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Aligarh News: गणपति की भक्ति में डूबे श्रद्धालु, मंदिरों में हुए आयोजन
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गिलहराज हनुमान मंदिर में सांस्कृतिक कार्यकम में प्रस्तुति देते बच्चे।
- फोटो : samvad
शहर में गणेश चतुर्थी महोत्सव उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। विभिन्न मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान, भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अचलताल स्थित प्राचीन सिद्धपीठ गणेश मंदिर में महोत्सव के तहत संत विदाई के बाद दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारा हुआ। महंत विनयनाथ ने अन्न सेवा को सबसे बड़ी सेवा बताया। इस दौरान ललित वाष्र्णेय, रवि वर्मा, दीपक, लक्की और सूरज सैनी मौजूद रहे।
टीकाराम मंदिर में गणेश संस्कार एवं सामाजिक संस्था ने एक शाम श्री गणेश महिमा के नाम कार्यक्रम आयोजित किया। भजन गायक विष्णु की प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर गूंज उठा। वार्ष्णेय मंदिर में बिट्ठ गामा और मधु शर्मा ने भजन प्रस्तुत किए। अखलेश्वर महादेव मंदिर में महामंडलेश्वर आरती नंद गिरी ने युवाओं को संस्कारों से जुड़ने का संदेश दिया।
मंगलेश्वर महादेव मंदिर में बच्चों ने नृत्य और रूप सज्जा के साथ शंकर-पार्वती व राधा-कृष्ण की झांकियां सजाईं। गिलहराज जी हनुमान मंदिर में बच्चों ने ब्रज की पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य प्रस्तुत किए। महंत योगी कौशल नाथ ने संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया।
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अचलताल स्थित प्राचीन सिद्धपीठ गणेश मंदिर में महोत्सव के तहत संत विदाई के बाद दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारा हुआ। महंत विनयनाथ ने अन्न सेवा को सबसे बड़ी सेवा बताया। इस दौरान ललित वाष्र्णेय, रवि वर्मा, दीपक, लक्की और सूरज सैनी मौजूद रहे।
टीकाराम मंदिर में गणेश संस्कार एवं सामाजिक संस्था ने एक शाम श्री गणेश महिमा के नाम कार्यक्रम आयोजित किया। भजन गायक विष्णु की प्रस्तुतियों से मंदिर परिसर गूंज उठा। वार्ष्णेय मंदिर में बिट्ठ गामा और मधु शर्मा ने भजन प्रस्तुत किए। अखलेश्वर महादेव मंदिर में महामंडलेश्वर आरती नंद गिरी ने युवाओं को संस्कारों से जुड़ने का संदेश दिया।
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मंगलेश्वर महादेव मंदिर में बच्चों ने नृत्य और रूप सज्जा के साथ शंकर-पार्वती व राधा-कृष्ण की झांकियां सजाईं। गिलहराज जी हनुमान मंदिर में बच्चों ने ब्रज की पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य प्रस्तुत किए। महंत योगी कौशल नाथ ने संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया।
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