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Aligarh News: प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के जन्मकल्याणक महोत्सव में झूमे श्रद्धालु
Fri, 17 Mar 2023 01:12 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Fri, 17 Mar 2023 01:12 AM IST
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जन्मकल्याणक महोत्सव मानते जैन समाज के लोग।
- फोटो : samvad
महानगर के खिरनीगेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगंबर जैन मंदिर में बृहस्पतिवार को मुनि सेवा समिति युवा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ जन्मकल्याणक महोत्सव मे मनाया गया।
जैन विद्वानों ने कहा कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें जन्म से ही संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था। उन्हें ऋषभनाथ, ऋषभदेव, आदिब्रह्मा, पुरुदेव और वृषभदेव भी कहा जाता है। भगवान आदिनाथ के पुत्र का नाम भरत था। उन्हीं के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। जैन धर्म के प्रवर्तक ने सृष्टि को असि (सैनिक कार्य), मसि (लेखन कार्य), कृषि (खेती), विद्या, शिल्प (विविध वस्तुओं का निर्माण) और वाणिज्य-व्यापार के लिए प्रेरित किया। शुभारंभ प्रधानाचार्य अम्बुज जैन, प्राची जैन परिवार ने दीप जलाकर कर किया। संध्याकाल में मंदिर मे श्री भक्तामर स्तोत्र का पाठ एवं संगीतमय भजन संध्या, महाआरती एवं पालना झुलाना कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महिलाओं ने भगवान के जन्मोत्सव पर मंगल गीत बधाइयां गाईं।
कैसा सज रह्यो मेरो ललना झूला दे मैय्या, आयो जन्मकल्याणक महोत्सव झूम- झूम हम भक्ति करें .. आदि भजनों पर सभी श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। आयोजन में मुख्य रूप से प्रद्युम्न कुमार जैन, विजय कुमार जैन सेठ संस, मीडिया प्रभारी मयंक जैन, सत्यम जैन, ऋषभ जैन, अर्चित जैन, विधान जैन, गौरव जैन, केतन जैन, दक्ष जैन, लक्ष्य जैन, प्रकाश जैन, कुणाल जैन, रजनी जैन, पूर्वी जैन, एकता जैन आदि मौजूद रहे।
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जैन विद्वानों ने कहा कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें जन्म से ही संपूर्ण शास्त्रों का ज्ञान था। उन्हें ऋषभनाथ, ऋषभदेव, आदिब्रह्मा, पुरुदेव और वृषभदेव भी कहा जाता है। भगवान आदिनाथ के पुत्र का नाम भरत था। उन्हीं के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। जैन धर्म के प्रवर्तक ने सृष्टि को असि (सैनिक कार्य), मसि (लेखन कार्य), कृषि (खेती), विद्या, शिल्प (विविध वस्तुओं का निर्माण) और वाणिज्य-व्यापार के लिए प्रेरित किया। शुभारंभ प्रधानाचार्य अम्बुज जैन, प्राची जैन परिवार ने दीप जलाकर कर किया। संध्याकाल में मंदिर मे श्री भक्तामर स्तोत्र का पाठ एवं संगीतमय भजन संध्या, महाआरती एवं पालना झुलाना कार्यक्रम का आयोजन हुआ। महिलाओं ने भगवान के जन्मोत्सव पर मंगल गीत बधाइयां गाईं।
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कैसा सज रह्यो मेरो ललना झूला दे मैय्या, आयो जन्मकल्याणक महोत्सव झूम- झूम हम भक्ति करें .. आदि भजनों पर सभी श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। आयोजन में मुख्य रूप से प्रद्युम्न कुमार जैन, विजय कुमार जैन सेठ संस, मीडिया प्रभारी मयंक जैन, सत्यम जैन, ऋषभ जैन, अर्चित जैन, विधान जैन, गौरव जैन, केतन जैन, दक्ष जैन, लक्ष्य जैन, प्रकाश जैन, कुणाल जैन, रजनी जैन, पूर्वी जैन, एकता जैन आदि मौजूद रहे।
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