
धनीपुर हवाई पट्टी पर आज सुरक्षा संबंधी सर्वेक्षण के लिए टीम आएगी। इसमें नागरिक उड्डयन के क्षेत्रीय निदेशक, गृह मंत्रालय के अधिकारी, एयरपोर्ट निदेशक आगरा व अलीगढ़, नागरिक उड्डयन के सुरक्षा अधिकारी, जीएम सिक्योरिटी, एयरपोर्ट अथॉरिटी, नई दिल्ली आएंगे। धनीपुर हवाई पट्टी पर ही बैठक होगी। टीम पूरे एयरपोर्ट का निरीक्षण करेगी।