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कागजों पर दौड़ाए जा रहे डेंगू रोकथाम के घोड़े
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मलखान सिंह जिला अस्पताल के वार्ड में उपचार कराते मरीज ।संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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कहने को मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए बारिश शुरू होने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग हाथ पैर मार रहा है। तमाम जागरूकता अभियान चलाए गए। फॉगिंग व सफाई के लिए पत्राचार किया गया, मगर न तो डेंगू की दस्तक रोक पाए और न अब उसका फैलाव रुक पा रहा। एक माह में अब तक डेंगू के 20 मरीज सामने आने के बाद भी अधिकारी सब ठीक ठाक का राग अलाप रहे हैं।
शहर के सरकारी और गांव-देहात के अस्पतालों व निजी डॉक्टरों के यहां मरीजों की भीड़ गवाही दे रही है कि मच्छर जनित बीमारियां अपना असर दिखा रही हैं। शनिवार को जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में 1700-1700 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें सर्वाधिक वायरल बुखार जैसी बीमारियों से ग्रस्त थे, जिन्हें उपचार के लिए घंटों कतार में लगना पड़ा।
डेंगू को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होने की बात कह रहा है। स्वीकार कर रहा कि अब तक 20 मरीज मिले हैं, जिसमें एएमयू का एक छात्र अपने घर बिहार चला गया। बाकी चिंताजनक कोई बात नहीं है। लगातार लोगों से सफाई का ध्यान रखने और जागरूक रहने की बात कही जा रही है।
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जिला मलेरिया अधिकारी की अगुवाई में शनिवार को टीमों ने समस्तपुर हरदुआगंज, ग्राम चांदगढ़ी छर्रा, ग्राम सूरतगढ़ भवीगड़, घरबरा टप्पल में निरोधात्मक कार्रवाई की। सर्वे कर लार्वा धनात्मक पात्रों का निस्तारण किया। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया।
नगरीय टीम ने रघुवीर पूरी, सराय हकीम, केला नगर, रंग महल, लोधी नगर, मौलाना आजाद नगर, बेगम बाग, जीवनगढ़, भुजपुरा में घर-घर सर्वे किया। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी का कहना है कि टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को जागरूक रहने व सफाई का ध्यान रखने की जरूरत है।
ये रोगी आ रहे अधिक
दोनों जिला अस्पतालों की ओपीडी में वायरल, खांसी, आंखों की बीमारी, चर्म रोग, सहित टॉयफायड जैसी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। मरीजों के शरीर में दर्द, सिर में दर्द व तिल्लियों में भी दर्द रहता है। लगभग पंद्रह दिनों तक मरीज को नियमित दवाई लेनी होती है।
ओपीडी और डिस्पेंसरी में भीड़
दोनों अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की सर्वाधिक भीड़ है। इसके अलावा दवा के लिए डिस्पेंसरी में भी लाइन लगी रहती है। स्थिति ये है कि डिस्पेंसरी में दवा का भंडार तीन से चार दिन में ही निपट रहा है।
कुत्ता-बंदर काटे की घटनाएं बढ़ीं
बारिश के चलते इन दिनों कुत्ता व बंदर द्वारा काटे जाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। हर दिन लगभग 60 मरीज टीका लगवाने आ रहे हैं। इंजेक्शन वार्ड की डॉ. काजल ने बताया कि रेबीज खतरनाक बीमारी है, समय से टीका न लेने पर मरीज पागल अथवा उसकी मौत भी हो सकती है। मरीज को चार टीके लगाए जाते हैं ताकि संक्रमण न फैले।
सिर में दर्द रहता है, पिछले एक महीने से दवा खा रही हूं मगर कोई फायदा नहीं हो रहा है। -पूजा, मरीज
पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा है, चक्कर और घबराहट होती है। -सरोज, मरीज
कई दिनों से उल्टी-दस्त है। भीड़ होने के कारण पर्चा बनवाने में बहुत परेशानी हो रही है। -शमीमा , मरीज
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शहर के सरकारी और गांव-देहात के अस्पतालों व निजी डॉक्टरों के यहां मरीजों की भीड़ गवाही दे रही है कि मच्छर जनित बीमारियां अपना असर दिखा रही हैं। शनिवार को जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में 1700-1700 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें सर्वाधिक वायरल बुखार जैसी बीमारियों से ग्रस्त थे, जिन्हें उपचार के लिए घंटों कतार में लगना पड़ा।
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डेंगू को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग अलर्ट होने की बात कह रहा है। स्वीकार कर रहा कि अब तक 20 मरीज मिले हैं, जिसमें एएमयू का एक छात्र अपने घर बिहार चला गया। बाकी चिंताजनक कोई बात नहीं है। लगातार लोगों से सफाई का ध्यान रखने और जागरूक रहने की बात कही जा रही है।
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जिला मलेरिया अधिकारी की अगुवाई में शनिवार को टीमों ने समस्तपुर हरदुआगंज, ग्राम चांदगढ़ी छर्रा, ग्राम सूरतगढ़ भवीगड़, घरबरा टप्पल में निरोधात्मक कार्रवाई की। सर्वे कर लार्वा धनात्मक पात्रों का निस्तारण किया। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया।
नगरीय टीम ने रघुवीर पूरी, सराय हकीम, केला नगर, रंग महल, लोधी नगर, मौलाना आजाद नगर, बेगम बाग, जीवनगढ़, भुजपुरा में घर-घर सर्वे किया। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी का कहना है कि टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों को जागरूक रहने व सफाई का ध्यान रखने की जरूरत है।
ये रोगी आ रहे अधिक
दोनों जिला अस्पतालों की ओपीडी में वायरल, खांसी, आंखों की बीमारी, चर्म रोग, सहित टॉयफायड जैसी बीमारियों के मरीज आ रहे हैं। मरीजों के शरीर में दर्द, सिर में दर्द व तिल्लियों में भी दर्द रहता है। लगभग पंद्रह दिनों तक मरीज को नियमित दवाई लेनी होती है।
ओपीडी और डिस्पेंसरी में भीड़
दोनों अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की सर्वाधिक भीड़ है। इसके अलावा दवा के लिए डिस्पेंसरी में भी लाइन लगी रहती है। स्थिति ये है कि डिस्पेंसरी में दवा का भंडार तीन से चार दिन में ही निपट रहा है।
कुत्ता-बंदर काटे की घटनाएं बढ़ीं
बारिश के चलते इन दिनों कुत्ता व बंदर द्वारा काटे जाने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। हर दिन लगभग 60 मरीज टीका लगवाने आ रहे हैं। इंजेक्शन वार्ड की डॉ. काजल ने बताया कि रेबीज खतरनाक बीमारी है, समय से टीका न लेने पर मरीज पागल अथवा उसकी मौत भी हो सकती है। मरीज को चार टीके लगाए जाते हैं ताकि संक्रमण न फैले।
सिर में दर्द रहता है, पिछले एक महीने से दवा खा रही हूं मगर कोई फायदा नहीं हो रहा है। -पूजा, मरीज
पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा है, चक्कर और घबराहट होती है। -सरोज, मरीज
कई दिनों से उल्टी-दस्त है। भीड़ होने के कारण पर्चा बनवाने में बहुत परेशानी हो रही है। -शमीमा , मरीज