{"_id":"5f6273b98ebc3e98140b23e5","slug":"data-on-road-accidents-will-be-prepared-on-the-lines-of-tamil-nadu-city-office-news-ali243991938","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमिलनाडु की तर्ज पर तैयार होगा सड़क हादसों का डेटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तमिलनाडु की तर्ज पर तैयार होगा सड़क हादसों का डेटा
विज्ञापन
सड़कों पर होने वाले हादसों का अब तमिलनाडु की तर्ज पर इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) एप पर दर्ज होगा। छोटे से छोटे हादसे भी इसमें दर्ज किए जाएंगे। इसका मकसद सड़क हादसों की वजह का पता लगाकर हादसों पर रोक लगाना है।
आईआरएडी एप में पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी अपने-अपने कामकाज के आधार पर जानकारी दर्ज करेगा। इस जानकारी के आधार पर शासन की एक टीम हादसों के कारणों पर रिसर्च करेगी। हादसे रोकने के लिए योजना बनाएगी। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन के अनुसार इस एप को लेकर परिवहन आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए निर्देश दिए थे। अलीगढ़ में एप का ट्रायल शुरू हो गया है। परिवहन विभाग, पुलिस, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी की अलग-अलग आईडी व पासवर्ड बनाए गए हैं। सभी अपने-अपने स्तर से जानकारी ट्रायल के तौर पर भेज रहे हैं।
यह भरनी होगी जानकारी
डेटाबेस तैयार करने के लिए एप में हादसे का दिन, तारीख, समय, मृत्यु अथवा घायल, दिन अथवा रात, प्राकृतिक रोशनी, घायल या मृत व्यक्ति का व्यवसाय, हादसे में नुकसान, क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या, एफआईआर नंबर, जांच अधिकारी का नाम, सड़क का नाम, घटनास्थल का लैंडमार्क, सड़क की स्थिति, वाहन व चालक की पूरी जानकारी भरनी होगी। सभी बिंदुओं पर पूरी रिसर्च होगी।
विज्ञापन
जिले में सड़क हादसों में हुई मौत
माह हादसे घायल मौत
मार्च 81 84 47
अप्रैल 23 12 18
मई 51 47 33
जून 72 75 43
जुलाई 63 47 43
अगस्त 77 60 44
जिले में दुर्घटना बहुल स्थान
खेरेश्वर चौराहा, मथुरा बाईपास रोड पर फ्लाईओवर के नीचे का मार्ग, मथुरा रोड, बौनेर तिराहा, मेहरावल कट, चूहरपुर कट, गभाना कट, टमकोली मोड़, मडराक टोल, मडराक कस्बा, कोठिया मोड़, हासिमपुर गांव का मोड़, अहिल्याबाई स्टेडियम के सामने रामघाट रोड, बरौठा नहर, हरदुआगंज, बरौठा गांव निकट फौजी ढाबा, पैठ चौराहा अतरौली, मढौली-रजावाह अतरौली, अतरौली-पालीमुकीमपुर-छर्रा तिराहा, औरेनी गांव अतरौली, पनैठी-कासगंज मार्ग, हिदरामई गंगीरी, कसेरी गांव गंगीरी, शेखाझील पुलिया।
विज्ञापन
आईआरएडी एप में पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी अपने-अपने कामकाज के आधार पर जानकारी दर्ज करेगा। इस जानकारी के आधार पर शासन की एक टीम हादसों के कारणों पर रिसर्च करेगी। हादसे रोकने के लिए योजना बनाएगी। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन के अनुसार इस एप को लेकर परिवहन आयुक्त ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए निर्देश दिए थे। अलीगढ़ में एप का ट्रायल शुरू हो गया है। परिवहन विभाग, पुलिस, एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी की अलग-अलग आईडी व पासवर्ड बनाए गए हैं। सभी अपने-अपने स्तर से जानकारी ट्रायल के तौर पर भेज रहे हैं।
विज्ञापन
यह भरनी होगी जानकारी
डेटाबेस तैयार करने के लिए एप में हादसे का दिन, तारीख, समय, मृत्यु अथवा घायल, दिन अथवा रात, प्राकृतिक रोशनी, घायल या मृत व्यक्ति का व्यवसाय, हादसे में नुकसान, क्षतिग्रस्त वाहनों की संख्या, एफआईआर नंबर, जांच अधिकारी का नाम, सड़क का नाम, घटनास्थल का लैंडमार्क, सड़क की स्थिति, वाहन व चालक की पूरी जानकारी भरनी होगी। सभी बिंदुओं पर पूरी रिसर्च होगी।
विज्ञापन
जिले में सड़क हादसों में हुई मौत
माह हादसे घायल मौत
मार्च 81 84 47
अप्रैल 23 12 18
मई 51 47 33
जून 72 75 43
जुलाई 63 47 43
अगस्त 77 60 44
जिले में दुर्घटना बहुल स्थान
खेरेश्वर चौराहा, मथुरा बाईपास रोड पर फ्लाईओवर के नीचे का मार्ग, मथुरा रोड, बौनेर तिराहा, मेहरावल कट, चूहरपुर कट, गभाना कट, टमकोली मोड़, मडराक टोल, मडराक कस्बा, कोठिया मोड़, हासिमपुर गांव का मोड़, अहिल्याबाई स्टेडियम के सामने रामघाट रोड, बरौठा नहर, हरदुआगंज, बरौठा गांव निकट फौजी ढाबा, पैठ चौराहा अतरौली, मढौली-रजावाह अतरौली, अतरौली-पालीमुकीमपुर-छर्रा तिराहा, औरेनी गांव अतरौली, पनैठी-कासगंज मार्ग, हिदरामई गंगीरी, कसेरी गांव गंगीरी, शेखाझील पुलिया।