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डिफेंस कॉरिडोर : मार्च के बाद शुरू होगा हथियार निर्माण
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दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाले पलवल मार्ग पर विकास का जो सपना देखा गया था, वह जल्द पूरा होता दिख रहा है। अंडला गांव में विकसित हो रहे डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड में मार्च 2023 के बाद अमेरिकी तकनीक आधारित हथियार और ड्रोन उत्पाद बनना शुरू हो जाएंगे।
इसके लिए दो कंपनियों का निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है। वेरीविन डिफेंस इंडस्ट्री का प्रयास है कि वह उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरीडोर में सबसे पहले उत्पादन देने वाली इंडस्ट्री बने। बाकी अन्य कंपनियों ने भी नक्शा आदि पास कराने की कवायद तेज कर दी है और सभी का प्रयास है कि जल्द से जल्द वे अपना-अपना निर्माण कार्य शुरू करा दें।
देश के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रदेश के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष रखी गई थी और उसके साथ ही प्रथम चरण का काम शुरू हो गया। यहां सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युतघर आदि का निर्माण पूरा कराने के साथ-साथ सभी उद्यमियों को कब्जा दिला दिया गया है।
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पिछले दिनों डीएम ने इस संबंध में बैठक कर कार्ययोजना बनाई है कि जल्द फैक्टरी निर्माण शुरू हो। संभव है कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय उनकी आधारशिला यहां रखवाई जाए। इसी दिशा में दो फैक्टरी बननी शुरू हो गई हैं।
प्रयास है कि सबसे पहले हम शुरू करें उत्पादन : मोहित शर्मा
डिफेंस कॉरिडोर के निवेशक व प्रदेश की प्रमुख वेरीविन डिफेंस इंडस्ट्री के निदेशक मोहित शर्मा बताते हैं कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया, जिसने अब गति पकड़ ली है। प्रयास है कि हमारी कंपनी यूपी डिफेंस कॉरिडोर में पहली उत्पादक कंपनी बने।
मार्च 2023 तक हमने अलीगढ़ नोड में फैक्टरी निर्माण का लक्ष्य रखा है। सब ठीक रहा तो उसके बाद उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। अगस्त में विश्व की शीर्ष हथियार निर्माता अमेरिकन कंपनी स्मिथ एंड वैसन से करार किया है।
उसकी तकनीक आधारित पब्लिक बोर के पिस्टल, रिवाल्वर, कारतूस व पुलिस बोर के हथियार बनाएंगे। ये भारतीय बाजार में लोकप्रिय होंगे और भारतीय ग्राहक अत्याधुनिक हथियार खरीद सकेंगे। इसकी 1911 पिस्टल बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा सेना की रायफल व कार्बाइन पर भी काम चल रहा है।
- हमारी इंडस्ट्री का निर्माण भी शुरू हो गया है। हम अपने यहां ड्रोन उत्पाद बनाएंगे। प्रयास है कि बहुत जल्द वहां निर्माण पूरा हो और उसके बाद उत्पादन शुरू किया जाए। धीरे-धीरे अन्य उद्यमी भी नक्शा आदि की औपचारिकताओं के बाद निर्माण शुरू कराने के प्रयास में हैं। - धनजीत वाडरा निर्यातक/एलन एलवन
ये हैं 19 कंपनियां
