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सर्प दंश से मृत्यु पर आश्रितों को मिलेंगे चार लाख रुपये
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प्रदेश सरकार ने सर्प दंश को राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अब सर्प दंश से मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को चार लाख रुपये अहेतुक सहायता दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिये विसरा रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाएगा। यह सहायता एक सप्ताह के अंदर मृतक के परिजनों को दिए जाने के आदेश हैं। इस मामले में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने डीएम को पत्र जारी कर दिया है।
अब तक सर्प दंश से मौत राज्य आपदा की श्रेणी में नहीं थी। लेकिन बरसातों में सर्प दंश के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने नियमों में फेरबदल करते हुए सर्प दर्श से मौत को भी राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर सर्प दंश से मौत होने पर चार लाख रुपये अहेतुक सहायता एक सप्ताह के अंदर दिए जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मृत्यु को प्रमाणित करने के लिए मृतक की विसरा जांच फारेंसिक लैब भेजी जाती है। रिपोर्ट की प्रतीक्षा में आश्रितों को अहेतुक सहायता समय से उपलब्ध नहीं मिल पाती है।
फोरेंसिक स्टेट लीगल सेल के अनुसार सर्पदंश के प्रकरणों में विसरा रिपोर्ट को प्रिजर्व करने का कोई औचित्य नहीं है। रिपोर्ट में सर्पदंश से मृत्यु प्रमाणित भी नहीं होती है। स्टेट मेडिको लीगल सेेल के परामर्श के क्रम में सर्पदंश से मृत्यु की दशा में विसरा जांच रिपोर्ट की कोई प्रासंगिकता न होने के कारण इसका औचित्य नहीं है। मृतक का पंचनामा कराया जाए, पोस्टमार्टम भी कराया जाए। पोस्टमार्टम के बाद मृतक की विसरा रिपोर्ट संरक्षित रखने की आवश्यकता नहीं है। मृतक के परिजनों को एक सप्ताह के अंदर हर हाल में चार लाख रुपये की अहेतुक सहायता उपलब्ध करा दी जाए।
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एक साल में आए 17 मामले, तीन की मौत
अलीगढ़। मलखान सिंह जिला अस्पताल के रिकार्ड के मुताबिक जिले में सर्प दंश के एक साल में 17 मामले सामने आये हैं। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है। लेकिन विसरा रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाने के कारण किसी को भी मुआवजा नहीं मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बार सर्प दंश से मृत्यु प्रमाणित नहीं होती थी। इस वजह से मृतक को प्रावधान होते हुए भी चार लाख रुपये आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही थी। शासन ने नियमों में बदलाव कर विसरा रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब सर्प दंश से मौत होने पर एक सप्ताह के अंदर उनके आश्रितों को चार लाख रुपया अहेतुक सहायता प्रदान की जाएगी।
देवी प्रसाद पाल, एडीएम प्रशासन
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अब तक सर्प दंश से मौत राज्य आपदा की श्रेणी में नहीं थी। लेकिन बरसातों में सर्प दंश के मामले बढ़ने के बाद सरकार ने नियमों में फेरबदल करते हुए सर्प दर्श से मौत को भी राज्य आपदा घोषित कर दिया है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर सर्प दंश से मौत होने पर चार लाख रुपये अहेतुक सहायता एक सप्ताह के अंदर दिए जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मृत्यु को प्रमाणित करने के लिए मृतक की विसरा जांच फारेंसिक लैब भेजी जाती है। रिपोर्ट की प्रतीक्षा में आश्रितों को अहेतुक सहायता समय से उपलब्ध नहीं मिल पाती है।
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फोरेंसिक स्टेट लीगल सेल के अनुसार सर्पदंश के प्रकरणों में विसरा रिपोर्ट को प्रिजर्व करने का कोई औचित्य नहीं है। रिपोर्ट में सर्पदंश से मृत्यु प्रमाणित भी नहीं होती है। स्टेट मेडिको लीगल सेेल के परामर्श के क्रम में सर्पदंश से मृत्यु की दशा में विसरा जांच रिपोर्ट की कोई प्रासंगिकता न होने के कारण इसका औचित्य नहीं है। मृतक का पंचनामा कराया जाए, पोस्टमार्टम भी कराया जाए। पोस्टमार्टम के बाद मृतक की विसरा रिपोर्ट संरक्षित रखने की आवश्यकता नहीं है। मृतक के परिजनों को एक सप्ताह के अंदर हर हाल में चार लाख रुपये की अहेतुक सहायता उपलब्ध करा दी जाए।
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एक साल में आए 17 मामले, तीन की मौत
अलीगढ़। मलखान सिंह जिला अस्पताल के रिकार्ड के मुताबिक जिले में सर्प दंश के एक साल में 17 मामले सामने आये हैं। इनमें से तीन की मौत हो चुकी है। लेकिन विसरा रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाने के कारण किसी को भी मुआवजा नहीं मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बार सर्प दंश से मृत्यु प्रमाणित नहीं होती थी। इस वजह से मृतक को प्रावधान होते हुए भी चार लाख रुपये आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही थी। शासन ने नियमों में बदलाव कर विसरा रिपोर्ट की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब सर्प दंश से मौत होने पर एक सप्ताह के अंदर उनके आश्रितों को चार लाख रुपया अहेतुक सहायता प्रदान की जाएगी।
देवी प्रसाद पाल, एडीएम प्रशासन