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एएमयू के विधि संकाय के डीन प्रो. समदानी का कोरोना से निधन
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के प्रसिद्ध व्याख्याता और विधि संकाय के डीन प्रोफेसर शकील अहमद समदानी का शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के चलते निधन हो गया। वह साठ वर्ष के थे। वह पिछले कई दिनों से जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन थे।
उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि प्रोफेसर समदानी एक लोकप्रिय शिक्षक थे। उनकी मौत से सभी को दुख पहुंचा है। कुलपति ने शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मृत्यु मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
प्रोफेसर समदानी एएमयू ईसी, एएमयू कोर्ट और शैक्षणिक परिषद के सदस्य रहे हैं। वह विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी (राजपत्रित), सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक, एएमयू केंद्रों के नोडल अधिकारी और विधि विभाग के प्रमुख भी रहे हैं। प्रोफेसर समदानी फैमिली लॉ, पब्लिक इंटरनेशनल लॉ, ह्यूमन राइट्स, इस्लामिक लीगल सिस्टम एंड कॉन्स्टीट्यूशनल लॉ ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ थे।
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उन्होंने यूनिफार्म सिविल कोड और मुस्लिम तलाक के लिए निर्वाह भत्ता पर किताबें लिखीं। इसके अतिरिक्त, वह दो पुस्तकों पर काम कर रहे थे। उन्होंने मानक पत्रिकाओं में लेख भी लिखे। उनको कई पुरस्कार भी मिले और उनके लेख देश-विदेश के नामचीन अखबारों में भी प्रकाशित हुए। उन्हें टीवी बहस के लिए भी आमंत्रित किया जाता था।
प्रोफेसर समदानी ने देश और विदेश में एएमयू के सांस्कृतिक जीवन का प्रतिनिधित्व किया। वह बेहतरीन वक्ता थे और श्रोताओं पर गहरा प्रभाव डालते थे। एक दिन पहले शुक्रवार को लॉ फैकल्टी के पूर्व डीन और कार्यवाहक कुलपति रहे प्रोफेसर शब्बीर अहमद का निधन हुआ था। साथ ही एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन फैकल्टी के चेयरमैन प्रोफेसर शादाब खान की भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते हो गई थी। शिक्षकों के लगातार हो रहे निधन से विश्वविद्यालय समुदाय स्तब्ध है।
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उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि प्रोफेसर समदानी एक लोकप्रिय शिक्षक थे। उनकी मौत से सभी को दुख पहुंचा है। कुलपति ने शोक संतृप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मृत्यु मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है।
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प्रोफेसर समदानी एएमयू ईसी, एएमयू कोर्ट और शैक्षणिक परिषद के सदस्य रहे हैं। वह विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी (राजपत्रित), सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक, एएमयू केंद्रों के नोडल अधिकारी और विधि विभाग के प्रमुख भी रहे हैं। प्रोफेसर समदानी फैमिली लॉ, पब्लिक इंटरनेशनल लॉ, ह्यूमन राइट्स, इस्लामिक लीगल सिस्टम एंड कॉन्स्टीट्यूशनल लॉ ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ थे।
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उन्होंने यूनिफार्म सिविल कोड और मुस्लिम तलाक के लिए निर्वाह भत्ता पर किताबें लिखीं। इसके अतिरिक्त, वह दो पुस्तकों पर काम कर रहे थे। उन्होंने मानक पत्रिकाओं में लेख भी लिखे। उनको कई पुरस्कार भी मिले और उनके लेख देश-विदेश के नामचीन अखबारों में भी प्रकाशित हुए। उन्हें टीवी बहस के लिए भी आमंत्रित किया जाता था।
प्रोफेसर समदानी ने देश और विदेश में एएमयू के सांस्कृतिक जीवन का प्रतिनिधित्व किया। वह बेहतरीन वक्ता थे और श्रोताओं पर गहरा प्रभाव डालते थे। एक दिन पहले शुक्रवार को लॉ फैकल्टी के पूर्व डीन और कार्यवाहक कुलपति रहे प्रोफेसर शब्बीर अहमद का निधन हुआ था। साथ ही एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन फैकल्टी के चेयरमैन प्रोफेसर शादाब खान की भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते हो गई थी। शिक्षकों के लगातार हो रहे निधन से विश्वविद्यालय समुदाय स्तब्ध है।