- एंकर रिसर्च लैब, एलन एंड एलवन प्रा. लि., पीबीएम इंश्योलुसंस प्रा.लि., नित्या क्रियेशन इंडिया, दीप एक्सप्लो इक्यूपमेंट्स इंडिया लि., श्रद्धा उद्योग, प्रिकिंशन प्रोडक्ट, पी-2 लॉजीटेक प्रा.लि., श्री जय साईं अनु, कोबरा इंडस्ट्री, न्यू स्पेश रिसर्च एंड टेकभनालॉजी, वेरीविन डिफेंस प्रा.लि. के दो प्लॉट, एडवांस फायर एंड सेफ्टी, नवराज मैटल वर्क्स, ट्रैक ट्रिक ऑप्टो डायनमिक, क्रिमशन एनर्जी एक्सपर्ट प्रा.लि., सिंडिकेट इंटरनेशनल, मिल्कॉर डिफेंस प्रा.लि., रॉयल सेल्स प्रा.लि.।
परियोजना एक नहर में
- 04 साल पहले अंडला में कारिडोर की घोषणा की गई
- 12 किलो मीटर दूर जिला मुख्यालय से है गांव अंडला
- 400 हेक्टेअर क्षेत्र में कारिडोर स्थापित किया गया है
- 6000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान चार चरणों में है
- 100 हेक्टेअर जमीन पहले चरण में की गई है आवंटित
- 1500 करोड़ से ज्यादा का निवेश पहले चरण में है तय
- 19 कंपनियां स्थापित करेंगी 20 फैक्टरी
- 2024 तक इसे पूरी तरह विकसित करने का है लक्ष्य
- 10 हजार लोगों को इस परियोजना में रोजगार भी मिलेगा
- 400 करोड़ से अधिक का निवेश मिला एमएसएमई क्षेत्र से
- 19 निवेशकों को भूमि आवंटित कर दिया गया है कब्जा
- 2000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव जिले के उद्यमियों ने रखा
- 50 किमी दूर होगा कारिडोर से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
- 140 किमी दूर है कारिडोर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी
- 16 किमी धनीपुर हवाई अड्डा इस परियोजना से दूरी पर
- 14 किमी रेलवे स्टेशन भी इस परियोजना से दूरी पर है
- 100 से अधिक कलपुर्जे पहले से ही बनते हैं अलीगढ़ में
- 6 कारोबारी जिले के पहले से जुड़े हुए हैं रक्षा मंत्रालय से
- 4 फैक्ट्रियों में अपने शहर में भी बनाए जा रहे हैं कलपुर्जे
- 350 तरह के कलपुर्जे अभी अलीगढ़ में तैयार किए जाते हैं
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इसके लिए दो कंपनियों का निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है। वेरीविन डिफेंस इंडस्ट्री का प्रयास है कि वह उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरीडोर में सबसे पहले उत्पादन देने वाली इंडस्ट्री बने। बाकी अन्य कंपनियों ने भी नक्शा आदि पास कराने की कवायद तेज कर दी है और सभी का प्रयास है कि जल्द से जल्द वे अपना-अपना निर्माण कार्य शुरू करा दें।
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देश के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आधारशिला प्रदेश के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष रखी गई थी और उसके साथ ही प्रथम चरण का काम शुरू हो गया। यहां सड़क, पेयजल आपूर्ति, विद्युतघर आदि का निर्माण पूरा कराने के साथ-साथ सभी उद्यमियों को कब्जा दिला दिया गया है।
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पिछले दिनों डीएम ने इस संबंध में बैठक कर कार्ययोजना बनाई है कि जल्द फैक्टरी निर्माण शुरू हो। संभव है कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय उनकी आधारशिला यहां रखवाई जाए। इसी दिशा में दो फैक्टरी बननी शुरू हो गई हैं।
प्रयास है कि सबसे पहले हम शुरू करें उत्पादन : मोहित शर्मा
डिफेंस कॉरिडोर के निवेशक व प्रदेश की प्रमुख वेरीविन डिफेंस इंडस्ट्री के निदेशक मोहित शर्मा बताते हैं कि ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया, जिसने अब गति पकड़ ली है। प्रयास है कि हमारी कंपनी यूपी डिफेंस कॉरिडोर में पहली उत्पादक कंपनी बने।
मार्च 2023 तक हमने अलीगढ़ नोड में फैक्टरी निर्माण का लक्ष्य रखा है। सब ठीक रहा तो उसके बाद उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। अगस्त में विश्व की शीर्ष हथियार निर्माता अमेरिकन कंपनी स्मिथ एंड वैसन से करार किया है।
उसकी तकनीक आधारित पब्लिक बोर के पिस्टल, रिवाल्वर, कारतूस व पुलिस बोर के हथियार बनाएंगे। ये भारतीय बाजार में लोकप्रिय होंगे और भारतीय ग्राहक अत्याधुनिक हथियार खरीद सकेंगे। इसकी 1911 पिस्टल बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा सेना की रायफल व कार्बाइन पर भी काम चल रहा है।
- हमारी इंडस्ट्री का निर्माण भी शुरू हो गया है। हम अपने यहां ड्रोन उत्पाद बनाएंगे। प्रयास है कि बहुत जल्द वहां निर्माण पूरा हो और उसके बाद उत्पादन शुरू किया जाए। धीरे-धीरे अन्य उद्यमी भी नक्शा आदि की औपचारिकताओं के बाद निर्माण शुरू कराने के प्रयास में हैं। - धनजीत वाडरा निर्यातक/एलन एलवन
ये हैं 19 कंपनियां
- एंकर रिसर्च लैब, एलन एंड एलवन प्रा. लि., पीबीएम इंश्योलुसंस प्रा.लि., नित्या क्रियेशन इंडिया, दीप एक्सप्लो इक्यूपमेंट्स इंडिया लि., श्रद्धा उद्योग, प्रिकिंशन प्रोडक्ट, पी-2 लॉजीटेक प्रा.लि., श्री जय साईं अनु, कोबरा इंडस्ट्री, न्यू स्पेश रिसर्च एंड टेकभनालॉजी, वेरीविन डिफेंस प्रा.लि. के दो प्लॉट, एडवांस फायर एंड सेफ्टी, नवराज मैटल वर्क्स, ट्रैक ट्रिक ऑप्टो डायनमिक, क्रिमशन एनर्जी एक्सपर्ट प्रा.लि., सिंडिकेट इंटरनेशनल, मिल्कॉर डिफेंस प्रा.लि., रॉयल सेल्स प्रा.लि.।
परियोजना एक नहर में
- 04 साल पहले अंडला में कारिडोर की घोषणा की गई
- 12 किलो मीटर दूर जिला मुख्यालय से है गांव अंडला
- 400 हेक्टेअर क्षेत्र में कारिडोर स्थापित किया गया है
- 6000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान चार चरणों में है
- 100 हेक्टेअर जमीन पहले चरण में की गई है आवंटित
- 1500 करोड़ से ज्यादा का निवेश पहले चरण में है तय
- 19 कंपनियां स्थापित करेंगी 20 फैक्टरी
- 2024 तक इसे पूरी तरह विकसित करने का है लक्ष्य
- 10 हजार लोगों को इस परियोजना में रोजगार भी मिलेगा
- 400 करोड़ से अधिक का निवेश मिला एमएसएमई क्षेत्र से
- 19 निवेशकों को भूमि आवंटित कर दिया गया है कब्जा
- 2000 करोड़ निवेश का प्रस्ताव जिले के उद्यमियों ने रखा
- 50 किमी दूर होगा कारिडोर से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
- 140 किमी दूर है कारिडोर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी
- 16 किमी धनीपुर हवाई अड्डा इस परियोजना से दूरी पर
- 14 किमी रेलवे स्टेशन भी इस परियोजना से दूरी पर है
- 100 से अधिक कलपुर्जे पहले से ही बनते हैं अलीगढ़ में
- 6 कारोबारी जिले के पहले से जुड़े हुए हैं रक्षा मंत्रालय से
- 4 फैक्ट्रियों में अपने शहर में भी बनाए जा रहे हैं कलपुर्जे
- 350 तरह के कलपुर्जे अभी अलीगढ़ में तैयार किए जाते हैं